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बढ़ रहा काला पीलिया का खतरा, साढ़े छह माह में 110 से ज्यादा संक्रमित

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 19 Jul 2021 01:09 AM IST
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Increasing risk of black jaundice, more than 110 infected in six and a half months
कुरुक्षेत्र वासियों की सेहत पर काला पीलिया का काला साया पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के भरसक प्रयासों के बावजूद भी स्थिति बेकाबू होती जा रही है और काला पीलिया का ग्राफ दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। कुरुक्षेत्र जिले की बात करें तो पिहोवा ब्लॉक काला पीलिया की जद में आ चुका है। अब तक सामने आए कुल मरीजों में से 60-70 फीसदी मरीज पिहोवा ब्लॉक के बताए जा रहे हैं।
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स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार पिछले साढ़े छह माह में जिलेभर से 110 से अधिक हेपेटाइटिस सी और 50 से अधिक हेपेटाइटिस बी के मरीज सामने आ चुके हैं। वर्ष 2019 में यह आंकड़ा 248 और वर्ष 2020 में 174 था। बता दें कि यह पीलिया कोई सामान्य पीलिया नहीं है, बल्कि समय पर इलाज नहीं होने पर यह लीवर का कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी देकर व्यक्ति का शिकार कर सकता है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा हेपेटाइटिस सी से पीड़ित मरीजों का निशुल्क उपचार किया जा रहा है।
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उधर, जिला सिविल सर्जन डॉ. संत लाल वर्मा का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग हेपेटाइटिस सी की रोकथाम के लिए वर्कआउट कर रहा है। संबंधित नोडल अधिकारी को आगामी एक दो-दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश भी दिए गए हैं। संवाद
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हेपेटाइटिस सी के यह शुरुआती लक्षण
जिला नोडल अधिकारी एवं छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव चावला का कहना है कि हेपेटाइटिस सी का संक्रमण शुरुआती चरण में बुखार, कमजोरी, थकान, भूख की कमी, वजन में कमी, जी मिचलाना, हल्के रंग का मल, पेट दर्द, कब्ज, सिर दर्द, गहरे रंग का मूत्र, शरीर में जलन और कुछ मामलों में खुजली भी शामिल हैं। ऐसे लक्षण होने पर तत्काल चिकित्सक से जांच कराएं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा काला पीलिया की चपेट में आए मरीजों का निशुल्क उपचार किया जाता है।
ऐसे फैल सकता है संक्रमण
एक ही इंजेक्शन या सुइयों का इस्तेमाल कई लोगों में करने से। सेक्शुअल ट्रांसमिटेड डिजीज या एचआईवी संक्रमित साथी के साथ शारीरिक संबंध बनाने से, एक से अधिक साथी के साथ शारीरिक संबंध बनाने से, हेपेटाइटिस-सी से संक्रमित मां के द्वारा जन्मे बच्चे में भी इसका संक्रमण फैल सकता है, एक ही टूथब्रश, रेजर ब्लेड और नाखून कतरनी जैसी व्यक्तिगत वस्तुओं को साझा करने से, असुरक्षित तरीके से शरीर पर टैटू बनवाने से संक्रमण फैल सकता है। समय पर उपचार न होने के कारण लीवर कैंसर या सिरोसिस जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं जन्म ले सकती हैं।

इनसे काला पीलिया नहीं फैलता
संक्रमित मां का शिशु को दूध पिलाने, संक्रमित व्यक्ति के आस-पास रहने, संक्रमित व्यक्ति के खांसने, संक्रमित व्यक्ति से गले मिलने, संक्रमित व्यक्ति से हाथ मिलाने से यह रोग नहीं फैलता है।
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