फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   hindi hai hum campaign in kurukshetra

हिंदी प्रेमियों का कहना, हिंदी बोलने पर होता है गर्व

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 24 Aug 2020 11:48 PM IST
विज्ञापन
hindi hai hum campaign in kurukshetra
हिंदी अपने विचारों, भावनाओं और संवेदनाओं को व्यक्त करने का सबसे सशक्त माध्यम मातृभाषा है। इसी के जरिये हम अपनी बात को सहजता और सुगमता से दूसरों तक पहुंचा पाते हैं। हिंदी की लोकप्रियता और पाठकों से उसके दिली रिश्तों को देखते हुए अमर उजाला द्वारा शुरू किया गया ‘हिंदी हैं हम’ अभियान के तहत हर वर्ग के हिंदी प्रेमी अमर उजाला के संग अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं। हिंदी प्रेमियों का कहना है कि हिंदी बोलने में खुद पे होता है गर्व और सीखने में करते हैं फक्र। हिंदी हमारी संस्कृति है और हमारी विरासत।
विज्ञापन

मातृभाषा से ही हम संस्कार व व्यवहार सीखते हैं : सतपाल सैनी
खादी ग्रामोद्योग के सचिव सतपाल सैनी ने कहा कि मातृभाषा से ही हम संस्कार एवं व्यवहार सीखते हैं एवं अपनी संस्कृति से जुड़कर अपनी धरोहर आगे बढ़ाते हैं। कहा कि यह हमारे लिए दुर्भाग्यपूर्ण है कि नई पीढ़ी हिंदी में गिनती तक भूल चुके हैं। उन्होंने हमारी युवा पीढ़ी से अपील की है कि वे हमारी मातृभाषा हिंदी की अनेदखी न करें। अपनी दिनचर्या में हिंदी का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें। हमें अपनी मातृभाषा पर गर्व होना चाहिए और इस धरोहर को सहेज कर रखें। मातृभाषा से दूरी बनाने पर हमारे मस्तिष्क पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। कहा कि मातृभाषा की अनदेखी कर अंग्रेजी में वार्तालाप करना एक गलत परंपरा चल गई है, जिसकी वजह से शहरी व ग्रामीण बच्चों में दूरियां बढ़ती जा रही है। हमें हिंदी को अपनाना चाहिए। मुझऐ हिंदी भाषा पर गर्व है।
विज्ञापन

हिंदी बोलने में शर्म नहीं गर्व करें महसूस : मुख्तियार सिंह
गुरु नानक स्कूल के प्राचार्य मुख्तियार सिंह ने कहा कि आज की युुवा पीढ़ी का हिंदी से जुड़ाव कम होता जा रहा। हिंदी से युवा पीढ़ी को जोड़ने के लिए हिंदी को अपने गौरव से जोड़ने की आवश्यकता है। कहा कि आज सर्वाधिक बच्चे हिंदी विषय में ही फेल हो रहे हैं। इसीलिए हम सब की जिम्मेदारी बनती है कि हमारी युवा पीढ़ी को जागरूक करें और उन्हें बताए कि हिंदी बोलने में शर्म नहीं गर्व महसूस करें। बच्चों में प्राथमिक स्तर से ही हिंदी के प्रति जुड़ाव पैदा करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

मातृभाषा का सम्मान जरूरी : डॉ. दीप्ति रोहिला
हेल्थकेयर फिजियोथेरेपी संचालक डॉ. दीप्ति रोहिला ने कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा है और इसका सम्मान बेहद जरूरी है। सम्मान करें और दूसरों को भी सिखाएं अपना पक्ष मजबूत रखें, समझाएं, एक दिन नहीं बल्कि हर दिन और हमेशा हिंदी का सम्मान करें। वैसे सभी लोग ऐसे नहीं हैं कि जो अपनी मातृभाषा हिंदी बोलने-पढ़ने के प्रति हीनता महसूस करते हों। हिंदी भाषा पर गर्व करने वाले भी बहुत हैं। पर जो हीनता और शर्म महसूस करते हैं उन्हें उनके खोल से बाहर निकालना बहुत जरूरी है। अपनी मातृभाषा, अपनी प्यारी सरल हिंदी बोलने में क्या शर्म और क्यों हीनता महसूस करना ?

हिंदी एक भाषा ही नहीं, संस्कृति व संस्कार भी : डॉ. अनिश
राजवंशी डेंटल क्लीनिक के संचालक डॉ. अनिश सिंगला ने कहा कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि संस्कृति और संस्कार भी है। यही वजह है कि जब कोई भाषा विलुप्त होती है तो एक संस्कृति का पतन हो जाता है। इसका मतलब है कि जब कोई भाषा समृद्ध होती है तो संस्कृति भी समृद्ध होती है। कहा कि भले ही हिंदी को रोजगार की भाषा नहीं माना जाता है, लेकिन बोलचाल और बाजार में हिंदी के बिना काम नहीं चल पाता है। उन्होंने कहा कि मातृभाषा हिंदी को अंतरराष्ट्रीय भाषा का दर्जा दिलाने के लिए सभी के सहयोग की आवश्यकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed