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Kurukshetra News: मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के बाहर गरजे कर्मचारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 16 Feb 2025 01:45 AM IST
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Employees roared outside the Chief Minister Camp Office in support of the demands
कुरुक्षेत्र। विभिन्न मांगों के समर्थन में शनिवार को प्रदेश के 11 जिलों के कर्मचारी मुख्यमंत्री नायब सैनी के सेक्टर तीन स्थित कैंप कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठ गए, जहां जमकर नारेबाजी की। सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले दिए जा रहे धरने को लेकर बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी तैनात रहे।
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15 सूत्रीय मांगों को लेकर सर्व कर्मचारी संघ राज्य प्रधान धर्मवीर फोगाट की अध्यक्षता में दिए धरने के दौरान कड़ा रोष जाहिर किया गया। प्रधान धर्मवीर फोगाट ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा आठवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा कर दी है। वेतन आयोग की विभिन्न वर्गों की वेतन विसंगतियां दूर करने की मांग काफी अरसे से लंबित है, जिसका जल्द ही समाधान करना आवश्यक है। अगला वेतन आयोग लागू होने तक प्रत्येक कर्मचारी को पांच हजार रुपये अंतरिम राहत दी जाए।।
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पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने से सरकार व कर्मचारियों को लाभ होगा। सरकार द्वारा जॉब सिक्योरिटी एक्ट बनने के बावजूद भी एचकेआरएन के कर्मचारियों को नौकरी से हटाने के फरमान आ रहे हैं। सभी प्रकार के कच्चे कर्मचारियों की समस्या का एक ही स्थायी समाधान है, एक समग्र रेगुलराइजेशन की नीति बनाकर सब को पक्का कर दिया जाए। कर्मचारी की मृत्यु हो जाने पर दी गई एक्सग्रेशिया नीति में पहले पांच व अंत के तीन वर्ष की नौकरी की शर्त लगा रखी है। जो जोखिम भरे काम करने वाले कर्मचारियों के लिए उचित नहीं है और इस शर्त के कारण उनके आश्रितों को नौकरी नहीं मिल पाती। इन सभी मुद्दों का प्रदेश का अलग से वेतन आयोग गठित करके सही समाधान किया जा सकता है, इसलिए सरकार को हरियाणा का अलग से वेतन आयोग गठित करना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि ऑनलाइन तबादला नीति के परिणाम न तो कर्मचारियों के लिए और न ही सरकार के लिए लाभकारी हैं। बड़़ी संख्या में कर्मचारियों के अवांछनीय तबादले कर दिए जाते हैं, इससे एक तरफ जहां कर्मचारियों व जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ता है वहीं राजस्व का भी अनावश्यक नुकसान होता है। सरकार के मंत्रियों द्वारा कर्मचारी को चेतावनी या सुधार का अवसर दिए बिना ही ट्रांसफर व निलंबित कर दिया जाता है। धरने में कुरुक्षेत्र, करनाल, पंचकूला, अंबाला, पानीपत, सोनीपत, फरीदाबाद, पलवल, गुरुग्राम, जींद जिलों के कर्मचारियों ने भाग लिया। 16 फरवरी को कैथल, यमुनानगर, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी, दादरी, रोहतक, झज्जर, रेवाड़ी, नूंह, महेन्द्रगढ़ जिलों के कर्मचारी भाग लेंगे।

धरने का संचालन महासचिव नरेश कुमार व उपमहासचिव संदीप सांगवान ने किया। धरने को राज्य सचिव मांगे राम तिगरा, जयवीर चहल, जगमिंद्र, मुकेश खरब, राज्य कमेटी सदस्य सुरेश राठी, जगमेन्द्र, रोडवेज वर्कर यूनियन के महासचिव सुमेर सिवाच, अध्यापक संघ के राज्य प्रधान प्रभु सिंह, मैकेनिकल से राजेंद्र सिंह, रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान मास्टर वजीर सिंह आदि ने संबोधित किया।
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