फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Jagdish Singh Jhinda reached Gurdwara Chhathi Patshahi in Kurukshetra

Kurukshetra: कुरुक्षेत्र पहुंचे जगदीश झींडा, कहा-मेरी कमेटी सरकारी कमेटी से बड़ी, सम्मान नहीं कम होने दूंगा

Mon, 06 Feb 2023 03:22 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 06 Feb 2023 03:22 PM IST
सार

जगदीश झींडा ने कहा कि सरकारी कमेटी में 38 तो उनकी कमेटी में 41 सदस्य है। वे चाहते हैं कि दोनों ही कमेटी के सदस्यों को सिख एक नजर से देखें और दोनों कमेटी का सम्मान बना रहे। इसके लिए वे अपनी कमेटी के एक-एक सदस्य को मनाने के लिए तैयार है।

विज्ञापन
Jagdish Singh Jhinda reached Gurdwara Chhathi Patshahi in Kurukshetra
कुरुक्षेत्र में पत्रकारों से बात करते जगदीश झींडा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।

विस्तार

हरियाणा में अलग गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के लिए संघर्ष करते रहे जगदीश सिंह झींडा सोमवार को कुरुक्षेत्र में गुरुद्वारा छठी पातशाही पहुंचे। यहां उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रदेश की अलग कमेटी के विरोध में एसजीपीसी की ओर से लगाई गई पुनर्विचार याचिका रद्द कर दिए जाने के बाद बने माहौल पर अपनी कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक की। इसके बाद पत्रकारों से चर्चा में उन्होंने कहा कि प्रदेश के सिखों को एकजुट करने के लिए मैं कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हूं। गेंद सरकारी कमेटी के प्रधान बाबा कर्मजीत सिंह के पाले में हैं। अब आगे उन्हें कदम बढ़ाना चाहिए। मैं हर समझौते के लिए तैयार हूं, लेकिन मेरी कमेटी सरकारी कमेटी से बड़ी है और अपनी कमेटी का सम्मान भी नहीं कम होने दूंगा।

विज्ञापन


झींडा ने कहा कि वे यमुनानगर में एक शादी समारोह में बाबा कर्मजीत सिंह से मिले थे और उन्होंने बाबा कर्मजीत को ऑफर दी थी कि वे प्रदेश के सिखों को एकजुट करना चाहते हैं, इसके लिए वे कोई भी कुर्बानी देने को तैयार है। इस पर बाबा कर्मजीत का रुख भी सकारात्मक रहा। अब बाबा कर्मजीत सिंह की ओर से अगला कदम उठाने की इंतजार है। जिसके बाद एक बार फिर कमेटी के सभी सदस्यों के साथ बैठक की जाएगी और अपनी कमेटी का मान सम्मान बरकरार रखने के लिए सरकारी कमेटी के साथ सहमति को लेकर एक ड्राफ्ट भी तैयार किया जाएगा।
विज्ञापन


झींडा ने कहा कि सरकारी कमेटी में 38 तो उनकी कमेटी में 41 सदस्य है। वे चाहते हैं कि दोनों ही कमेटी के सदस्यों को सिख एक नजर से देखें और दोनों कमेटी का सम्मान बना रहे। इसके लिए वे अपनी कमेटी के एक-एक सदस्य को मनाने के लिए तैयार है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मुख्यमंत्री के समक्ष भी रखी थी पेशकश
झींडा ने बताया कि उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री मनोहर लाल से भी हुई थी और उनके सामने भी सिखों को एकजुट करने का प्रस्ताव रखा था। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट कर दिया था कि गुरुघरों का प्रबंधन तो सरकारी कमेटी ही संभालेगी, लेकिन सिखों को एक होना चाहिए। इस पर उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष पहल करते हुए प्रस्ताव भी रखा, जिसके बाद उन्होंने बाबा कर्मजीत के साथ शादी समारोह में मुलाकात के दौरान विस्तार से चर्चा की।


सिख बंदी छुड़ाने के लिए चलाएंगे जेल भरो आंदोलन
झींडा ने कहा कि संगीन मामलों में घिरे बाबा गुरमीत सिंह को बार-बार छूट दी जा रही है जबकि सजा पूरी करने के बाद भी अनेकों सिख जेलों में बंद है। इसके जिम्मेदार बादल परिवार व अकाली ही है। बादल ने ही बाबा गुरमीत को माफी दिलाई थी, लेकिन न बादल और न ही गुरमीत सिंह ने सिखों के लिए आज तक कुछ किया है जबकि सिखों ने देश के लिए अनेकों कुर्बानी दी। उच्चतम न्यायालय ने बंदी सिखों के फैसले पर उम्रकैद मृत्यु तक लिखा है, जिसे हटवाने के लिए जेल भरो आंदोलन चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह को पत्र भेजकर कानून में संशोधन कर बंदी सिखों को रिहा करने की मांग की जाएगी। सरकार ने यह मांग जल्द नहीं मानी तो जेलभरो आंदोलन हर जिला स्तर पर चलाया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed