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अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव है देश की संस्कृति और विरासत को सहेजने का बड़ा प्रयास : हरविंद्र कल्याण

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jan 2025 01:50 AM IST
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International Saraswati Mahotsav is a big effort to save the culture and heritage of the country: Harvindra Kalyan
कुरुक्षेत्र/पिहोवा। अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव देश की संस्कृति और विरासत को सहेजने का बड़ा प्रयास है। केंद्र व राज्य सरकार इसी उद्देश्य से ही इस महोत्सव का बड़े स्तर पर आयोजन कर रही है। इस प्रकार के महोत्सव से युवा पीढ़ी को प्राचीन संस्कृति, इतिहास से आत्मसात करने का मौका मिलता है। ये विचार हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने व्यक्त किए।
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वे वीरवार को देर सायं पिहोवा सरस्वती तीर्थ पर हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड की तरफ से आयोजित अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने, बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच के साथ महोत्सव के सरस मेले का अवलोकन किया। मेले में विधानसभा अध्यक्ष ने गोहाना से आए ताऊ बलजीत की जलेबी व हिसार से आए स्वयं सहायता समूह के स्टॉल पर गोलगप्पे व भेलपुरी का स्वाद भी चखा। उन्होंने शिल्पकला को बारीकी से देखा और शिल्पकारों से चर्चा भी की।
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विधानसभा अध्यक्ष ने सरस मेले का अवलोकन करने के बाद पवित्र सरस्वती तीर्थ के जल का आचमन किया और तीर्थ स्थल का अवलोकन भी किया। इसके उपरांत दूसरे दिन की कथा का शुभारंभ किया और साध्वी गौरी भारती, साध्वी सत्या भारती, साध्वी उमा भारती, साध्वी सतिन्द्र भारती, साध्वी किरण भारती को सम्मानित किया। विस अध्यक्ष ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव का लक्ष्य रहता है कि लोग खासकर युवा वर्ग देश की संस्कृति और विरासत से रूबरू होने के लिए पहुंचे। सरकार ने हमेशा संस्कृति को बढ़ावा देने और मजबूत करने का काम किया है।
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सरस्वती तीर्थ है देश की आस्था का केंद्र
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने सरस्वती नदी को लेकर बहुत सारी बड़ी परियोजनाओं को अमलीजामा पहनाने का काम किया है। देश में जहां महाकुंभ का मेला चल रहा है वहीं पिहोवा के सरस्वती तीर्थ पर धार्मिक विचारों को लेकर मंथन और चिंतन करने के लिए सरस्वती महोत्सव का आयोजन चल रहा है। यह सरस्वती तीर्थ देश की आस्था का केेंद्र है। इस आस्था के केंद्र को विकसित करने का संकल्प प्रदेश सरकार ने किया है। इसी संकल्प को पूरा करने के लिए लगातार विकास कार्य किए जा रहे है। बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह ने इस दौरान बताया कि महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम दो फरवरी तक चलेंगे और सरस मेला चार फरवरी तक जारी रहेगा।
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