फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   It is essential for every Indian to have a sense of Indianness: Dr. Rishi

हर भारतीय में भारतीयता का बोध आवश्यक : डॉ. ऋषि

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 26 Sep 2024 04:46 AM IST
विज्ञापन
It is essential for every Indian to have a sense of Indianness: Dr. Rishi
कुरुक्षेत्र। विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान ने पहले भी भारत सरकार के दो प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। भारतीय ज्ञान संवहन कार्यक्रम पर सरकार के 41 प्रोजेक्ट स्वीकृत किए गए हैं जिनमें से विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान को भी एक प्रोजेक्ट मिला है। इसका विषय भारतीय कैलेंडर प्रणालियों का ऐतिहासिक विकास और क्षेत्रीय विविधताएं हैं।
विज्ञापन

यह जानकारी विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान के निदेशक डॉ. रामेन्द्र सिंह ने दी। वे विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान में भारतीय ज्ञान संवाहन कार्यक्रम पर ओरिएंटेशन कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत ज्ञान संपदा के क्षेत्र में प्राचीनकाल में सर्वश्रेष्ठ था।
विज्ञापन

ज्ञान संपदा को भावी पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए किसी प्रकार की कमी नहीं है। जो देश अपनी संस्कृति से, अपनी ज्ञान परंपरा से कटता है, उसका विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि इस देश ने कितने आक्रमणों को झेला है, इसके बारे में जब तक भावी पीढ़ी जानेगी नहीं, तब तक उन्हें भारत के विश्व गुरु होने का ज्ञान कैसे होगा। विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान पहले ही भारतीय संस्कृति को 22 लाख छात्रों तक पहुंचा कर भारतीय ज्ञान परंपरा के इस अनुष्ठान में प्रतिभागिता कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


डॉ. ऋषि गोयल ने कहा कि भारत की ज्ञान परंपरा का योगदान क्या है, ज्ञान का कोई भी क्षेत्र होगा, उसमें भारत एवं भारतीयों ने किस प्रकार का काम किया है, उसका पता होना और उस कार्य के लिए सिर उठाकर गर्व से गौरव की अनुभूति, यह भाव बहुत आवश्यक है। हर भारतीय के अंदर एक भारतीय होने का बोध जितनी प्रबल मात्रा में होगा, उतना ही हम विकसित भारत के स्वप्न को साकार कर पाएंगे।

प्रोजेक्ट के प्रमुख अन्वेषक डॉ. संदीप ने पीपीटी के माध्यम से प्रोजेक्ट के सभी प्रमुख बिन्दुओं से अवगत कराया। इस दौरान कार्यक्रम में सियास्ते के निदेशक डॉ. ऋषि गोयल, विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान के निदेशक डॉ. रामेन्द्र सिंह, डॉ. राजेश्वर प्रसाद मिश्र, डाॅ. एसपी शुक्ल, प्रमुख अन्वेषक डॉ. संदीप कुमार, सहायक अन्वेषक डॉ. सुनील एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed