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बिना एनओसी के संस्थान, अफसर बेपरवाह
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अग्निशमन केंद्र में खड़ी दमकल गाड़ियां। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। दमकल विभाग से एनओसी लिए बगैर ही शहर में हजारों व्यावसायिक संस्थान बेरोकटोक चल रहे हैं। विभाग के अधिकारियों के ढीले रवैये के कारण संस्थान संचालक भी लापरवाह हो गए हैं। विभाग के अधिकारियों का यह ढीला रवैया धर्मनगरी में राजधानी के मुंडका जैसा कांड को दोहरा सकता है।
धर्मनगरी होने के नाते यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आना-जाना ही लगा रहता है। शहर में होटल, रेस्टोरेंट और धर्मशालाओं में श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था है। इसके अलावा वीआईपी भी कई मुख्य अवसर पहुंचते हैं। वहीं शहर के अधिकतर होटल, रेस्टोरेंट और धर्मशालाएं दमकल विभाग से फायर की एनओसी लिए बगैर ही चलाए जा रहे हैं।
नगर परिषद से मिली रिपोर्ट के अनुसार शहर में 10, 647 व्यावसायिक प्रतिष्ठान, 35,556 घर, 21 हजार, खाली प्लॉट और अन्य 797 भवन है। इनमें 100 से ज्यादा होटल, 25 से ज्यादा धर्मशालाएं, 50 से ज्यादा स्कूल, 20-25 अस्पताल, 20 से ज्यादा मैरिज पैलेस, दो मॉल, 50 शिक्षण संस्थान, विभिन्न कंपनियों व निजी लोगों के शोरूम के साथ अन्य व्यावसायिक संस्थान है। इनमें से कई संस्थानों के पास दमकल विभाग की एनओसी नहीं है।
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इस ओर विभाग का भी कोई ध्यान नहीं है। विभाग ने इन संस्थानों का कभी निरीक्षण करने की जहमत तक नहीं उठाई है। विभाग की इस लापरवाही का फायदा संस्थान संचालक भी उठा रहे हैं, जो लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह देश की राजधानी में मुंडका मेट्रो स्टेशन के पास इमारत में आग लगने से बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद भी स्थानीय दमकल विभाग के अधिकारियों ने कोई सबक नहीं लिया।
संचालक को अपने व्यावसायिक संस्थान के लिए दमकल विभाग से फायर संबंधी एनओसी लेनी होती है। एनओसी देने से पूर्व विभाग के अधिकारी संस्थान में फायर संबंधी सुरक्षा उपकरणों की जांच करके एनओसी जारी करते हैं, मगर यहां बड़ी हैरानी की बात है कि दमकल विभाग के पास न तो शहर के व्यावसायिक संस्थानों का कोई रिकॉर्ड दर्ज है और न ही एनओसी लेने वाले संस्थानों की सूची उपलब्ध है।
विभाग के पास आठ दमकल गाड़ी
दमकल विभाग के पास आठ दमकल गाड़ी है। इसके अलावा संकरी गलियों में अग्निकांड से निपटने के लिए एक बाइक भी मौजूद है। वहीं में 19 स्थाई कर्मचारी और अधिकारियों के साथ 15 कर्मी पे-रोल पर कार्यरत है। यहां के एडीएफओ और एएफओ के पास पानीपत कार्यालय का भी अतिरिक्त भार है।
विभाग कर रहा लोगों को जागरूक : राम सिंह
विभाग के एएफओ रामकरण शर्मा ने बताया कि संस्थानों की एनओसी से संबंधित कोई रिकॉर्ड उनके पास नहीं है। वहीं एडीएफओ राम सिंह ने बताया कि विभाग को एनओसी लेने के लिए आने वाले आवेदन का रिकॉर्ड होता है। एनओसी से संबंधित कोई रिकॉर्ड उनके पास नहीं है, अगर हुआ भी तो देखना पड़ेगा। विभाग के पास कर्मियों की कमी है। हालांकि उनकी ओर लोगों को एनओसी लेने के लिए जागरूक किया जाता है। अभी तक किसी को नोटिस नहीं दिया गया है।
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कुरुक्षेत्र। दमकल विभाग से एनओसी लिए बगैर ही शहर में हजारों व्यावसायिक संस्थान बेरोकटोक चल रहे हैं। विभाग के अधिकारियों के ढीले रवैये के कारण संस्थान संचालक भी लापरवाह हो गए हैं। विभाग के अधिकारियों का यह ढीला रवैया धर्मनगरी में राजधानी के मुंडका जैसा कांड को दोहरा सकता है।
धर्मनगरी होने के नाते यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आना-जाना ही लगा रहता है। शहर में होटल, रेस्टोरेंट और धर्मशालाओं में श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था है। इसके अलावा वीआईपी भी कई मुख्य अवसर पहुंचते हैं। वहीं शहर के अधिकतर होटल, रेस्टोरेंट और धर्मशालाएं दमकल विभाग से फायर की एनओसी लिए बगैर ही चलाए जा रहे हैं।
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नगर परिषद से मिली रिपोर्ट के अनुसार शहर में 10, 647 व्यावसायिक प्रतिष्ठान, 35,556 घर, 21 हजार, खाली प्लॉट और अन्य 797 भवन है। इनमें 100 से ज्यादा होटल, 25 से ज्यादा धर्मशालाएं, 50 से ज्यादा स्कूल, 20-25 अस्पताल, 20 से ज्यादा मैरिज पैलेस, दो मॉल, 50 शिक्षण संस्थान, विभिन्न कंपनियों व निजी लोगों के शोरूम के साथ अन्य व्यावसायिक संस्थान है। इनमें से कई संस्थानों के पास दमकल विभाग की एनओसी नहीं है।
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इस ओर विभाग का भी कोई ध्यान नहीं है। विभाग ने इन संस्थानों का कभी निरीक्षण करने की जहमत तक नहीं उठाई है। विभाग की इस लापरवाही का फायदा संस्थान संचालक भी उठा रहे हैं, जो लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह देश की राजधानी में मुंडका मेट्रो स्टेशन के पास इमारत में आग लगने से बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद भी स्थानीय दमकल विभाग के अधिकारियों ने कोई सबक नहीं लिया।
संचालक को अपने व्यावसायिक संस्थान के लिए दमकल विभाग से फायर संबंधी एनओसी लेनी होती है। एनओसी देने से पूर्व विभाग के अधिकारी संस्थान में फायर संबंधी सुरक्षा उपकरणों की जांच करके एनओसी जारी करते हैं, मगर यहां बड़ी हैरानी की बात है कि दमकल विभाग के पास न तो शहर के व्यावसायिक संस्थानों का कोई रिकॉर्ड दर्ज है और न ही एनओसी लेने वाले संस्थानों की सूची उपलब्ध है।
विभाग के पास आठ दमकल गाड़ी
दमकल विभाग के पास आठ दमकल गाड़ी है। इसके अलावा संकरी गलियों में अग्निकांड से निपटने के लिए एक बाइक भी मौजूद है। वहीं में 19 स्थाई कर्मचारी और अधिकारियों के साथ 15 कर्मी पे-रोल पर कार्यरत है। यहां के एडीएफओ और एएफओ के पास पानीपत कार्यालय का भी अतिरिक्त भार है।
विभाग कर रहा लोगों को जागरूक : राम सिंह
विभाग के एएफओ रामकरण शर्मा ने बताया कि संस्थानों की एनओसी से संबंधित कोई रिकॉर्ड उनके पास नहीं है। वहीं एडीएफओ राम सिंह ने बताया कि विभाग को एनओसी लेने के लिए आने वाले आवेदन का रिकॉर्ड होता है। एनओसी से संबंधित कोई रिकॉर्ड उनके पास नहीं है, अगर हुआ भी तो देखना पड़ेगा। विभाग के पास कर्मियों की कमी है। हालांकि उनकी ओर लोगों को एनओसी लेने के लिए जागरूक किया जाता है। अभी तक किसी को नोटिस नहीं दिया गया है।

शहर के सेक्टर 13 में चल रहे कोचिंग सेंटर। संवाद- फोटो : Kurukshetra