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देवताओं में प्रथम आराधनीय श्री गणेश का वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ किया गया श्री गणेश चतुर्थी पर पूजन
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कोरोना के बीच जिलेभर में गणेश चतुर्थी का त्योहार बड़ी धूम धाम से मनाया गया। इस दौरान लोगों ने जहां घरों में रहकर गणेश पूजन किया वहीं कई जगह कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इस कार्यक्रम में कोविड-19 के नियमों की पालना की गई। देशभर के विभिन्न राज्यों में संचालित श्री जयराम संस्थाओं के परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने श्री गणेश चतुर्थी के अवसर पर ब्रह्मसरोवर के तट पर श्री जयराम विद्यापीठ में देवी देवताओं में प्रथम आराधनीय श्री गणेश की भव्य प्रतिमा के समक्ष विधिवत वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजन किया। ब्रह्मचारी ने मंत्रोच्चारण के साथ श्री गणेश का आह्वान कर उन्हें विराजमान किया। उन्होंने बताया कि भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को गणेश जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है।
ऐसी पौराणिक मान्यता है कि आज के ही दिन भगवान शिव ने हाथी का शीश लगाकर श्री गणेश को जीवित किया था। ब्रह्मचारी ने कहा कि भगवान गजानन सभी जीवों पर कृपा करते हैं। श्री गणेश चतुर्थी पर श्री गणेश जी को विराजमान कर उनकी उपासना करने से श्री गणेश सभी दुखों एवं कष्टों को हर लेते हैं। ब्रह्मचारी ने बताया कि श्री गणेश चतुर्थी के अवसर पर पूजन में सर्वजन के कल्याण की भावना से कोरोना महामारी से मुक्ति एवं विश्व शांति की कामना की गई है। भगवान श्री गणेश कभी अपने भक्तों को निराश नहीं करते हैं। उन्होंने बताया कि विद्यापीठ में श्री गणेश महोत्सव पर विद्वान ब्राह्मणों द्वारा नियमित पूजन होगा। श्री जयराम संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य रणबीर भारद्वाज एवं आचार्य पं. राजेश प्रसाद लेखवार ने श्री गणेश चतुर्थी का पूजन करवाया। इस अवसर पर श्री गणेश की आरती की गई। विद्यापीठ के ब्रह्मचारियों ने जब गणपति बप्पा मोरिया का उद्घोष किया तो वातावरण पूर्णतया भक्तिमय हो गया। श्री गणेश भजनों पर विद्यापीठ के सेवक एवं श्रद्धालु खूब झूमे। संस्था के मीडिया प्रभारी राजेश सिंगला ने बताया कि विद्यापीठ में सोशल डिस्टेंसिंग एवं अन्य नियमों का ध्यान रखते हुए कार्यक्रम का सूक्ष्म आयोजन किया गया है। इस अवसर पर श्रवण कुमार गुप्ता, राजेंद्र सिंघल, के के कौशिक, खरैती लाल सिंगला, कुलवंत सैनी, सुरेंद्र गुप्ता, प्रवेश राणा, यशपाल राणा, अशोक गर्ग, विनय गुप्ता, सतबीर कौशिक, रोहित कौशिक, राम निवास, नरेंद्र शर्मा इत्यादि भी मौजूद रहे।
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ऐसी पौराणिक मान्यता है कि आज के ही दिन भगवान शिव ने हाथी का शीश लगाकर श्री गणेश को जीवित किया था। ब्रह्मचारी ने कहा कि भगवान गजानन सभी जीवों पर कृपा करते हैं। श्री गणेश चतुर्थी पर श्री गणेश जी को विराजमान कर उनकी उपासना करने से श्री गणेश सभी दुखों एवं कष्टों को हर लेते हैं। ब्रह्मचारी ने बताया कि श्री गणेश चतुर्थी के अवसर पर पूजन में सर्वजन के कल्याण की भावना से कोरोना महामारी से मुक्ति एवं विश्व शांति की कामना की गई है। भगवान श्री गणेश कभी अपने भक्तों को निराश नहीं करते हैं। उन्होंने बताया कि विद्यापीठ में श्री गणेश महोत्सव पर विद्वान ब्राह्मणों द्वारा नियमित पूजन होगा। श्री जयराम संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य रणबीर भारद्वाज एवं आचार्य पं. राजेश प्रसाद लेखवार ने श्री गणेश चतुर्थी का पूजन करवाया। इस अवसर पर श्री गणेश की आरती की गई। विद्यापीठ के ब्रह्मचारियों ने जब गणपति बप्पा मोरिया का उद्घोष किया तो वातावरण पूर्णतया भक्तिमय हो गया। श्री गणेश भजनों पर विद्यापीठ के सेवक एवं श्रद्धालु खूब झूमे। संस्था के मीडिया प्रभारी राजेश सिंगला ने बताया कि विद्यापीठ में सोशल डिस्टेंसिंग एवं अन्य नियमों का ध्यान रखते हुए कार्यक्रम का सूक्ष्म आयोजन किया गया है। इस अवसर पर श्रवण कुमार गुप्ता, राजेंद्र सिंघल, के के कौशिक, खरैती लाल सिंगला, कुलवंत सैनी, सुरेंद्र गुप्ता, प्रवेश राणा, यशपाल राणा, अशोक गर्ग, विनय गुप्ता, सतबीर कौशिक, रोहित कौशिक, राम निवास, नरेंद्र शर्मा इत्यादि भी मौजूद रहे।
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