फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Farmers' anger erupted on 152-G National Highway Corridor, construction work stopped for three hours

Kurukshetra News: 152-जी नेशनल हाईवे कॉरिडोर पर फूटा किसानों का गुस्सा, तीन घंटे बंद रखा निर्माण कार्य

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 14 Jun 2025 01:39 AM IST
विज्ञापन
Farmers' anger erupted on 152-G National Highway Corridor, construction work stopped for three hours
कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। करीब 22 किलोमीटर लंबे 152-जी नेशनल हाईवे सब-कॉरिडोर पर जलबेहड़ा से पट्टी शहजादपुर तक के हिस्से में रास्ता न मिलने से किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित किसान हाईवे पर उतर आए और सुबह नौ बजे मुख्य मार्ग के बीचोबीच टैंट लगाकर धरना शुरू कर दिया और निर्माण कार्य रुकवा दिया। किसानों ने निर्माण कार्य के साथ-साथ मटेरियल सप्लाई और भारी वाहनों की आवाजाही को भी पूरी तरह रोक दिया तो जमकर रोष भी जताया।
विज्ञापन

धरने की अगुवाई कर रहे किसान नेता जसबीर सिंह मामूमाजरा ने कहा कि पिछले दो वर्षों से किसान बार-बार प्रशासन से खेतों में जाने के लिए रास्ता देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन केवल आश्वासन देकर टालमटोल करता रहा है। उन्होंने कहा कि सब कॉरिडोर का निर्माण एक महत्वपूर्ण अधोसंरचना परियोजना है, लेकिन इससे जुड़े किसानों की जमीनी समस्याओं को अनदेखा नहीं किया जा सकता। यदि किसानों की खेतों तक पहुंच प्रभावित होती है तो इसका सीधा असर उनकी आजीविका पर पड़ता है। हाईवे निर्माण के दौरान प्रशासन ने 45 से 60 मीटर चौड़ी जमीन अधिग्रहित की है, और दोनों ओर दीवार खड़ी कर दी है, जिससे कई किसानों की जमीन दो हिस्सों में बंट गई है। अब वे अपने ही खेतों में नहीं जा पा रहे हैं।
विज्ञापन


धरना स्थल पर दोपहर 12 बजे सीपीएम कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रतिनिधि सत्यवान सिंह मौके पर पहुंचे और किसानों से चर्चा की। बाद में उन्होंने कहा कि रास्ते देने और मुआवजे की प्रक्रिया उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आती। इसके बाद दोपहर एक बजे एनएचएआई के एसडीओ अभिजीत मौके पर पहुंचे और किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन किसानों के रास्ते अधिगृहीत हुए हैं, उन्हें 25 से 30 दिनों के भीतर मुआवजा दे दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि इसके लिए 3-ए की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एसडीओ ने आश्वस्त किया कि जिन किसानों के खेतों का रास्ता दीवार बनने से बंद हो गया है, वहां दीवार तोड़कर वैकल्पिक रास्ता दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि बारिश के पानी की निकासी के लिए जो पाइप डाले गए थे, उन्हें जल्द ही साफ किया जाएगा, और अंडरपास के नीचे रोड़ी-बजरी डालकर उन्हें समतल किया जाएगा ताकि आवागमन संभव हो सके।

अल्टीमेटम, समाधान नहीं तो दोबारा करेंगे आंदोलन
किसानों ने अल्टीमेटम दिया कि प्रशासन ने 25 दिनों में उनकी समस्या का समाधान नहीं किया तो वे दोबारा आंदोलन करेंगे। किसान नेता जसबीर सिंह ने कहा कि 3-ए की प्रक्रिया का हवाला देकर अधिकारी समय मांग रहे हैं, लेकिन सरकार की मंशा स्पष्ट नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब 3-ए की अधिसूचना ही अभी तक पूरी तरह लागू नहीं की गई है तो 3-बी तक पहुंचने में तो और समय लगेगा।



पानी निकासी के पाइप भी बंद
किसानों ने बताया कि पानी निकासी के लिए जो पाइप लगाए गए थे, वे भी बंद पड़े हैं। बारिश में अगर पानी जमा हो गया तो फसलें खराब हो सकती हैं। आंदोलन में शामिल रविंद्र सिंह, जोगिंद्र सिंह, सुखविंद्र सिंह, जसविंदर सिंह, दिलबाग सिंह, हरमीत सिंह, सुच्चा सिंह, मलकीत सिंह, अवतार सिंह, जरनैल सिंह, तकदीर सिंह, सरमोज सिंह और गुरबक्श सिंह ने भी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। इसके बाद किसानों और प्रशासन के बीच लगभग एक बजे सहमति बनी, जिसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed