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निजी इंजीनियरिंग कॉलेज के रजिस्ट्रार के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज
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छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज के रजिस्ट्रार के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। इस संबंध में छात्रा ने सीएम विंडो पर शिकायत दी थी। शिकायत पर डीएसपी लाडवा ने मामले की जांच की, जिसमें रजिस्ट्रार को आरोपी पाया गया।
रीतू देवी वासी रादौर (यमुनानगर) ने शिकायत में बताया कि साल 2011 में उसने राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित एक इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक कंप्यूटर साइंस में दाखिला लिया था। बीटेक के चार सेमेस्टर में उसकी गणित विषय में कंपार्टमेंट आई थी। इसका उसने 10 फरवरी 2020 में परीक्षा के लिए फार्म भरा था। यह उसका मर्सी चांस था। पूरक परीक्षा के लिए उसने यूनिवर्सिटी की साढ़े 21 हजार रुपये फीस जमा करवाई। कॉलेज रजिस्ट्रार से जमा फीस की रसीद व्हाट्सएप से प्राप्त हुई थी। उसे पूरक परीक्षा का रोल नंबर भी मिल गया और कॉलेज प्रशासन द्वारा ईमेल आईडी भी उसे दी गई।
एक अक्टूबर 2020 को उसे व्हाट्सएप पर प्रश्न पत्र मिला था। उसने ऑनलाइन परीक्षा देकर उत्तर पुस्तिका को ईमेल आईडी पर पीडीएफ फाइल के माध्यम से भेज दिया था। वह पूरक परीक्षा के बारे में पूरी तरह आश्वस्त थी कि वह पास होगी। परीक्षा देने के बाद वह लगातार कॉलेज प्रशासन व रजिस्ट्रार के साथ रिजल्ट के लिए संपर्क कर रही थी मगर उसे परीक्षा का रिजल्ट नहीं मिला। उसे कॉलेज प्रशासन पर शक होने लगा कि कहीं न कहीं कॉलेज प्रशासन व रजिस्ट्रार उसे गुमराह कर रहे हैं। कुछ दिन पहले वह कॉलेज गई थी और चेयरमैन से मिली थी। पूछताछ में पता चला कि उनके पास परीक्षा का कोई रिकार्ड नहीं है। अपने स्तर पर जांच की तो पता चला कि जो रसीद नंबर उसे जारी किया गया था वह एक अन्य युवक के नाम पर दी गई रसीद पर भी वही था। आरोप है कि कॉलेज के चेयरमैन, रजिस्ट्रार व अन्य लोगों ने उसके साथ धोखाधड़ी की है। मामला उजागर होने के बाद छात्रा ने सीएम विंडो पर शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। मामले की जांच लाडवा डीएसपी को सौंपी गई थी। जांच के बाद पुलिस ने मामला केस दर्ज किया है।
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डीएसपी की जांच में रजिस्ट्रार मिला आरोपी
लाडवा डीएसपी भारत भूषण ने मामले की जांच की थी। डीएसपी की जांच में चेयरमैन के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले। वहीं मामले की जांच के बाद रजिस्ट्रार इम्तियाज अली के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। डीएसपी भारत भूषण ने बताया कि मामले में आरोपी रजिस्ट्रार को गिरफ्तार करके पूछताछ की जाएगी। अभी पुलिस की जांच चल रही है।
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रीतू देवी वासी रादौर (यमुनानगर) ने शिकायत में बताया कि साल 2011 में उसने राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित एक इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक कंप्यूटर साइंस में दाखिला लिया था। बीटेक के चार सेमेस्टर में उसकी गणित विषय में कंपार्टमेंट आई थी। इसका उसने 10 फरवरी 2020 में परीक्षा के लिए फार्म भरा था। यह उसका मर्सी चांस था। पूरक परीक्षा के लिए उसने यूनिवर्सिटी की साढ़े 21 हजार रुपये फीस जमा करवाई। कॉलेज रजिस्ट्रार से जमा फीस की रसीद व्हाट्सएप से प्राप्त हुई थी। उसे पूरक परीक्षा का रोल नंबर भी मिल गया और कॉलेज प्रशासन द्वारा ईमेल आईडी भी उसे दी गई।
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एक अक्टूबर 2020 को उसे व्हाट्सएप पर प्रश्न पत्र मिला था। उसने ऑनलाइन परीक्षा देकर उत्तर पुस्तिका को ईमेल आईडी पर पीडीएफ फाइल के माध्यम से भेज दिया था। वह पूरक परीक्षा के बारे में पूरी तरह आश्वस्त थी कि वह पास होगी। परीक्षा देने के बाद वह लगातार कॉलेज प्रशासन व रजिस्ट्रार के साथ रिजल्ट के लिए संपर्क कर रही थी मगर उसे परीक्षा का रिजल्ट नहीं मिला। उसे कॉलेज प्रशासन पर शक होने लगा कि कहीं न कहीं कॉलेज प्रशासन व रजिस्ट्रार उसे गुमराह कर रहे हैं। कुछ दिन पहले वह कॉलेज गई थी और चेयरमैन से मिली थी। पूछताछ में पता चला कि उनके पास परीक्षा का कोई रिकार्ड नहीं है। अपने स्तर पर जांच की तो पता चला कि जो रसीद नंबर उसे जारी किया गया था वह एक अन्य युवक के नाम पर दी गई रसीद पर भी वही था। आरोप है कि कॉलेज के चेयरमैन, रजिस्ट्रार व अन्य लोगों ने उसके साथ धोखाधड़ी की है। मामला उजागर होने के बाद छात्रा ने सीएम विंडो पर शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। मामले की जांच लाडवा डीएसपी को सौंपी गई थी। जांच के बाद पुलिस ने मामला केस दर्ज किया है।
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डीएसपी की जांच में रजिस्ट्रार मिला आरोपी
लाडवा डीएसपी भारत भूषण ने मामले की जांच की थी। डीएसपी की जांच में चेयरमैन के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले। वहीं मामले की जांच के बाद रजिस्ट्रार इम्तियाज अली के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। डीएसपी भारत भूषण ने बताया कि मामले में आरोपी रजिस्ट्रार को गिरफ्तार करके पूछताछ की जाएगी। अभी पुलिस की जांच चल रही है।