{"_id":"68b4b0798f1208ef56063293","slug":"guru-manyo-granth-chetna-ferry-decorated-with-the-echo-of-gurbani-kurukshetra-news-c-45-1-sknl1005-141371-2025-09-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: गुरबाणी की गूंज संग सजी गुरु मान्यो ग्रंथ चेतना फेरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: गुरबाणी की गूंज संग सजी गुरु मान्यो ग्रंथ चेतना फेरी
विज्ञापन
शाहाबाद। चेतना फेरी की अगुआई करते पंज प्यारे। विज्ञप्ति
शाहाबाद। श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पहले प्रकाश पर्व को समर्पित गुरु मान्यो ग्रंथ चेतना फेरी रविवार सुबह श्रद्धा और उत्साह के साथ गुरुद्वारा श्री गुरु नानक दरबार से सजाई गई। चेतना फेरी का आयोजन गुरुद्वारा श्री गुरु नानक दरबार प्रबंधक कमेटी, नौजवान सेवक सभा, स्त्री सत्संग सभा और स्थानीय संगत के सहयोग से किया गया। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया और पंज प्यारों के नेतृत्व में सजाई गई इस फेरी में संगत ने पूरी आस्था और भक्ति भाव से हिस्सा लिया।
फूलों से सजी श्री पालकी साहिब में विराजमान साहिब गुरु ग्रंथ साहिब के दर्शन कर संगत भाव-विभोर हो गई। बोले सो निहाल, सत श्री अकाल के जयकारों से गगन मंडल गूंज उठा। स्त्री सत्संग सभा की सदस्यों और शब्दी जत्थे के भाईयों ने श्री पालकी साहिब के साथ चलते हुए रसमयी गुरबाणी शब्द-कीर्तन किया जिसने वातावरण को और भी अधिक पावन बना दिया। सुबह पांच बजे वरिष्ठ मीत ग्रंथी भाई परविंदर सिंह ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के समक्ष सरबत के भले की अरदास करके चेतना फेरी की शुरुआत की। यह फेरी लवकुश गेट, गणपति काॅलोनी, अटारी काॅलोनी, सिद्धार्थ काॅलोनी, सतलुज स्कूल, किशनगढ़ रोड, लक्की काॅलोनी, जीटी रोड, हुडा सेक्टर और देवी मंदिर रोड से होते हुए पुनः गुरुद्वारा श्री नानक दरबार पहुंची। रास्ते में जगह-जगह संगत की ओर से सुंदर गेट सजाए गए और संगत के लिए प्रसाद व जलपान की व्यवस्था की गई।
इस दौरान पूरे शहर का माहौल आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आया। संगत सिर झुका कर श्री पालकी साहिब को नमन करती रही। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों ने चेतना फेरी में शामिल होकर श्रद्धा प्रकट की।
विज्ञापन
विज्ञापन
फूलों से सजी श्री पालकी साहिब में विराजमान साहिब गुरु ग्रंथ साहिब के दर्शन कर संगत भाव-विभोर हो गई। बोले सो निहाल, सत श्री अकाल के जयकारों से गगन मंडल गूंज उठा। स्त्री सत्संग सभा की सदस्यों और शब्दी जत्थे के भाईयों ने श्री पालकी साहिब के साथ चलते हुए रसमयी गुरबाणी शब्द-कीर्तन किया जिसने वातावरण को और भी अधिक पावन बना दिया। सुबह पांच बजे वरिष्ठ मीत ग्रंथी भाई परविंदर सिंह ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के समक्ष सरबत के भले की अरदास करके चेतना फेरी की शुरुआत की। यह फेरी लवकुश गेट, गणपति काॅलोनी, अटारी काॅलोनी, सिद्धार्थ काॅलोनी, सतलुज स्कूल, किशनगढ़ रोड, लक्की काॅलोनी, जीटी रोड, हुडा सेक्टर और देवी मंदिर रोड से होते हुए पुनः गुरुद्वारा श्री नानक दरबार पहुंची। रास्ते में जगह-जगह संगत की ओर से सुंदर गेट सजाए गए और संगत के लिए प्रसाद व जलपान की व्यवस्था की गई।
विज्ञापन
इस दौरान पूरे शहर का माहौल आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आया। संगत सिर झुका कर श्री पालकी साहिब को नमन करती रही। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों ने चेतना फेरी में शामिल होकर श्रद्धा प्रकट की।
विज्ञापन