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पराली जलाने की झूठी खबरों ने छकाया
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। धान के सीजन में फसल अवशेषों (पराली) में आग लगाए जाने की झूठी सूचनाएं अधिकारी व कर्मचारियों के लिए परेशानी का सबब बनी है। सीजन की शुरूआत से ही अधिकारी व कर्मचारी ऐसी झूठी सूचनाओं पर दौड़ते रहे, जिससे न केवल समय की बर्बादी हुई बल्कि अन्य कार्य भी प्रभावित हुआ। अब तक प्रशासन के पास 457 जगहों पर जिला भर में फसल अवशेषों में आग लगाए जाने की सूचनाएं पहुंच चुकी है। प्रशासनिक टीमें सूचना मिलते ही संबंधित जगहों पर दौड़ी। लेकिन 100 जगहों पर आग मिली ही नहीं और टीमों को बैरंग लौटना पड़ा।
उधर फसल अवशेषों में आग लगाने पर पर 348 किसानों का चालान भी किया गया तो उन पर आठ लाख 70 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। प्रशासन के पास हरसेक के माध्यम से 284 और अन्य 173 माध्यमों से 457 जगहों पर फसल अवशेषों में आग लगाने की सूचनाएं पहुंची तो कृषि विभाग की टीमों ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया तो 353 जगहों पर फसल अवशेषों में आग लगाने की पुष्टि हुई।
वहीं एक नॉन एग्रीकल्चर भूमि पर आग लगी मिली तथा 100 जगहों का पता नहीं लग पाया है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए न केवल किसानों को सरकार की योजना के प्रति जागरूक किया और साथ में ही 348 लोगों का चालान कर 8 लाख 70 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है और चार मामलों में अभी कार्रवाई की जा रही है।
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उपायुक्त शांतनु शर्मा का कहना है कि किसानों को लगातार फसल अवशेष प्रबंधन करके सरकार की योजना का लाभ लेने तथा फसल अवशेषों में आग न लगाने के प्रति लगातार जागरूक किया जा रहा है। इस विषय को जन आंदोलन का रूप दिया जा रहा है और इस विशेष जागरूकता अभियान के तहत जिले के गांवों में जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इतना ही नहीं हजारों लोगों को इन कार्यक्रमों के साथ जोड़ा जा रहा है।
सरकार और प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी व्यक्ति फसल अवशेषों में आग न लगाए अपितु फसल अवशेषों का प्रबंधन करके लाभ कमाए। इन प्रयासों के बावजूद जिन लोगों ने सरकार के आदेशों की अवहेलना की है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई भी अमल में लाई गई है। उन्होंने कहा कि फसल अवशेषों का प्रबंधन करने पर सरकार द्वारा 1932 किसानों के खाते में एक करोड़ 51 लाख 38 हजार 530 रुपए की राशि जमा करवाई जाएगी। इन किसानों ने 15138.53 एकड़ जमीन के फसल अवशेषों के बेलर बनाए।
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कुरुक्षेत्र। धान के सीजन में फसल अवशेषों (पराली) में आग लगाए जाने की झूठी सूचनाएं अधिकारी व कर्मचारियों के लिए परेशानी का सबब बनी है। सीजन की शुरूआत से ही अधिकारी व कर्मचारी ऐसी झूठी सूचनाओं पर दौड़ते रहे, जिससे न केवल समय की बर्बादी हुई बल्कि अन्य कार्य भी प्रभावित हुआ। अब तक प्रशासन के पास 457 जगहों पर जिला भर में फसल अवशेषों में आग लगाए जाने की सूचनाएं पहुंच चुकी है। प्रशासनिक टीमें सूचना मिलते ही संबंधित जगहों पर दौड़ी। लेकिन 100 जगहों पर आग मिली ही नहीं और टीमों को बैरंग लौटना पड़ा।
उधर फसल अवशेषों में आग लगाने पर पर 348 किसानों का चालान भी किया गया तो उन पर आठ लाख 70 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। प्रशासन के पास हरसेक के माध्यम से 284 और अन्य 173 माध्यमों से 457 जगहों पर फसल अवशेषों में आग लगाने की सूचनाएं पहुंची तो कृषि विभाग की टीमों ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया तो 353 जगहों पर फसल अवशेषों में आग लगाने की पुष्टि हुई।
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वहीं एक नॉन एग्रीकल्चर भूमि पर आग लगी मिली तथा 100 जगहों का पता नहीं लग पाया है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए न केवल किसानों को सरकार की योजना के प्रति जागरूक किया और साथ में ही 348 लोगों का चालान कर 8 लाख 70 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है और चार मामलों में अभी कार्रवाई की जा रही है।
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उपायुक्त शांतनु शर्मा का कहना है कि किसानों को लगातार फसल अवशेष प्रबंधन करके सरकार की योजना का लाभ लेने तथा फसल अवशेषों में आग न लगाने के प्रति लगातार जागरूक किया जा रहा है। इस विषय को जन आंदोलन का रूप दिया जा रहा है और इस विशेष जागरूकता अभियान के तहत जिले के गांवों में जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इतना ही नहीं हजारों लोगों को इन कार्यक्रमों के साथ जोड़ा जा रहा है।
सरकार और प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी व्यक्ति फसल अवशेषों में आग न लगाए अपितु फसल अवशेषों का प्रबंधन करके लाभ कमाए। इन प्रयासों के बावजूद जिन लोगों ने सरकार के आदेशों की अवहेलना की है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई भी अमल में लाई गई है। उन्होंने कहा कि फसल अवशेषों का प्रबंधन करने पर सरकार द्वारा 1932 किसानों के खाते में एक करोड़ 51 लाख 38 हजार 530 रुपए की राशि जमा करवाई जाएगी। इन किसानों ने 15138.53 एकड़ जमीन के फसल अवशेषों के बेलर बनाए।