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Kurukshetra News: माने आश्रम के अनुयायी, नप प्रशासन ने ली राहत की सांस
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कुरुक्षेत्र। आखिरकार आठ दिन बाद नगर परिषद के लिखित समझौते के बाद पिपली की डंपिंग साइट पर कचरा गिराने का काम मंगलवार को शुरू हो सका। नप प्रशासन व सतलोक आश्रम के अनुयायियों के बीच करीब एक घंटे तक बैठक हुई। बैठक में गंभीरता से मंथन किया गया। नप प्रशासन ने अगले 20 दिन में डंपिंग साइट दूसरी जगह तैयार कर लेने का भरोसा दिया तो आश्रम अनुयायी शांत हुए। लेकिन इस बार यह भरोसा लिखित में लिया गया। सहमति बनने के बाद कचरा साइट पर डाला जाने लगा।
बता दें कि पिछले आठ दिन से आश्रम के अनुयायियों ने डंपिंग साइट पर कचरा डालने के लिए आने वाले वाहनों को रोक दिया था। विवाद के चलते नगर परिषद ने पुलिस का सहारा भी लेने का प्रयास किया और जिला प्रशासन को ड्यूटी मजिस्ट्रेट की नियुक्ति किए जाने की मांग के लिए भी पत्र लिखा था। प्रशासन की ओर से पिपली बीडीपीओ बलराम गुप्ता को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर दिया था, जिसके चलते नप प्रशासन को आज फिर डंपिंग साइट पर कचरा गिराना शुरू करना था। ऐसे में आश्रम अनुयायी भी सर्तक रहे।
दोपहर बाद नगर परिषद के ईओ बलबीर रोहिला, सदर थाना एसएचओ व अन्य कई कर्मचारी व अधिकारी साइट पर पहुंचे, जहां आश्रम अनुयायी यहां कचरा न गिरने देने पर अड़े रहे। बाद में दोनों के बीच बैठक हुई और नप प्रशासन ने भरोसा दिया कि 15 मई तक दूसरी जगह डंपिंग साइट तैयार कर ली जाएगी, तक तक यहां कचरा गिरने दिया जाए। आश्रम अनुयायी लिखित भरोसा दिए जाने पर शांत हुए।
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हर रोज निकल रहा 70 टन से ज्यादा कचरा
शहर से हर रोज 50 टन से ज्यादा कचरा निकल रहा है, जो नप के गले की फांस बना हुआ है। पिपली डंपिंग साइट पर जब यह गिराने से रोक दिया गया तो नप इसे सेक्टर 10 व गांधी नगर के समीप डालने लगी, जहां पर भी लोगों ने विरोध कर दिया। अब गांव बाहरी में पांच एकड़ में साइट पर काम किया जा रहा है।
पहले भी कई बार नप प्रशासन ले चुका समय
आश्रम के अनुयायी पुरुषोत्तमदास, सुरेश कुमार, हरभजन सिंह आदि ने बताया कि यहां डंपिंग जोन का आश्रम पर बुरा असर पड़ रहा है। इससे यहां हर समय दुर्गंध फैली रहती है और श्रद्धालुओं की भावना को ठेस पहुंचती है। इसके अलावा इससे यहां बीड़ पिपली, प्रतापगढ़ व आसपास स्थित सरकारी कार्यालयों के कर्मी भी बेहद परेशान हैं। हाईवे के साथ डंपिंग साइट होने के चलते यहां अक्सर हादसे का भी खतरा बना रहता है। ऐसे में यहां किसी भी स्तर पर डंपिंग साइट सही नहीं है। 20 दिन बाद भी प्रशासन ने यहां से कचरा बंद नहीं किया तो अनुयायी नहीं गिराने देंगे।
कोट
गांव बाहरी में नई साइट तय की गई है, जहां 15 मई तक सभी तैयारी पूरी कर ली जाएगी। आज आश्रम के अनुयायियों के साथ 15 मई तक का समझौता तय किया गया है, जिसके साथ ही यहां कचरा गिराने का काम फिर से शुरु कर दिया गया है। - बलबीर रोहिल्ला ईओ नगर परिषद ईओ
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बता दें कि पिछले आठ दिन से आश्रम के अनुयायियों ने डंपिंग साइट पर कचरा डालने के लिए आने वाले वाहनों को रोक दिया था। विवाद के चलते नगर परिषद ने पुलिस का सहारा भी लेने का प्रयास किया और जिला प्रशासन को ड्यूटी मजिस्ट्रेट की नियुक्ति किए जाने की मांग के लिए भी पत्र लिखा था। प्रशासन की ओर से पिपली बीडीपीओ बलराम गुप्ता को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर दिया था, जिसके चलते नप प्रशासन को आज फिर डंपिंग साइट पर कचरा गिराना शुरू करना था। ऐसे में आश्रम अनुयायी भी सर्तक रहे।
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दोपहर बाद नगर परिषद के ईओ बलबीर रोहिला, सदर थाना एसएचओ व अन्य कई कर्मचारी व अधिकारी साइट पर पहुंचे, जहां आश्रम अनुयायी यहां कचरा न गिरने देने पर अड़े रहे। बाद में दोनों के बीच बैठक हुई और नप प्रशासन ने भरोसा दिया कि 15 मई तक दूसरी जगह डंपिंग साइट तैयार कर ली जाएगी, तक तक यहां कचरा गिरने दिया जाए। आश्रम अनुयायी लिखित भरोसा दिए जाने पर शांत हुए।
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हर रोज निकल रहा 70 टन से ज्यादा कचरा
शहर से हर रोज 50 टन से ज्यादा कचरा निकल रहा है, जो नप के गले की फांस बना हुआ है। पिपली डंपिंग साइट पर जब यह गिराने से रोक दिया गया तो नप इसे सेक्टर 10 व गांधी नगर के समीप डालने लगी, जहां पर भी लोगों ने विरोध कर दिया। अब गांव बाहरी में पांच एकड़ में साइट पर काम किया जा रहा है।
पहले भी कई बार नप प्रशासन ले चुका समय
आश्रम के अनुयायी पुरुषोत्तमदास, सुरेश कुमार, हरभजन सिंह आदि ने बताया कि यहां डंपिंग जोन का आश्रम पर बुरा असर पड़ रहा है। इससे यहां हर समय दुर्गंध फैली रहती है और श्रद्धालुओं की भावना को ठेस पहुंचती है। इसके अलावा इससे यहां बीड़ पिपली, प्रतापगढ़ व आसपास स्थित सरकारी कार्यालयों के कर्मी भी बेहद परेशान हैं। हाईवे के साथ डंपिंग साइट होने के चलते यहां अक्सर हादसे का भी खतरा बना रहता है। ऐसे में यहां किसी भी स्तर पर डंपिंग साइट सही नहीं है। 20 दिन बाद भी प्रशासन ने यहां से कचरा बंद नहीं किया तो अनुयायी नहीं गिराने देंगे।
कोट
गांव बाहरी में नई साइट तय की गई है, जहां 15 मई तक सभी तैयारी पूरी कर ली जाएगी। आज आश्रम के अनुयायियों के साथ 15 मई तक का समझौता तय किया गया है, जिसके साथ ही यहां कचरा गिराने का काम फिर से शुरु कर दिया गया है। - बलबीर रोहिल्ला ईओ नगर परिषद ईओ