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Kurukshetra News: ट्यूकर बॉर्डर पर चार घंटे आमने-सामने रहे किसान और जवान, ट्रैक्टर से खींच ले गए सीमेंट के ब्लॉक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 14 Feb 2024 03:56 AM IST
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Farmers and soldiers stood face to face for four hours at Tukar border, took away cement blocks with tractors
पिहोवा। पंजाब से सटे पिहोवा-पटियाला मार्ग पर ट्यूकर बॉर्डर पर दिनभर तनाव की स्थिति बनी रही। चार घंटे तक किसान और जवान आमने-सामने डटे रहे। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस और अर्ध सैनिक बल पूर लाव-लश्कर के साथ तैनात रहे। साढ़े तीन बजे किसान मारकंडा पुल से बैरंग लौट गए, जिसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। हालांकि रात तक पुलिस के साथ खुफिया तंत्र भी मौके पर ही डटा रहा।
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सुबह करीब साढ़े 11 बजे पंजाब के आसपास के गांव के 50 से ज्यादा किसान एक ट्रैक्टर के साथ मारकंडा पुल पर आकर जमा हो गए, तभी पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवानों ने मोर्चा संभाल लिया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। कुछ देर बाद और किसान मौके पर पहुंच गए, जिससे किसानों का हौसला बढ़ गया। इस दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। करीब सवा 12 बजे किसान पुल पर पड़े एक सीमेंट के ब्लॉक को खींच ले गए। उसके बाद किसानों ने पुल पर ही लंगर चखा।
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उधर, किसानों को रोकने के लिए पुल पर प्रशासन ने पहले ही पुख्ता बंदोबस्त कर रखे थे। प्रशासन ने पुल पर करीब 25 फुट तक भारी-भरकम सीमेंटेड ब्लॉक की 12 लेयर बना रखी थी। इसके बीच में भी पांच फीट तक की जगह में कंक्रीट भरकर दीवार बनाई गई है। इस लेकर पर भी कंटीली तार बांधी गई, जबकि लेयर के पीछे भी प्रशासन ने तीन रोड रोलर को तैनात करके रखा। हालांकि किसानों की ओर से टकराने का कोई प्रयास नहीं किया गया।
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ड्रील और प्लास्टिक की टाई के साथ आगे रहे कर्मी
ट्रैक्टर को आगे बढ़ने से रोकने के लिए कर्मी ड्रील के साथ पहली कतार में खड़े रहे, ताकि टायर में छेद कर पंचर कर रोक दिया जाए। वहीं किसानों को पकड़ने के लिए प्लास्टिक टाई का प्रबंध कर रखा था। इसके अलावा कई आरएएफ कर्मियों को आंसू गैस के गोले छोड़ने के लिए तैनात कर रखा था।


ड्रोन से रखी गई नजर
इलाके पर ड्रोन से नजर रखी गई। इसके अलावा दो व्रज वाहन, एक वरुण वाहन, दो दमकल गाड़ी, एक एंबुलेंस और रोडवेज की बस को मौके पर तैनात किया गया था। वहीं करीब दो बजे जिलाधीश शांतनु शर्मा और पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र सिंह भौरिया ने बॉर्डर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। हालात से निपटने के लिए कर्मियों को जरूरी निर्देश दिए।



रेत की ट्राली डालकर चले जाएंगे पार
उधर, किसान भी पुल पर 100 ट्राली मिट्टी डाल पार जाने का दावा करते रहे। उनका कहना था कि उनकी ओर से 100 ट्राली मिट्टी की तैयारी की गई है। इस मिट्टी काे कीलों और सीमेंटेड ब्लॉक पर डालकर रास्ता बनाया जाएगा। ट्राली को बैक करेंगे तो कोई कर्मी पास नहीं आएगा। हालांकि किसान नारेबाजी कर साढ़े तीन बजे लौट गए। वहीं अधोया और कुम्हार माजरा में भी पुख्ता बंदोबस्त किए गए थे। इस तरफ किसान विरोध करने तक नहीं पहुंचे।


इस तरह चला घटनाक्रम
1. सोमवार शाम साढ़े सात बजे आरएएफ और बीएसएफ के जवान पहुंचे ट्यूकर बॉर्डर।
2. शिफ्ट में ड्यूटी करते रहे पुलिस और अर्द्ध सैनिक बल के जवान।
3. सुबह साढ़े 11 बजे एक ट्रैक्टर के साथ पुल पर आकर डटे।
4. सवा 12 बजे ट्रैक्टर के साथ पुल पर पड़ा सीमेंटेड ब्लॉक खींच ले गए किसान।
5. दो बजे से पहले जिलाधीश और पुलिस अधीक्षक ने स्थिति का जायजा लिया।
6. दो बजे के बाद किसानों ने पुल पर ही लंगर चखा।
7. साढ़े तीन बजे किसान लौट गए।
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