{"_id":"6282b3a008080419ab619aaf","slug":"fury-march-in-support-of-demands-kurukshetra-kurukshetra-news-knl108420955","type":"story","status":"publish","title_hn":"मांगों के समर्थन में रोष मार्च निकाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मांगों के समर्थन में रोष मार्च निकाला
विज्ञापन
लघु सचिवालय के बाहर रोष जताते अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ के सदस्य।
- फोटो : Kurukshetra
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। मांगों के समर्थन में हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ ने उपायुक्त कार्यालय की अधीक्षक सुरेंद्र चावला को सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। इससे पहले सभी कर्मी नए बस अड्डे के साथ लगते ताज पार्क में एकत्रित हुए। यहां से सभी सदस्य रोष मार्च निकालते हुए लघु सचिवालय पहुंचे और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
संघ ने हरियाणा सरकार प्रदेश पर संवैधानिक आरक्षण की अनदेखी करने और अनुसूचित जाति के युवाओं को सरकारी नौकरी न देने के लिए लंबे समय से बैकलॉग की भर्ती न करने का आरोप लगाया। राज्य कोषाध्यक्ष ओम प्रकाश सरोहा ने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग में संवैधानिक आरक्षण की अनदेखी करने पर हरियाणा सरकार के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है। सरकार कौशल रोजगार निगम के तहत भर्ती को बंद करे और नियमित भर्ती का रास्ता अपनाएं, जिससे अनुसूचित जाति वर्ग को संवैधानिक आरक्षण प्राप्त हो सके। रोजगार निगम के तहत भर्ती उतनी ही जरूरी लगती है तो वह उसमें भी अनुसूचित जाति के संवैधानिक आरक्षण का प्रावधान करें।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकारी विभागों में करीब 35 हजार का बैकलॉग है, जिसमें अकेले पुलिस विभाग में ही 17 हजार का बैकलॉग बकाया है। वहीं राज पाल और रमेश थाना ने कहा कि हरियाणा सरकार शिक्षा निजीकरण बंद करके शिक्षा के अधिकार के तहत सरकारी विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं प्रदान दें। सरकार व शिक्षा विभाग द्वारा मॉडल संस्कृति स्कूलों में सुविधा शुल्क तथा निजी स्कूलों को 134ए के नाम पर फीस को बंद किया जाए।
विज्ञापन
राजकुमार तुषार ने कहा कि आए दिन अनुसूचित जाति के लोगों पर उत्पीड़न की घटनाएं हो रही है, जिस पर संज्ञान नहीं लिया जाता है और लीपापोती होती है। सरकार सभी विभागाध्यक्ष व पुलिस विभाग को उत्पीड़न के मामलों में त्वरित कार्रवाई करने के आदेश जारी करे। जसमेर मथाना ने चार मई 2018 के पत्र को ईमानदारी से लागू करने, पदोन्नति देने, राजस्थान की तर्ज पर पुरानी पेंशन लागू करने सहित अन्य मांगों को दोहराया। इस मौके पर राजबीर, राम लाल, सुधीर ढांडा, रामकरण, राजेंद्र भट्टी, रामपाल सरोहा, मनोज कुमार, पवन कुमार, राजेंद्र कुमार, दारा सिंह, रमेश कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। मांगों के समर्थन में हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ ने उपायुक्त कार्यालय की अधीक्षक सुरेंद्र चावला को सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। इससे पहले सभी कर्मी नए बस अड्डे के साथ लगते ताज पार्क में एकत्रित हुए। यहां से सभी सदस्य रोष मार्च निकालते हुए लघु सचिवालय पहुंचे और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
संघ ने हरियाणा सरकार प्रदेश पर संवैधानिक आरक्षण की अनदेखी करने और अनुसूचित जाति के युवाओं को सरकारी नौकरी न देने के लिए लंबे समय से बैकलॉग की भर्ती न करने का आरोप लगाया। राज्य कोषाध्यक्ष ओम प्रकाश सरोहा ने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग में संवैधानिक आरक्षण की अनदेखी करने पर हरियाणा सरकार के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है। सरकार कौशल रोजगार निगम के तहत भर्ती को बंद करे और नियमित भर्ती का रास्ता अपनाएं, जिससे अनुसूचित जाति वर्ग को संवैधानिक आरक्षण प्राप्त हो सके। रोजगार निगम के तहत भर्ती उतनी ही जरूरी लगती है तो वह उसमें भी अनुसूचित जाति के संवैधानिक आरक्षण का प्रावधान करें।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकारी विभागों में करीब 35 हजार का बैकलॉग है, जिसमें अकेले पुलिस विभाग में ही 17 हजार का बैकलॉग बकाया है। वहीं राज पाल और रमेश थाना ने कहा कि हरियाणा सरकार शिक्षा निजीकरण बंद करके शिक्षा के अधिकार के तहत सरकारी विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं प्रदान दें। सरकार व शिक्षा विभाग द्वारा मॉडल संस्कृति स्कूलों में सुविधा शुल्क तथा निजी स्कूलों को 134ए के नाम पर फीस को बंद किया जाए।
विज्ञापन
राजकुमार तुषार ने कहा कि आए दिन अनुसूचित जाति के लोगों पर उत्पीड़न की घटनाएं हो रही है, जिस पर संज्ञान नहीं लिया जाता है और लीपापोती होती है। सरकार सभी विभागाध्यक्ष व पुलिस विभाग को उत्पीड़न के मामलों में त्वरित कार्रवाई करने के आदेश जारी करे। जसमेर मथाना ने चार मई 2018 के पत्र को ईमानदारी से लागू करने, पदोन्नति देने, राजस्थान की तर्ज पर पुरानी पेंशन लागू करने सहित अन्य मांगों को दोहराया। इस मौके पर राजबीर, राम लाल, सुधीर ढांडा, रामकरण, राजेंद्र भट्टी, रामपाल सरोहा, मनोज कुमार, पवन कुमार, राजेंद्र कुमार, दारा सिंह, रमेश कुमार आदि मौजूद रहे।