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Kurukshetra News: गुरुकुल में आर्यवीर दल के पांच दिवसीय शिविर शुरू
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कुरुक्षेत्र। गुरुकुल कुरुक्षेत्र और आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा के संयुक्त तत्वावधान में गुरुकुल परिसर में पांच दिवसीय आर्यवीर योग एवं जीवन निर्माण शिविर रविवार को शुरू हुआ।
राज्यपाल आचार्य देवव्रत के ओएसडी एवं प्रख्यात वैदिक विद्वान डाॅ. राजेन्द्र विद्यालंकार ने इस दौरान कहा कि आर्यवीर दल के शिविरों का मुख्य उद्देश्य युवाओं के जीवन का निर्माण करना है क्योंकि आज देश के युवाओं को सही मार्गदर्शन की महती आवश्यकता है, यदि देश के युवा सही दिशा में अपनी ऊर्जा का उपयोग करें तो वह न केवल स्वयं महानता की श्रेणी को प्राप्त करेगा बल्कि देश को भी उन्नति की ओर लेकर जाएगा। उन्होंने शिविर में आए युवाओं को अपने जीवन में अनुशासन को आत्मसात करने का आह्वान किया क्योंकि अनुशासन और एकाग्रता को जीवन का अभिन्न अंग बनाने वाले एक दिन विश्व पटल पर अपना और अपने कुल का नाम चमकाते हैं। शिविर संयोजक जयपाल आर्य ने बताया कि शिविर में कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, पानीपत, करनाल आदि जिलों के लगभग 500 युवा भाग ले रहे हैं, जिन्हें वैदिक सिद्धांतों के साथ कुशल प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में योगासन, डम्बल, लेजियम, जूडो-कराटे, लाठी संचलन, सूर्य नमस्कार, चंद्र नमस्कार आदि प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण प्रमुख और गुरुकुल के मुख्य संरक्षक संजीव आर्य ने प्रेरणादायी गीत के माध्यम से युवाओं को जीवन में सदविचारों को ग्रहण करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर गुरुकुल के प्रधान राजकुमार गर्ग, शुगनी देवी स्कूल लाडवा के प्रधान अनिल आर्य, समाजसेवी सुशील सेठ, आर्य समाज यमुनानगर के प्रधान मोहित आर्य, आचार्य दयाशंकर, आर्य विद्यापीठ बस्तली के निदेशक कृष्ण आर्य, शिविर संयोजक महाशय जयपाल आर्य, प्रशिक्षण प्रमुख संजीव आर्य सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
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राज्यपाल आचार्य देवव्रत के ओएसडी एवं प्रख्यात वैदिक विद्वान डाॅ. राजेन्द्र विद्यालंकार ने इस दौरान कहा कि आर्यवीर दल के शिविरों का मुख्य उद्देश्य युवाओं के जीवन का निर्माण करना है क्योंकि आज देश के युवाओं को सही मार्गदर्शन की महती आवश्यकता है, यदि देश के युवा सही दिशा में अपनी ऊर्जा का उपयोग करें तो वह न केवल स्वयं महानता की श्रेणी को प्राप्त करेगा बल्कि देश को भी उन्नति की ओर लेकर जाएगा। उन्होंने शिविर में आए युवाओं को अपने जीवन में अनुशासन को आत्मसात करने का आह्वान किया क्योंकि अनुशासन और एकाग्रता को जीवन का अभिन्न अंग बनाने वाले एक दिन विश्व पटल पर अपना और अपने कुल का नाम चमकाते हैं। शिविर संयोजक जयपाल आर्य ने बताया कि शिविर में कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, पानीपत, करनाल आदि जिलों के लगभग 500 युवा भाग ले रहे हैं, जिन्हें वैदिक सिद्धांतों के साथ कुशल प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में योगासन, डम्बल, लेजियम, जूडो-कराटे, लाठी संचलन, सूर्य नमस्कार, चंद्र नमस्कार आदि प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण प्रमुख और गुरुकुल के मुख्य संरक्षक संजीव आर्य ने प्रेरणादायी गीत के माध्यम से युवाओं को जीवन में सदविचारों को ग्रहण करने के लिए प्रेरित किया।
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इस अवसर पर गुरुकुल के प्रधान राजकुमार गर्ग, शुगनी देवी स्कूल लाडवा के प्रधान अनिल आर्य, समाजसेवी सुशील सेठ, आर्य समाज यमुनानगर के प्रधान मोहित आर्य, आचार्य दयाशंकर, आर्य विद्यापीठ बस्तली के निदेशक कृष्ण आर्य, शिविर संयोजक महाशय जयपाल आर्य, प्रशिक्षण प्रमुख संजीव आर्य सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
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