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गीता के उपदेशों को बनाना होगा जीवन का आदर्श : नायब सैनी
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र/लाडवा। प्रत्येक मनुष्य को पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों को अपने जीवन में धारण करना होगा तभी हम दुनिया के लिए मार्गदर्शक बन सकेंगे। इन उपदेशों के माध्यम से ही विश्व को एक मंच पर लाया जा सकता है, क्योंकि इन उपदेशों में ही पूरे विश्व की चिंता, भय, आतंकवाद, तनाव सहित तमाम समस्याओं का समाधान निहित है। ये विचार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने व्यक्त किए।
वे शनिवार को निजी स्कूल परिसर में श्री कृष्ण कृपा के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय दिव्य गीता सत्संग के शुभारंभ अवसर पर बोल रहे थे। इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पवित्र ग्रंथ गीता का पूजन कर आरती की और गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने दिव्य गीता सत्संग के लिए 21 लाख रुपये की अनुदान राशि देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन काल से संतों और गुरुओं ने अध्यात्म की सच्ची राह दिखाने का काम किया है। इसी परंपरा को गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद आगे बढ़ाने के लिए एक संवाहक का काम कर रहे हैं। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों का विश्व के हर कोने-कोने में प्रचार प्रसार कर रहे हैं। स्वामी ज्ञानानंद के प्रयास से ही गीता जयंती के छोटे से समारोह को वर्ष 2016 से अंतरराष्ट्रीय महोत्सव के रूप में मनाया जाने लगा है। महोत्सव का आयोजन देश में ही नहीं अपितु मॉरिशस, लंदन, ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, कनाडा में आयोजित किया गया। इन कार्यक्रमों के सफल आयोजन में गीता ज्ञान संस्थानम का भी अहम योगदान रहा है।
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इस मौके पर सत्संग के संयोजक धीरज वालिया, मदन गर्ग, प्रदीप सहगल, अंकुश गोयल, अनिल गुप्ता, ओमप्रकाश, केसी खुराना, चेयरमैन मदन मोहन छाबड़ा, मानद सचिव उपेंद्र सिंघल, केडीबी सदस्य विजय नरूला, सतप्रकाश, पूर्व विधायक डाॅ. पवन सैनी, भाजपा जिला अध्यक्ष सुशील राणा, डाॅ गणेश दत्त उपस्थित थे।
कल पेश किया जाएगा बजट ः मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा सत्र में विपक्ष के सभी लोगों को ध्यान से सुना और उनका जवाब भी दिया, लेकिन जब सरकार ने प्रदेश के विकास के लिए करवाए गए कार्यों को रखा तो विपक्ष के सभी लोग सदन छोड़कर बाहर चले गए।
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कुरुक्षेत्र/लाडवा। प्रत्येक मनुष्य को पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों को अपने जीवन में धारण करना होगा तभी हम दुनिया के लिए मार्गदर्शक बन सकेंगे। इन उपदेशों के माध्यम से ही विश्व को एक मंच पर लाया जा सकता है, क्योंकि इन उपदेशों में ही पूरे विश्व की चिंता, भय, आतंकवाद, तनाव सहित तमाम समस्याओं का समाधान निहित है। ये विचार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने व्यक्त किए।
वे शनिवार को निजी स्कूल परिसर में श्री कृष्ण कृपा के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय दिव्य गीता सत्संग के शुभारंभ अवसर पर बोल रहे थे। इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पवित्र ग्रंथ गीता का पूजन कर आरती की और गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने दिव्य गीता सत्संग के लिए 21 लाख रुपये की अनुदान राशि देने की घोषणा की है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन काल से संतों और गुरुओं ने अध्यात्म की सच्ची राह दिखाने का काम किया है। इसी परंपरा को गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद आगे बढ़ाने के लिए एक संवाहक का काम कर रहे हैं। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों का विश्व के हर कोने-कोने में प्रचार प्रसार कर रहे हैं। स्वामी ज्ञानानंद के प्रयास से ही गीता जयंती के छोटे से समारोह को वर्ष 2016 से अंतरराष्ट्रीय महोत्सव के रूप में मनाया जाने लगा है। महोत्सव का आयोजन देश में ही नहीं अपितु मॉरिशस, लंदन, ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, कनाडा में आयोजित किया गया। इन कार्यक्रमों के सफल आयोजन में गीता ज्ञान संस्थानम का भी अहम योगदान रहा है।
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इस मौके पर सत्संग के संयोजक धीरज वालिया, मदन गर्ग, प्रदीप सहगल, अंकुश गोयल, अनिल गुप्ता, ओमप्रकाश, केसी खुराना, चेयरमैन मदन मोहन छाबड़ा, मानद सचिव उपेंद्र सिंघल, केडीबी सदस्य विजय नरूला, सतप्रकाश, पूर्व विधायक डाॅ. पवन सैनी, भाजपा जिला अध्यक्ष सुशील राणा, डाॅ गणेश दत्त उपस्थित थे।
कल पेश किया जाएगा बजट ः मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा सत्र में विपक्ष के सभी लोगों को ध्यान से सुना और उनका जवाब भी दिया, लेकिन जब सरकार ने प्रदेश के विकास के लिए करवाए गए कार्यों को रखा तो विपक्ष के सभी लोग सदन छोड़कर बाहर चले गए।