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हरियाणा कला परिषद के निदेशक पर लगाया सरकार से झूठ बोलने का आरोप
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
Updated Sun, 06 Nov 2016 12:12 AM IST
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हरियाणा कला परिषद के निदेशक पर बिहार सरकार को झूठ बोलकर अंधेरे में रखने का आरोप लगाया गया है। आरोपों के संबंध में रोहतक के चिन्योट कॉलोनी निवासी विश्वदीपक त्रिखा ने सीएम को पत्र लिखा है। इसके साथ ही इसकी प्रतिलिपि हरियाणा के राज्यपाल, संस्कृति मंत्री हरियाणा, सीएम के प्रधान सचिव, संस्कृति विभाग के सहायक मुख्य सचिव, संस्कृति विभाग हरियाणा के महानिदेशक, हरियाणा कला परिषद के उपाध्यक्ष, कला परिषद के अतिरिक्त मुख्य सलाहकार पुलिस महानिदेशक हरियाणा, सतर्कता विभाग, हरियाणा के महानिदेशक सहित बिहार सरकार के सांस्कृतिक कार्य विभाग के निदेशक सहित कई अन्य अधिकारियों को भेजी है।
त्रिखा ने सीएम को लिखी चिट्टी में कलापरिषद के निदेशक पर आरोप लगाया कि उन्होंने बिहार सरकार को पत्र लिखा है कि वे कला परिषद हरियाणा के निदेशक है और उन्हें हरियाणा सरकार ने राज्यमंत्री की सभी सुविधाएं प्रदान की हुई हैं। त्रिखा ने आगे लिखा है कि बिहार सरकार से निदेशक ने प्रार्थना की है कि बिहार प्रवास के दौरान उन्हें राज्य मंत्री की सभी सुविधाएं प्रदान की जाएं। त्रिखा ने दावा किया है कि बिहार सरकार ने उनके कथन को सच मानते हुए सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि उनके पद की गरिमा के अनुसार सभी सुविधाएं प्रदान की जाएं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि निदेशक नियुक्ति के साथ ही मीडिया में भी खुद को राज्यमंत्री का दर्जा दिए जाने की बात कही थी। जिस पर सीएम ने नाराजगी भी जताई थी। त्रिखा ने मांग की है कि निदेशक ने बिहार सरकार को झूठ बोला है। ऐसे में उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
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त्रिखा ने सीएम को लिखी चिट्टी में कलापरिषद के निदेशक पर आरोप लगाया कि उन्होंने बिहार सरकार को पत्र लिखा है कि वे कला परिषद हरियाणा के निदेशक है और उन्हें हरियाणा सरकार ने राज्यमंत्री की सभी सुविधाएं प्रदान की हुई हैं। त्रिखा ने आगे लिखा है कि बिहार सरकार से निदेशक ने प्रार्थना की है कि बिहार प्रवास के दौरान उन्हें राज्य मंत्री की सभी सुविधाएं प्रदान की जाएं। त्रिखा ने दावा किया है कि बिहार सरकार ने उनके कथन को सच मानते हुए सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि उनके पद की गरिमा के अनुसार सभी सुविधाएं प्रदान की जाएं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि निदेशक नियुक्ति के साथ ही मीडिया में भी खुद को राज्यमंत्री का दर्जा दिए जाने की बात कही थी। जिस पर सीएम ने नाराजगी भी जताई थी। त्रिखा ने मांग की है कि निदेशक ने बिहार सरकार को झूठ बोला है। ऐसे में उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
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