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Kurukshetra News: नकली भतीजा बनकर तीर्थ पुरोहित से की 34 लाख की ठगी
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पिहोवा। नकली भतीजा बन विदेश में बैठे अनजान व्यक्ति ने शहर के एक तीर्थ पुरोहित से 34 लाख रुपये की ठगी कर ली । अपने साथ हुए धोखे का पता चलते ही उसके होश उड़ गए और उसने बारे तुरंत पुलिस को सूचित किया ।
पुलिस में दी गई शिकायत में दिनेश तिवारी वासी खेडे वाली गली ने बताया कि वह तीर्थ पुरोहित है। छोटे भाई वासुदेव बेटा शुभम तिवारी स्पेन में रहता है । चार मई को उसके पास किसी ने कॉल कर खुद को शुभम बताया और पहले हालचाल पूछा तो फिर कहा कि वह मुसीबत में है। उसे एजेंट को पैसे देने है और वह इस बारे में किसी को जिक्र न करें। उसने कहा कि परिवारजनों को पता चला तो वह आत्महत्या कर लेगा। वह उसकी बातों में आ गया और उसके कहे अनुसार एक खाते में तीन-तीन लाख रुपये दो बार जमा करवा दिए । उसी दौरान मुम्बई से भी एक फ़ोन आया कि आप के खाते में 28 लाख रुपये जमा हुए हैं, कल निकलवा लेना। दो दिन बाद फिर से शुभम बन कर फोन आया उसने बोला कि ताया जी और पैसे डलवा दो, जितने भी एजेंट ने आप को बताए उतने ही जरूरी है। एजेंट ने उसका खाता बंद करवा दिया है, जिस वजह से वह पैसे भी नहीं निकलवा पा रहा है। उसने फिर भरोसा किया और पांच लाख रुपये जमा करवा दिए। फिर उसके कहे अनुसार छह लाख रुपये जमा करवा दिए। नौ मई को फिर पांच लाख रुपये मांगे और बताया कि 34 लाख रुपये जरूरी है। उसके कहे अनुसार रकम डलवाता रहा। बार-बार पैसे मांगे जाने और जमा कराए जाने के बावजूद आज जब आठ लाख रुपये उसने अपने भाई वासुदेव से आठ लाख रुपये शुभम को भेजे जाने के लिए उधार मांगे तो उसे शक हुआ। उसे शुभम से बातचीत की तो उसने बताया कि कोई कॉल ही नही की, जिसके बाद पता चला कि उनके साथ धोखाधड़ी की गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस में दी गई शिकायत में दिनेश तिवारी वासी खेडे वाली गली ने बताया कि वह तीर्थ पुरोहित है। छोटे भाई वासुदेव बेटा शुभम तिवारी स्पेन में रहता है । चार मई को उसके पास किसी ने कॉल कर खुद को शुभम बताया और पहले हालचाल पूछा तो फिर कहा कि वह मुसीबत में है। उसे एजेंट को पैसे देने है और वह इस बारे में किसी को जिक्र न करें। उसने कहा कि परिवारजनों को पता चला तो वह आत्महत्या कर लेगा। वह उसकी बातों में आ गया और उसके कहे अनुसार एक खाते में तीन-तीन लाख रुपये दो बार जमा करवा दिए । उसी दौरान मुम्बई से भी एक फ़ोन आया कि आप के खाते में 28 लाख रुपये जमा हुए हैं, कल निकलवा लेना। दो दिन बाद फिर से शुभम बन कर फोन आया उसने बोला कि ताया जी और पैसे डलवा दो, जितने भी एजेंट ने आप को बताए उतने ही जरूरी है। एजेंट ने उसका खाता बंद करवा दिया है, जिस वजह से वह पैसे भी नहीं निकलवा पा रहा है। उसने फिर भरोसा किया और पांच लाख रुपये जमा करवा दिए। फिर उसके कहे अनुसार छह लाख रुपये जमा करवा दिए। नौ मई को फिर पांच लाख रुपये मांगे और बताया कि 34 लाख रुपये जरूरी है। उसके कहे अनुसार रकम डलवाता रहा। बार-बार पैसे मांगे जाने और जमा कराए जाने के बावजूद आज जब आठ लाख रुपये उसने अपने भाई वासुदेव से आठ लाख रुपये शुभम को भेजे जाने के लिए उधार मांगे तो उसे शक हुआ। उसे शुभम से बातचीत की तो उसने बताया कि कोई कॉल ही नही की, जिसके बाद पता चला कि उनके साथ धोखाधड़ी की गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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