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रक्तदान करके दी स्वतंत्रता सेनानी शरत चंद्र बोस को श्रद्घांजलि

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 21 Feb 2022 01:01 AM IST
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अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित डॉ. अशोक कुमार वर्मा के विशेष सहयोग से जिला अस्पताल में 390 वां रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। यह शिविर नेता जी सुभाष चंद्र बोस के बड़े भाई स्वतंत्रता सेनानी शरत चंद्र बोस की पुण्य तिथि पर आयोजित किया गया, जिसमें 17 युवाओं ने रक्तदान के माध्यम से स्वतंत्रता सेनानी शरत चंद्र बोस को श्रद्धांजलि अर्पित की।
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शिविर में मुख्यातिथि के रूप में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लाडवा के प्राचार्य रामपाल सरोहा और पुलिस से सेवानिवृत्त पुलिस निरीक्षक जगदीश चंद ने शिरकत की, जबकि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से दिनेश शर्मा, समाजसेवी प्रशांत शर्मा शगुन वर्मा और शिक्षक सुखविंद्र विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान उन्होंने खुद शिविर में महादान कर आमजन को रक्तदान करने के प्रति एक संदेश दिया।
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इस अवसर पर शिविर के संयोजक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि वे सभी के सहयोग से नियमित रूप से स्वयं भी रक्तदान करते हैं और अन्य लोगों को साथ लेकर उन्हें भी प्रेरित करते हैं। बताया कि अब तक 390 रक्तदान शिविरों में 15597 इकाई से 46791 लोगों को रक्त का लाभ मिला है और भविष्य में भी यह कार्य निरंतर होता रहेगा। इस अवसर पर शिक्षक मनोज कुमार, रमेश कुमार, पुलिस निरीक्षक जगदीश चंद, प्रवीण, शंभू नाथ, मनोज गुप्ता, रामपाल सरोहा, अनिल कुमार, नीरज कुमार, रवि दत्त, शगुन वर्मा, सुखविंद्र और विपिन ने रक्तदान किया।
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रक्तदाता दिनेश शर्मा अब तक 31 बार रक्तदान कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि हमें जरूरत पड़ने पर ही नहीं, बल्कि हर खास मौके पर रक्तदान करके नेक काम करना चाहिए। हमें अपने लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए हमेशा कुछ न कुछ करते रहना चाहिए। वे पहले भी कई बार रक्तदान कर चुके हैं।
हरविंदर ने कहा कि वह 31 बार रक्तदान कर चुके हैं। कहा कि रक्तदान पुण्य का कार्य है। रक्तदान न केवल महादान है, बल्कि एक मानव का दूसरे मानव के लिए जीवन बचाने का साधन भी है। वे किसी भी व्यक्ति को जरूरत के समय रक्त देने को हमेशा तैयार रहते हैं।
16 बार रक्तदान कर चुके प्रशांत शर्मा ने जिला अस्पताल पहुंच रक्तदान किया। उनका का कहना है कि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रक्तदान करना चाहिए, क्योंकि रक्त का उत्पादन नहीं किया जा सकता। रक्तदान से शरीर में कोई कमजोरी नहीं आती है।

रक्तदाता रमेश ने कहा कि रक्तदान करना पुण्य का कार्य है। रक्तदाता द्वारा किया गया रक्तदान असंख्य लोगों को नया जीवन प्रदान करता है। हर व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए, इससे शरीर में कोई कमजोरी नहीं आती है, बल्कि नई ऊर्जा का संचार होता है।
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