धर्मनगरी में तीन दिनों से फंसे पड़ोसी राज्यों के लोग
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यह दर्द पंजाब, उत्तरप्रदेश, जम्मू, असाम, दिल्ली व राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों के धर्मनगरी में फंसे लोगों का है। जिसे देख धर्मनगरी में अधर्म होता दिखाई पड़ने लगा है। जाट आरक्षण की मार झेल रहे इन लोगों का दर्द समझने का कोई प्रयास तक नहीं कर रहा है। अधिकारियों से लेकर कर्मचारी भी इन पर भारी पड़ रहे हैं। बात करते ही इन लोगों का दर्द जुबां पर आ जाता है तो आंखों से आंसू छलक पड़ते हैं, लेकिन अपनों से दूर रहने का गम इन्हें अंदर ही अंदर खाए जा रहा है।
तीन दिनों से फंसे है क्या करें रेलवे स्टेशन पर अपने झोले के साथ उदास बैठे गोरखपुर निवासी सरस्वती तिवारी कहते हैं कि तीन दिन से यहीं फंसे हैं, क्या करें। उन्हें हिसार जाना था। लेकिन न बस अड्डे पर कोई उम्मीद नजर आती है और न ही रेलवे स्टेशन पर। किसी भी कर्मचारी से पूछते हैं तो एक ही जवाब मिलता है कि कोई पता नहीं क्या होगा। जम्मू निवासी सबुर सिंह का कहना है कि वह धर्मनगरी में भ्रमण के लिए आया हुआ था, लेकिन उसे क्या पता था कि उसे दिन-रात रेलवे स्टेशन पर ही बिताने पड़ेंगे।
पैसे खत्म, खाने का संकट बेगुसराय निवासी भोला कुमार का कहना है कि वह जरूरी काम से शुक्रवार को कुरुक्षेत्र पहुंचा था। यहां से उसे किसी काम के चलते जींद जाना था। लेकिन वह ऐसे हालात में है कि अनजान शहर में उसे न ठिकाना मिल रहा और न ही जाने के लिए कोई सुविधा ही दिखाई दे रही। उसके पास पैसे भी खत्म हो चुके हैं और अब उसके सामने जाने से भी ज्यादा संकट भूख का खड़ा हो गया है।
स्टेशन पर बिताए तीन दिन गुवाहटी निवासी पूर्वी का कहना है कि वह तीन दिन से स्टेशन पर ही समय गुजारने को मजबूर है। वह पानीपत गई थी, जिसके बाद कुरुक्षेत्र पहुंची और यहां से वह आगे नहीं जा सकी है। वह तीन दिन से रेलवे स्टेशन पर ही है और खाना भी नहीं मिल पा रहा है।
तेल के टैंकर भी फंसे थीम पार्क में खड़े किए गए ट्रक चालक भी जाट आरक्षण की मार झेल रहे हैं। तेल टैंकर के साथ यहां फंसे फतेहाबाद निवासी चालक प्रदीप व सिरसा निवासी हरज्ञान का कहना है कि वह दिन-रात ट्रकों की निगरानी में लगे हैं। उन्हें न जाने का रास्ता मिल पा रहा है और न ही कोई संभावना दिखाई दे रही है। उन्हें हर समय यही भय रहने लगा है कि कहीं उनके तेल टैंकर को अराजक तत्व निशाना न बना दें। वहीं दूसरे ट्रकों में भी लाखों रुपए का सब्जी, फल व दूसरा सामान सड़ने लगा है।
सभी ट्रेने रद्द का लिखा नोटिस रेलवे स्टेशन पर जाट आरक्षण के चलते सभी गाड़ियां अनिश्चितकाल के लिए रद्द कर दिए जाने का नोटिस बोर्ड पर लिख दिया है। तीन दिनों से रेल सुविधा ठप रहने से स्टेशन भी सूनसान पड़ने लगा है।
पुलिस टीमें कर रही गश्त प्रदेश में कई रेलवे स्टेशनों को उपद्रवी लोगों द्वारा अपना निशाना बनाए जाने के चलते धर्मनगरी रेलवे स्टेशन की सुरक्षा भी कड़ी कर दी है। पुलिस टीमें यहां तैनात की गई हैं, जो पूरे स्टेशन का लगातार मुआयना कर रही है। खाली बैठी रही पोलियो दवा पिलाने वाली टीम रविवार को चलाया गया पोलियो उन्मूलन अभियान भी जाट आरक्षण आंदोलन के चलते सिमट कर रह गया। रेलवे स्टेशन पर गई टीमें दिन भर बच्चों के आने की उम्मीद में खाली बैठी रही। टीम के सदस्यों ने बताया कि दोपहर बाद तक यहां दवा पीने वाले बच्चों का आंकड़ा दर्जनों में भी नहीं पहुंच पाया। रेलगाड़ी न चलने के कारण यात्री नहीं आ रहे, लेकिन उन्हें अपनी ड्यूटी पूरी करनी ही है।