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Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की एनआईआरएफ रैंकिंग से बढ़ा हरियाणा का मान
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कुरुक्षेत्र। कुवि का श्रीकृष्ण द्वार।
- फोटो : credit
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कुरुक्षेत्र। नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) 2025 में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने शानदार उपलब्धि हासिल कर हरियाणा का नाम रोशन किया है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने यूनिवर्सिटी के शिक्षकों, स्टाफ और विद्यार्थियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। विवि ने एनआईआरएफ के सभी मानकों में सुधार (एनआईआरएफ) रैंकिंग में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने स्टेट पब्लिक यूनिवर्सिटी कैटेगरी में 53.56 अंक प्राप्त कर 35वां स्थान प्राप्त किया है।
पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष अधिक प्रतिस्पर्धा होने के बावजूद विवि ने एनआईआरएफ रैंकिंग में सुधार किया है। पिछले वर्ष राज्य सार्वजनिक विश्वविद्यालय श्रेणी में स्कोर 50.47 था जो बढ़कर 53.56 हो गया। केयू की रैंकिंग 41 से सुधर कर 35 हो गई है। टीचिंग लर्निंग रिसोर्स पिछले वर्ष 55.2 से बढ़कर इस वर्ष 59.03 हो गए हैं, शोध एवं व्यावसायिक अभ्यास के स्कोर में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जो पिछले वर्ष 25.14 से बढ़कर इस वर्ष 31.19 हो गई है।
ग्रेजुएट आउटकम 60.75 से बढ़कर 62.07 हुआ है। सभी मानकों पर स्कोर में वृद्धि हुई है और इसने समग्र स्कोर में योगदान दिया है। 2023 में विवि का रैंक 201-300 के बीच, वर्ष 2022 में 101-150 के बीच, वर्ष 2021 में 01-150 के बीच, वर्ष 2020 में 99 स्थान, वर्ष 2019 में 98वां स्थान तथा वर्ष 2017 में विवि ने 95वां स्थान हासिल किया था। इस वर्ष रैंकिंग में सुधार शोध के क्षेत्र में एक अच्छा संकेत है।
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कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से भविष्य में रैंकिंग में सुधार की योजना तैयार की गई है। इस योजना के अनुसार सर्वश्रेष्ठ संस्थानों के साथ तुलना कर रैंकिंग में सुधार किया जाएगा और शोध गतिविधियों और अन्य मानकों में वृद्धि करने पर जोर दिया जाएगा।
विवि की उपलब्धियां
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रदेश का सबसे पुराना विश्वविद्यालय है। इसे हरियाणा की मदर यूनिवर्सिटी के नाम से भी जाना जाता है। आजादी के बाद 78 वर्षों में भारत ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। विश्वविद्यालय ने भी शिक्षा जगत में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। यह हरियाणा का एकमात्र सरकारी विश्वविद्यालय है, जिसे नैक की ओर से ए-प्लस-प्लस ग्रेड प्राप्त है। यूजीसी की कैटेगरी वन सूची में आठवां स्थान और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को इसके सभी प्रमुख प्रावधानों के साथ लागू करने वाला देश का पहला विश्वविद्यालय है। देश में खेलों के क्षेत्र में प्रदान की जाने वाली सबसे प्रतिष्ठित मौलाना अबुल कलाम आजाद (माका) ट्रॉफी में पिछले दो साल में तीसरा स्थान हासिल किया है। वहीं सांस्कृतिक गतिविधियों में भी विवि सभी विश्वविद्यालयों में तीसरे स्थान पर और सरकारी विश्वविद्यालयों में पहले स्थान पर रहा है।
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पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष अधिक प्रतिस्पर्धा होने के बावजूद विवि ने एनआईआरएफ रैंकिंग में सुधार किया है। पिछले वर्ष राज्य सार्वजनिक विश्वविद्यालय श्रेणी में स्कोर 50.47 था जो बढ़कर 53.56 हो गया। केयू की रैंकिंग 41 से सुधर कर 35 हो गई है। टीचिंग लर्निंग रिसोर्स पिछले वर्ष 55.2 से बढ़कर इस वर्ष 59.03 हो गए हैं, शोध एवं व्यावसायिक अभ्यास के स्कोर में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जो पिछले वर्ष 25.14 से बढ़कर इस वर्ष 31.19 हो गई है।
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ग्रेजुएट आउटकम 60.75 से बढ़कर 62.07 हुआ है। सभी मानकों पर स्कोर में वृद्धि हुई है और इसने समग्र स्कोर में योगदान दिया है। 2023 में विवि का रैंक 201-300 के बीच, वर्ष 2022 में 101-150 के बीच, वर्ष 2021 में 01-150 के बीच, वर्ष 2020 में 99 स्थान, वर्ष 2019 में 98वां स्थान तथा वर्ष 2017 में विवि ने 95वां स्थान हासिल किया था। इस वर्ष रैंकिंग में सुधार शोध के क्षेत्र में एक अच्छा संकेत है।
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कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से भविष्य में रैंकिंग में सुधार की योजना तैयार की गई है। इस योजना के अनुसार सर्वश्रेष्ठ संस्थानों के साथ तुलना कर रैंकिंग में सुधार किया जाएगा और शोध गतिविधियों और अन्य मानकों में वृद्धि करने पर जोर दिया जाएगा।
विवि की उपलब्धियां
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रदेश का सबसे पुराना विश्वविद्यालय है। इसे हरियाणा की मदर यूनिवर्सिटी के नाम से भी जाना जाता है। आजादी के बाद 78 वर्षों में भारत ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। विश्वविद्यालय ने भी शिक्षा जगत में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। यह हरियाणा का एकमात्र सरकारी विश्वविद्यालय है, जिसे नैक की ओर से ए-प्लस-प्लस ग्रेड प्राप्त है। यूजीसी की कैटेगरी वन सूची में आठवां स्थान और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को इसके सभी प्रमुख प्रावधानों के साथ लागू करने वाला देश का पहला विश्वविद्यालय है। देश में खेलों के क्षेत्र में प्रदान की जाने वाली सबसे प्रतिष्ठित मौलाना अबुल कलाम आजाद (माका) ट्रॉफी में पिछले दो साल में तीसरा स्थान हासिल किया है। वहीं सांस्कृतिक गतिविधियों में भी विवि सभी विश्वविद्यालयों में तीसरे स्थान पर और सरकारी विश्वविद्यालयों में पहले स्थान पर रहा है।

कुरुक्षेत्र। कुवि का श्रीकृष्ण द्वार।- फोटो : credit