HSGPC: आजाद विजेताओं ने बनाया अकाल पंथक मोर्चा, नामित सदस्य के लिए हारे प्रत्याशी कर सकते हैं कमेटी में एंट्री
19 जनवरी को हुए चुनाव में मुख्य तौर पर जगदीश सिंह झींडा, दीदार सिंह नलवी, जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल व बलदेव सिंह कायमपुरा गुटों ने अपने-अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे थे तो वहीं संघर्ष कमेटी की ओर से भी प्रत्याशियों ने अनेक वार्डों में चुनाव लड़ा था।
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हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी का प्रधान कौन होगा, यह तस्वीर अभी तक साफ नहीं हो पाई है। आजाद विजेताओं के सहारे अपना-अपना दावा ठोक रहे विभिन्न गुटों की चुनौती बढ़ गई है। अब ये आजाद ही एक बैनर के नीचे आ गए हैं और रविवार को कैथल के एक निजी पैलेस में एकजुट होकर अकाल पंथक मोर्चा का गठन कर लिया।
मोर्चा की अब मंगलवार को कैथल में ही बैठक होगी, जिसमें कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है। ऐसे में अब विभिन्न गुटों की नजरें इस मोर्चा की ओर से लिए जाने वाले फैसले पर टिक गई है।
19 जनवरी को हुए चुनाव में मुख्य तौर पर जगदीश सिंह झींडा, दीदार सिंह नलवी, जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल व बलदेव सिंह कायमपुरा गुटों ने अपने-अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे थे तो वहीं संघर्ष कमेटी की ओर से भी प्रत्याशियों ने अनेक वार्डों में चुनाव लड़ा था। चुनाव में किसी भी गुट को बहुमत नहीं मिल पाया जबकि 22 आजाद प्रत्याशी जीते थे। चुनाव परिणाम के बाद ही विभिन्न गुटों ने इन आजाद प्रत्याशियों के साथ जुगत बैठाने के प्रयास के साथ प्रधानगी का दावा ठोकना शुरू कर दिया था लेकिन गत दिवस आजाद प्रत्याशियों द्वारा दिखाई गई एकजुटता से इन गुटों के समीकरण बिगड़ते दिखाई देने लगे हैं।
दावा किया जा रहा है कि रविवार को हुई बैठक में 22 में से 19 सदस्य शामिल हुए जबकि माना जा रहा है कि मंगलवार को फिर होने वाली बैठक में अन्य को भी शामिल किया जा सकता है। ऐसे में आजाद प्रत्याशियों ने बड़ा फैसला लिया तो गुटों का नेतृत्व कर रहे बड़े चेहरों की उम्मीदें धरी की धरी रह सकती है।
दलों को भी की गई मोर्चा से जुड़ने की अपील : हरमन
थानेसर वार्ड 15 से आजाद विजेता रहे हरमनप्रीत सिंह का कहना है कि एक साथ जुटे 19 आजाद विजेता प्रत्याशियों ने अकाल पंथक मोर्चा बनाकर बड़ा कदम उठाया है। पहली ही बैठक में हर किसी के चेहरे पर उत्साह बना हुआ था। उन्होंने कहा कि संगत ने उन्हें चुना है और सभी प्रत्याशियों की जिम्मेदारी है कि वे बेहतर कमेटी बनाकर संगत को दें, ताकि गुरुघरों का संचालन सही हो सके। इसी के चलते मोर्चा बनाया गया है। यहां तक कि गुटों को भी जुड़ने का संदेश भेजा गया है, ताकि अच्छे प्रत्याशी शामिल हो सके। अब मंगलवार को होने वाली बैठक में भी विस्तार से चर्चा होगी।
नाै सदस्य मनोनीत करने के लिए दो फरवरी को पंचकूला में बैठक
हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के 40 सदस्य चुने जाने के बाद अब नौ सदस्य मनोनीत होने हैं। इसके लिए सिख गुरुद्वारा चुनाव आयोग ने दो फरवरी को पंचकूला में बैठक बुलाई है, जिसमें इन नामित सदस्यों के नाम पर मोहर लगेगी। चुनाव में हारे प्रत्याशी भी नामित सदस्य के तौर पर कमेटी में एंट्री कर सकते हैं। चर्चा है कि ऐसे कईं प्रत्याशी एड़ी चोटी का जोर भी लगाए हुए हैं लेकिन संगत ऐसे प्रत्याशियों के विरोध में उतर आई है।
सोमवार को गुरुद्वारा छठी पातशाही में भी संगत की बैठक हुई, जिसमें फैसला लिया गया कि ऐसे प्रत्याशियों की एंट्री नहीं होने दी जाएगी। संगत उन्हें हराकर पहले ही फैसला दे चुकी है और इसके बावजूद भी उन्हें मौका दिया गया तो संगत कड़ा आंदोलन करेगी। करीब एक घंटा तक बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा भी की गई, जिसमें सरदार अमीर सिंह, सतनाम सिंह, महेंद्र सिंह, जसबीर सिंह व जसविंद्र खैरा सहित कई लोग शामिल हुए।
उन्होंने कहा कि जिन प्रत्याशियों को संगत ने हरा दिया है, वे किसी भी स्तर पर कमेटी का हिस्सा नहीं बनने चाहिए। इसको लेकर पहले वार्ड 15 थानेसर की संगत की बैठक की गई तो अन्य वार्डों में भी अभियान चलाया जाएगा। विजेता रहे प्रत्याशियों के साथ-साथ प्रदेश सरकार व गुरुद्वारा चुनाव आयोग को भी संपर्क साध कर हारे प्रत्याशियों को कमेटी से दूर रखने की मांग की जाएगी। इसके बावजूद भी हारे प्रत्याशी नामित किए गए तो संगत विरोध में उतरेगी। यह पहले वार्ड 15 से शुरू की गई है और हर वार्ड में पहुंचा जाएगा।