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मानसिक संतुलन बिगाड़ देता है नशा
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विद्यार्थियों को नशे के खिलाफ संकल्प दिलाते प्रो. सुनील ढींगरा। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के आदेशानुसार नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के डीन इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी व यूआईईटी के निदेशक प्रो. सुनील ढींगरा ने कहा कि युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। नशा मानव का मासिक मानसिक संतुलन खराब करता है।
उन्होंने नशा व्यक्ति की सकारात्मक सोच को खत्म करके जीवन को नकारात्मक में ले जाता है, इसलिए जो युवा नशा करते हैं उनकी हमें काउंसलिंग करनी चाहिए और उनको नशे से होने वाली बीमारियों के बारे में बताना चाहिए। नशा करने से शरीर में विभिन्न प्रकार की बीमारियां होती हैं. जो धीरे-धीरे उस व्यक्ति की जीवन लीला समाप्त कर देती हैं व नशा बीमारियों का घर है।
प्रो. ढींगरा ने बताया कि नशे से अपराध की दुनिया में इजाफा हुआ है, क्योंकि नशा करने के लिए पैसे की जरूरत पड़ती है पैसा न मिलने पर व्यक्ति अपराध की दुनिया में चला जाता है, वह नशे के मकड़जाल में फंस कर रह जाता है, हम सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों को नशा मुक्त आंदोलन में अधिक से अधिक जुड़ने की आवश्यकता है ताकि इस बुराई को जड़ से खत्म किया जा सके। इस अवसर पर डॉ. राजेश अग्निहोत्री, डॉ. पवन दीवान, डॉ. अजय जांगड़ा, डॉ. राम अवतार, डॉ. निखिल मारीवाला, डॉ. नरेश, अधीक्षक विजय शर्मा, रविंद्र तोमर, जसमेर खनोदा, पवन रंगा, सुरेंद्र, रामनिवास, हरिकेश पपोसा आदि मौजूद रहे।
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के आदेशानुसार नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के डीन इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी व यूआईईटी के निदेशक प्रो. सुनील ढींगरा ने कहा कि युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। नशा मानव का मासिक मानसिक संतुलन खराब करता है।
उन्होंने नशा व्यक्ति की सकारात्मक सोच को खत्म करके जीवन को नकारात्मक में ले जाता है, इसलिए जो युवा नशा करते हैं उनकी हमें काउंसलिंग करनी चाहिए और उनको नशे से होने वाली बीमारियों के बारे में बताना चाहिए। नशा करने से शरीर में विभिन्न प्रकार की बीमारियां होती हैं. जो धीरे-धीरे उस व्यक्ति की जीवन लीला समाप्त कर देती हैं व नशा बीमारियों का घर है।
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प्रो. ढींगरा ने बताया कि नशे से अपराध की दुनिया में इजाफा हुआ है, क्योंकि नशा करने के लिए पैसे की जरूरत पड़ती है पैसा न मिलने पर व्यक्ति अपराध की दुनिया में चला जाता है, वह नशे के मकड़जाल में फंस कर रह जाता है, हम सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों को नशा मुक्त आंदोलन में अधिक से अधिक जुड़ने की आवश्यकता है ताकि इस बुराई को जड़ से खत्म किया जा सके। इस अवसर पर डॉ. राजेश अग्निहोत्री, डॉ. पवन दीवान, डॉ. अजय जांगड़ा, डॉ. राम अवतार, डॉ. निखिल मारीवाला, डॉ. नरेश, अधीक्षक विजय शर्मा, रविंद्र तोमर, जसमेर खनोदा, पवन रंगा, सुरेंद्र, रामनिवास, हरिकेश पपोसा आदि मौजूद रहे।
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