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राज्यपाल ने गीता ज्ञान संस्थानम केंद्र में जीओ गीता लाइब्रेरी का किया उद्घाटन
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कुरुक्षेत्र।गीता ज्ञान संस्थानम केंद्र में जीओ गीता लाईब्रेरी का उदघाटन करते हरियाणा के राज्य?
- फोटो : Kurukshetra
गीता ज्ञान संस्थानम केंद्र में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने दुर्लभ ग्रंथ कक्ष सहित सभी कक्षों का बारीकी से अवलोकन किया। संस्थानम में विश्व के कोने-कोने से लाकर रखी गई दुर्लभ विभिन्न गीताजी को देखकर राज्यपाल गदगद हो उठे। स्वामी ज्ञानानंद ने राज्यपाल को दुर्लभ गीता जी से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारी भी दी।
इससे पहले राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, स्वामी ज्ञानानंद महाराज, खेल राज्यमंत्री मंत्री संदीप सिंह, सांसद नायब सैनी, टीडी बोर्ड के सदस्य जनार्दन रेड्डी, जया वाणी रेड्डी, भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. पवन सैनी, केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा, भद्रकाली पीठाध्यक्ष डॉ. सतपाल शर्मा, गुरुग्राम विश्वविद्यालय के कुलपति एवं जीओ गीता संस्थान के राष्ट्रीय उपप्रधान डॉ. मारकंडेय आहुजा ने मंत्रोच्चारण के बीच जीओ गीता लाइब्रेरी का विधिवत रूप से उद्घाटन किया।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि गीता ज्ञान संस्थानम केंद्र के माध्यम से आधुनिक भारत की नींव रखी जा रही है। इस संस्थान के माध्यम से पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंच रहा है। यह संस्थान सही मायने में संस्कृति और अस्तित्व को आगे बढ़ाने का संदेश भी दे रहा है। उन्होंने कहा कि मैं गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद का आभार व्यक्त करता हूं।
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स्वामी ज्ञानानंद जीओ गीता के माध्यम से गीता का संदेश विश्व के कोने-कोने तक पहुंचाने का सफल प्रयास किया जा रहा है। इनके इस प्रयास से जीओ गीता पुस्तकालय गीता के प्रचार-प्रसार में एक मील का पत्थर साबित होगा। इस पुस्तकालय के माध्यम से विश्व भर की मानव जाति गीता के परम संदेश को ग्रहण कर पाएगी, जो विश्व में शांति-सद्भाव का वातावरण तैयार करने के साथ-साथ अलौकिक अनुभूति का एहसास कराएगी।
वहीं, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि जीओ गीता लाइब्रेरी पांच हजार स्क्वायर फीट में बनाई गई है। इसमें पांच हजार पुस्तकें रखी गई हैं और आने वाले एक साल में इस पुस्तकालय में 50 हजार पुस्तकों की संख्या हो जाएगी। इस पुस्तकालय में दुर्लभ पुस्तकें भी रखी गई हैं और विश्व इनसाईक्लोपीडिया, एक हजार से ज्यादा लेखक और विचारकों की पुस्तकें रखी गई हैं।
इस लाइब्रेरी में ई-लाइब्रेरी के माध्यम से पूरे विश्व की लाइब्रेरियों से जुड़कर पवित्र ग्रंथ गीता पर अध्ययन किया जा सकेगा। इस मौके पर डीसी मुकुल कुमार, एसपी हिमांशु गर्ग, केयू कुलपति प्रो. सोमदत्त सचदेवा, आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति बलदेव धीमान, मीडिया प्रभारी रामपाल शर्मा, केडीबी सदस्य सौरव चौधरी, उपेंद्र सिंघल, विजय नरूला, केसी रंगा, महेंद्र सिंगला, हंसराज सिंगला, राजेंद्र चोपड़ा, प्रदीप झांब सहित अन्य मौजूद रहे।
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इससे पहले राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, स्वामी ज्ञानानंद महाराज, खेल राज्यमंत्री मंत्री संदीप सिंह, सांसद नायब सैनी, टीडी बोर्ड के सदस्य जनार्दन रेड्डी, जया वाणी रेड्डी, भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. पवन सैनी, केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा, भद्रकाली पीठाध्यक्ष डॉ. सतपाल शर्मा, गुरुग्राम विश्वविद्यालय के कुलपति एवं जीओ गीता संस्थान के राष्ट्रीय उपप्रधान डॉ. मारकंडेय आहुजा ने मंत्रोच्चारण के बीच जीओ गीता लाइब्रेरी का विधिवत रूप से उद्घाटन किया।
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राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि गीता ज्ञान संस्थानम केंद्र के माध्यम से आधुनिक भारत की नींव रखी जा रही है। इस संस्थान के माध्यम से पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंच रहा है। यह संस्थान सही मायने में संस्कृति और अस्तित्व को आगे बढ़ाने का संदेश भी दे रहा है। उन्होंने कहा कि मैं गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद का आभार व्यक्त करता हूं।
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स्वामी ज्ञानानंद जीओ गीता के माध्यम से गीता का संदेश विश्व के कोने-कोने तक पहुंचाने का सफल प्रयास किया जा रहा है। इनके इस प्रयास से जीओ गीता पुस्तकालय गीता के प्रचार-प्रसार में एक मील का पत्थर साबित होगा। इस पुस्तकालय के माध्यम से विश्व भर की मानव जाति गीता के परम संदेश को ग्रहण कर पाएगी, जो विश्व में शांति-सद्भाव का वातावरण तैयार करने के साथ-साथ अलौकिक अनुभूति का एहसास कराएगी।
वहीं, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि जीओ गीता लाइब्रेरी पांच हजार स्क्वायर फीट में बनाई गई है। इसमें पांच हजार पुस्तकें रखी गई हैं और आने वाले एक साल में इस पुस्तकालय में 50 हजार पुस्तकों की संख्या हो जाएगी। इस पुस्तकालय में दुर्लभ पुस्तकें भी रखी गई हैं और विश्व इनसाईक्लोपीडिया, एक हजार से ज्यादा लेखक और विचारकों की पुस्तकें रखी गई हैं।
इस लाइब्रेरी में ई-लाइब्रेरी के माध्यम से पूरे विश्व की लाइब्रेरियों से जुड़कर पवित्र ग्रंथ गीता पर अध्ययन किया जा सकेगा। इस मौके पर डीसी मुकुल कुमार, एसपी हिमांशु गर्ग, केयू कुलपति प्रो. सोमदत्त सचदेवा, आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति बलदेव धीमान, मीडिया प्रभारी रामपाल शर्मा, केडीबी सदस्य सौरव चौधरी, उपेंद्र सिंघल, विजय नरूला, केसी रंगा, महेंद्र सिंगला, हंसराज सिंगला, राजेंद्र चोपड़ा, प्रदीप झांब सहित अन्य मौजूद रहे।