फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   haryana haritage, kurukshetra news, haryana news, world haritage day

चंडीगढ़ के स्टोर रूम में कैद है हजारों साल पुरानी विरासतें 

Mon, 18 Apr 2016 01:00 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र Updated Mon, 18 Apr 2016 01:00 AM IST
विज्ञापन
haryana haritage, kurukshetra news, haryana news, world haritage day
ध्‍ाराोहर - फोटो : amar ujala
विरासत को सहेजने और लोगों तक पहुंचाने का दावा राज्य सरकार वक्त वक्त पर करती रही है। लेकिन हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता की वस्तुएं सहेजने के लिए सरकार के पास स्टेट म्यूजियम तक नहीं है। वर्ल्ड हैरिटेज डे मनाने के लिए भी सरकारी तंत्र कवायदों में जुटा है, लेकिन हरियाणा के कुरुक्षेत्र, हिसार, जींद, कैथल और फतेहाबाद में मिले सभ्यता के निशानों को चंडीगढ़ में राज्य पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के स्टोर रूम में धूल फांकने के लिए कैद करके रखा हुआ है। दूसरी तरफ प्रदेश के हैरिटेज भवनों के रखरखाव को लेकर भी न तो विभाग गंभीर है और न ही सरकार। अमर उजाला की खास रिपोर्ट ।
विज्ञापन

 
सोमवार को वर्ल्ड हैरिटेज डे मनाया जाएगा। परंपरा के तहत इस बार भी सरकारी औपचारिकता को अंजाम देख कर अदद गोष्ठी से ही काम चलाने की तैयारी की जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार हरियाणा पूरे देश में एक मात्र ऐसा प्रदेश है, जहां प्राचीन सभ्यता सबसे समृद्ध स्थिति में थी। कुरुक्षेत्र में भगवानपुरा, कैथल में बालू, फतेहाबाद में बाणावली और कुणाल कालीन सभ्यता, हिसार में राखीगढ़ी सभ्यता के निशान है। हिसार में केंद्र सरकार की ओर से कई वर्ष पूर्व खुदाई कराई गई थी। इस दौरान यहां राखीगढ़ी सभ्यता के निशान सामने आए थे।
विज्ञापन


कुरुक्षेत्र श्रीकृष्ण म्यूजियम के क्यूरेटर राजेंद्र सिंह राणा के अनुसार देश में सबसे प्राचीन सभ्यता के तौर पर हड़प्पा संस्कृति को माना जाता है, जो उस वक्त भी आधुनिकता का बड़ा प्रमाणा थी। इसी सभ्यता को एक भाग राखीगढ़ी सभ्यता भी है। जो तकरीबन पांच हजार वर्ष पुरानी है। 2500ईपू. से 1700 ईपू. पुरानी यह हड़प्पा सभ्यता जींद से हिसार के बीच मिली थी। यहां खुदाई में उस वक्त के बर्तन, भांडे, भित्तचित्र आदि मिले थे। इसी तरह फतेहाबाद के कुनाल गांव में सरस्वती के निशान होने की बात कही गई थी। पुरातत्व विभाग ने लंबे समय पूर्व यहां खुदाई कराई। इस दौरान यहां भी 3000 से 4000 साल पुराने अवशेष और वस्तुएं मिली थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश के अन्य शहरों में भी कभी पुरातत्व विभाग तो कभी विश्वविद्यालयों की टीमों ने खुदाई की थी। जो वस्तुएं मिली थी उन्हें सहेजने और लोगों को उस वक्त की सभ्यता से रूबरू कराने के बजाय चंडीगढ़ ले जाया गया। यहां भी विभाग के स्टोर रूम में पटक दिया गया। 

विभाग की लापरवाही यहां पड़ी भारी
रोहतक के खोखराकोट में खुदाई के दौरान बौद्ध स्तूप मिला था। लेकिन इसे सहेजने के बजाय ऐसे ही छोड़ दिया गया। चार हजार वर्ष पुराना यह स्तूप लोगों के लिए मिट्टी का टीला साबित हुआ और लोग इसे मिट्टी समझ कर खो कर ले गए। लेकिन न तो प्रशासन का ध्यान गया और न सरकार का। इसी तरह कुरुक्षेत्र के पास जोगनखेड़ा में खुदाई के दौरान धातु पिघलाने की भट्टियां मिली थी। लोगों ने इन्हें भी  टीले समझा और मिट्टी खोद कर ले गए। शासकीय लापरवाही से यहां हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता खत्म हो गई। 

50 वर्ष में भी नहीं बन पाया स्टेट म्यूजियम 
विशेषज्ञों का कहना है कि हरियाणा को अस्तित्व में आए करीब 50 वर्ष हो गए। देश के हर प्रदेश में स्टेट म्यूजियम है। जहां ऐसे प्राचीन धरोहरों को सहेजकर रखा जाता है।  1966 से लेकर आज तक सरकारें आई गए लेकिन स्टेट म्यूजियम तक कोई सरकार अब तक नहीं बना पाई है। चौटाला सरकार के वक्त राज्य पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग का दफ्तर पंचकुला से कुरुक्षेत्र कर दिया गया था ताकि प्रदेश के लोगों को दूर तक न जाना पड़े। लेकिन सरकार बदलते ही यह दफ्तर वापस पंचकुला कर दिया गया। ऐसे में प्रदेश की इन हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता को सहेजने के लिए फिलहाल कोई जिम्मेदार नहीं है। 

इन धरोहरों पर भी अनदेखी
कुरुक्षेत्र में ज्योतिसर, अमीनगांव सहित आसपास  के क्षेत्रों में महाभारत काल के निशानात आज भी मौजूद हैं। इसके अलावा  शहर में शेख चेहली का मकबरा सहित अन्य प्राचीन अवशेष है लेकिन इनकी देखरेख  भी ठीक से नहीं हो पा रही है। मकबरे की कई दीवारों में दरारे आने लगी है।  गंदगी का आलम भी चरम पर है। 


यह कहते हैं अधिकारी 
यह सही है कि प्रदेश में फिलहाल स्टेट म्यूजियम नहीं है। लेकिन खुदाई में मिली कुछ चीजें पानीपत म्यूजियम और कुरुक्षेत्र म्यूजियम में डिसप्ले की गई है। शेष चंडीगढ़ में रखी हुई है। स्टेट म्यूजियम जल्द तैयार होगा।इसके लिए कवायद की जा रही है। मैंने अभी अभी ज्वाइन किया है। विभाग अपने स्तर पर बेहतर काम करेगा। बनानी भटटचार्य, डिप्टी डायरेक्टर राज्य पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed