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स्वास्थ्य कर्मियों ने उठाई मुकदमों को वापस करने की मांग
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कुरुक्षेत्र। स्वास्थ्य एवं गृहमंत्री के नाम सीटीएम को ज्ञापन सौंपते बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्
- फोटो : Kurukshetra
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कुरुक्षेत्र। वर्ष 2018 में एस्मा के तहत दर्ज हुए मुकदमों को वापस करने की मांग को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों ने हरियाणा के गृहमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन की जिला अध्यक्ष सुभाषवती और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सुदेश कुमार की अगुवाई में कर्मचारी सुबह 11 बजे उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। यहां उपायुक्त की अनुपस्थिति में उन्होंने सीटीएम हरप्रीत कौर को गृह मंत्री अनिल विज के नाम ज्ञापन सौंपा।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि गृह विभाग की लापरवाही का खामियाजा स्वास्थ्य कर्मियों को भुगतना पड़ रहा है। जिले के 10 कर्मचारियों के खिलाफ एस्मा के तहत मुकदमा चल रहा है और गृह मंत्री इन मुकदमों को खारिज करने की घोषणा भी कर चुके हैं, लेकिन गृह विभाग के अधिकारी उपायुक्त और पुलिस अधीक्षकों के साथ पिछले तीन सालों से पत्राचार में उलझे हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ समझौता होने के पश्चात ही वर्ष 2018 में 28 अगस्त से 29 सितंबर तक चली हड़ताल को खत्म किया गया था।
उस वक्त सरकार ने एस्मा के तहत दर्ज मुकदमों को वापस लेने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन जो पत्र गृह विभाग की ओर से जारी किया जाना था, वह निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं मलेरिया हरियाणा की ओर से जारी किया गया। यही कारण है कि पिछले तीन सालों से प्रदेशभर के 400 से अधिक स्वास्थ्य कर्मचारियों पर चल रहे मुकदमे वापस नहीं हुए। कहा कि कर्मचारियों को अनावश्यक रूप से अदालतों में चक्कर काटने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया है, अगर अभी भी उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस नहीं लिया जाता तो वे आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे। इस मौके पर कृष्ण मल्होत्रा, प्रवीण कुमारी, भागवंती, अमरजीत कौर, कृष्णा देवी, जगफूल सिंह, मनोज कुमार व कुलदीप दहिया सहित अन्य उपस्थित रहे।
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एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि गृह विभाग की लापरवाही का खामियाजा स्वास्थ्य कर्मियों को भुगतना पड़ रहा है। जिले के 10 कर्मचारियों के खिलाफ एस्मा के तहत मुकदमा चल रहा है और गृह मंत्री इन मुकदमों को खारिज करने की घोषणा भी कर चुके हैं, लेकिन गृह विभाग के अधिकारी उपायुक्त और पुलिस अधीक्षकों के साथ पिछले तीन सालों से पत्राचार में उलझे हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ समझौता होने के पश्चात ही वर्ष 2018 में 28 अगस्त से 29 सितंबर तक चली हड़ताल को खत्म किया गया था।
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उस वक्त सरकार ने एस्मा के तहत दर्ज मुकदमों को वापस लेने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन जो पत्र गृह विभाग की ओर से जारी किया जाना था, वह निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं मलेरिया हरियाणा की ओर से जारी किया गया। यही कारण है कि पिछले तीन सालों से प्रदेशभर के 400 से अधिक स्वास्थ्य कर्मचारियों पर चल रहे मुकदमे वापस नहीं हुए। कहा कि कर्मचारियों को अनावश्यक रूप से अदालतों में चक्कर काटने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया है, अगर अभी भी उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस नहीं लिया जाता तो वे आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे। इस मौके पर कृष्ण मल्होत्रा, प्रवीण कुमारी, भागवंती, अमरजीत कौर, कृष्णा देवी, जगफूल सिंह, मनोज कुमार व कुलदीप दहिया सहित अन्य उपस्थित रहे।
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