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Kurukshetra News: मांगे पूरा न होने पर नौ को प्रदेश में रहेगा रोडवेज का चक्का जाम
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कुरुक्षेत्र। मीटिंग कर कर्मचारियों नाराजगी जताते हुए । विज्ञप्ति
कुरुक्षेत्र। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन की बैठक डिपो प्रधान रामपाल की अध्यक्षता में हुई। बैठक में राज्य मुख्य संगठन सचिव रमेश श्योकदं और राज्य ऑडिटर चंद्रभान खटक मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि नौ जुलाई को होने वाली राष्ट्र व्यापी हड़ताल में हरियाणा रोडवेज के तमाम कर्मचारी शामिल होंगे। रोडवेज का पूर्ण रूप से चक्का जाम रहेगा।
रमेश श्योकदं ने बताया कि रोडवेज का साझा मोर्चा कर्मचारियों की समस्याओं के लिए सरकार और अधिकारियों से कई बार बातचीत कर चुका है। इस दौरान 10 से 12 मांगों पर सहमति भी बनी थी, लेकिन सरकार ने अब तक किसी भी प्रकार का कोई पत्र व आदेश जारी नहीं किया। इससे कर्मचारियों में भारी रोष और नाराजगी है। इससे पहले महानिदेशक और पूर्व परिवहन मंत्री से बातचीत के दौरान यह मांगे मानी गई थी लेकिन उन्हें लागू नहीं किया गया।
यूनियन की प्रमुख मांगों में चालक, परिचालक, निरीक्षक, उप निरीक्षक व कर्मशाला के कर्मचारियों को साल में 33 अर्जित अवकाश देना, चालकों की पदोन्नति के लिए 194 पद सृजित करना बनाना, ग्रुप डी के 2018 के कर्मचारी को कॉमन कैडर से बाहर करना, तकनीकी पदों पर भर्ती करना , 2008 में भर्ती परिचालकों को उपनिरीक्षक पर प्रमोशन देना, दस साल से बकाया बोनस का भुगतान करना, 2016 के चालकों को पक्का करना, कौशल विभाग को खत्म करके चालक परिचालक और कर्मशाला में पक्की भर्ती करना, चालक परिचालकों के साथ झगड़ों के मामलों में सख्त कार्रवाई के नियम बनाने व सभी महा प्रबंधक डिपो सत्र की मांगों को पूरा करने के लिए मुख्यालय द्वारा पत्र जारी करना, खाली पदों पर भर्ती करना इसके अलावा प्रमोशन में 12 साल की शर्त को हटाकर आठ साल करने जैसी प्रमुख मांगे शामिल हैं। इस मौके पर कैशियर प्रमोद मलिक, वरिष्ठ उप प्रधान सरबजीत, पूर्व प्रधान बलवंत सिंह देशवाल, अजय कुमार, यशपाल सिंह, निर्मल, पवन राणा, नरेंद्र कुमार के अलावा कर्मचारी मौजूद रहे।
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रमेश श्योकदं ने बताया कि रोडवेज का साझा मोर्चा कर्मचारियों की समस्याओं के लिए सरकार और अधिकारियों से कई बार बातचीत कर चुका है। इस दौरान 10 से 12 मांगों पर सहमति भी बनी थी, लेकिन सरकार ने अब तक किसी भी प्रकार का कोई पत्र व आदेश जारी नहीं किया। इससे कर्मचारियों में भारी रोष और नाराजगी है। इससे पहले महानिदेशक और पूर्व परिवहन मंत्री से बातचीत के दौरान यह मांगे मानी गई थी लेकिन उन्हें लागू नहीं किया गया।
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यूनियन की प्रमुख मांगों में चालक, परिचालक, निरीक्षक, उप निरीक्षक व कर्मशाला के कर्मचारियों को साल में 33 अर्जित अवकाश देना, चालकों की पदोन्नति के लिए 194 पद सृजित करना बनाना, ग्रुप डी के 2018 के कर्मचारी को कॉमन कैडर से बाहर करना, तकनीकी पदों पर भर्ती करना , 2008 में भर्ती परिचालकों को उपनिरीक्षक पर प्रमोशन देना, दस साल से बकाया बोनस का भुगतान करना, 2016 के चालकों को पक्का करना, कौशल विभाग को खत्म करके चालक परिचालक और कर्मशाला में पक्की भर्ती करना, चालक परिचालकों के साथ झगड़ों के मामलों में सख्त कार्रवाई के नियम बनाने व सभी महा प्रबंधक डिपो सत्र की मांगों को पूरा करने के लिए मुख्यालय द्वारा पत्र जारी करना, खाली पदों पर भर्ती करना इसके अलावा प्रमोशन में 12 साल की शर्त को हटाकर आठ साल करने जैसी प्रमुख मांगे शामिल हैं। इस मौके पर कैशियर प्रमोद मलिक, वरिष्ठ उप प्रधान सरबजीत, पूर्व प्रधान बलवंत सिंह देशवाल, अजय कुमार, यशपाल सिंह, निर्मल, पवन राणा, नरेंद्र कुमार के अलावा कर्मचारी मौजूद रहे।
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