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करोड़ों रुपए के गेहूं में घपले जांच टीम वापस
ब्यूरो/अमर उजाला/ कुरुक्षेत्र
Updated Sat, 07 Nov 2015 12:43 AM IST
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गेहूं घोटाले के मामले में वीरवार से शुरू हुआ स्पेशल फिजिकल वेरीफिकेशन का कार्य पूरा हो गया है। टीम ने देर रात सारा रिकॉर्ड एकत्र कर लिया है।
इस दौरान टीम ने स्पेशल वीडियोग्राफी भी कराई है। टीमें सारा रिकॉर्ड लेकर चली गई हैं। टीम ने इस दौरान गेहूं के स्टॉक के साथ ही स्टॉक आर्टिकल्स की भी जांच की है। सूत्रों का कहना है कि यदि इसी सख्ती से रिपोर्ट तैयार हुई तो घोटाला 30 करोड़ से ज्यादा का निकलेगा।
इस मामले में कई अन्य लोगों की भी जांच हो सकती है। बताया जा रहा है कि विभाग ने घोटाले में किए गए स्टॉक रिकार्ड की सीडी डीजीपी कार्यालय को भेजी है।
शक होने पर कराया था निरीक्षण
सूत्रों के अनुसार डीएफएससी डॉ. घनश्याम ने ज्वॉइनिंग के कुछ दिनों बाद ही इस्माईलाबाद साइट का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्हें शक हुआ कि स्टॉक में गड़बड़ है।
इसके बाद उन्होंने फिजिकल वेरीफिकेशन कराई, तो शक सही निकला। उन्होंने इसकी रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी। पहली टीम ने तो रिपोर्ट ही सही नहीं दी।
उसके बाद दूसरी टीम से फिजिकल वेरीफिकेशन करवाया गया। उसकी रिपोर्ट से सच सामने आ गया। इस स्टाक में 2.58 लाख में से 1.78 लाख बैग गायब मिले। इस रिपोर्ट को भेजे हुए भी एक माह से ज्यादा टाईम हो चुका था।
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ऐसे होता है गड़बड़झाला
सूत्रों का कहना है कि विभाग के इंस्पेक्टर एक ही स्थान पर लंबे समय तक टिके रहते हैं। वे इस पूरे खेल को आसानी से खेल लेते हैं। इंस्पेक्टर रामनिवास भी करीब 6 वर्ष से यहीं पोस्टेड है। इस खेल में कई अधिकारियों और कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है।
कुछ आढ़तियों और मिलर्स का भी बड़ा रोल है। इन सबकी सेटिंग से ही यह घपला होता है। इसमें आढ़ती से रिकॉर्ड में कट्टे ले लिए जाते हैं, लेकिन हकीकत में वे कट्टे गोदाम तक नहीं पहुंचते। इसके बाद रिकॉर्ड में यह पूरे दिखाए जाते हैं। जांच के दौरान स्टॉक आर्टिकल्स में भी गड़बड़ मिल रही है। इनमें पॉलीथिन, ट्रे और अन्य सामान शामिल है।
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इस दौरान टीम ने स्पेशल वीडियोग्राफी भी कराई है। टीमें सारा रिकॉर्ड लेकर चली गई हैं। टीम ने इस दौरान गेहूं के स्टॉक के साथ ही स्टॉक आर्टिकल्स की भी जांच की है। सूत्रों का कहना है कि यदि इसी सख्ती से रिपोर्ट तैयार हुई तो घोटाला 30 करोड़ से ज्यादा का निकलेगा।
इस मामले में कई अन्य लोगों की भी जांच हो सकती है। बताया जा रहा है कि विभाग ने घोटाले में किए गए स्टॉक रिकार्ड की सीडी डीजीपी कार्यालय को भेजी है।
शक होने पर कराया था निरीक्षण
सूत्रों के अनुसार डीएफएससी डॉ. घनश्याम ने ज्वॉइनिंग के कुछ दिनों बाद ही इस्माईलाबाद साइट का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्हें शक हुआ कि स्टॉक में गड़बड़ है।
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इसके बाद उन्होंने फिजिकल वेरीफिकेशन कराई, तो शक सही निकला। उन्होंने इसकी रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी। पहली टीम ने तो रिपोर्ट ही सही नहीं दी।
उसके बाद दूसरी टीम से फिजिकल वेरीफिकेशन करवाया गया। उसकी रिपोर्ट से सच सामने आ गया। इस स्टाक में 2.58 लाख में से 1.78 लाख बैग गायब मिले। इस रिपोर्ट को भेजे हुए भी एक माह से ज्यादा टाईम हो चुका था।
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ऐसे होता है गड़बड़झाला
सूत्रों का कहना है कि विभाग के इंस्पेक्टर एक ही स्थान पर लंबे समय तक टिके रहते हैं। वे इस पूरे खेल को आसानी से खेल लेते हैं। इंस्पेक्टर रामनिवास भी करीब 6 वर्ष से यहीं पोस्टेड है। इस खेल में कई अधिकारियों और कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है।
कुछ आढ़तियों और मिलर्स का भी बड़ा रोल है। इन सबकी सेटिंग से ही यह घपला होता है। इसमें आढ़ती से रिकॉर्ड में कट्टे ले लिए जाते हैं, लेकिन हकीकत में वे कट्टे गोदाम तक नहीं पहुंचते। इसके बाद रिकॉर्ड में यह पूरे दिखाए जाते हैं। जांच के दौरान स्टॉक आर्टिकल्स में भी गड़बड़ मिल रही है। इनमें पॉलीथिन, ट्रे और अन्य सामान शामिल है।