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कठोर परिश्रम ही सफलता की एकमात्र कुंजी : आचार्य देवव्रत
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कुरुक्षेत्र। गुरुकुल कुरुक्षेत्र में 12वीं कक्षा के छात्रों का दीक्षांत समारोह मनाया गया, जिसमें गुरुकुल के संरक्षक एवं गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने कहा कि दुनिया में सफलता की एकमात्र कुंजी कठोर परिश्रम है, क्योंकि मेहनत के बिना कोई आदमी बड़ा नहीं बन सकता। उन्होंने कहा कि गुरुकुल जैसा वातावरण अन्य कहीं नहीं मिलेगा, यह तो स्वर्ग के समान है जब यहां से निकलकर जब बाहरी दुनिया के दूषित वातावरण में जाएंगे तो वहां पर नशाखोरी जैसी कई बुराइयों से सामना होगा, जिनसे तुम्हें केवल गुरुकुल में मिले संस्कार और यहां की दिनचर्या बचा सकती है। उन्होंने कहा कि गुरुकुल में अक्षरज्ञान के साथ-साथ संस्कार और अच्छे विचारों की जो शिक्षा दी गई है, उसे हमेशा याद रखना चाहिए। यदि आपने अपने विचार पवित्र रखे तो ऐसी बुराइयां आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकती और जीवन में नई ऊंचाइयों को छुएंगे। उत्तम विचार, कड़ी मेहनत और चिंतन से ही आप अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा पूर्व राष्ट्रपति डाॅ. कलाम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अभावों की भट्टी में तपकर इन महापुरुषों ने अपने आपको कुंदन बनाया और आज सारा विश्व इनकी प्रतिभा का लोहा मानता है। ऐसे लोगों से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए। समारोह के शुरुआत में निदेशक ब्रिगेडियर डाॅ. प्रवीण कुमार ने गुरुकुल के संक्षिप्त परिचय के साथ छात्रों की उपलब्धियों का विवरण दिया। इस दौरान जबकि गुरुकुल के प्रधान राजकुमार गर्ग, निदेशक ब्रिगेडियर डाॅ. प्रवीण कुमार, प्राचार्य सूबे प्रताप व अन्य आचार्य भी मौजूद रहे।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा पूर्व राष्ट्रपति डाॅ. कलाम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अभावों की भट्टी में तपकर इन महापुरुषों ने अपने आपको कुंदन बनाया और आज सारा विश्व इनकी प्रतिभा का लोहा मानता है। ऐसे लोगों से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए। समारोह के शुरुआत में निदेशक ब्रिगेडियर डाॅ. प्रवीण कुमार ने गुरुकुल के संक्षिप्त परिचय के साथ छात्रों की उपलब्धियों का विवरण दिया। इस दौरान जबकि गुरुकुल के प्रधान राजकुमार गर्ग, निदेशक ब्रिगेडियर डाॅ. प्रवीण कुमार, प्राचार्य सूबे प्रताप व अन्य आचार्य भी मौजूद रहे।
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