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गर्मी का असर : 46 डिग्री पहुंचा तापमान, रातें भी गर्म
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कुरुक्षेत्र। अब दिन ही नहीं रातें भी गर्म हो रही हैं, जहां दिनभर गर्म हवाओं का असर जारी है तो वहीं अब देर रात तक गर्म हवाओं का आभास किया जा सकता है, जिसके चलते भीषण गर्मी व लू का असर जन जीवन पर भी पड़ रहा है। शहरों से लेकर गांवों की गलियां दोपहर को सुनसान नजर आती हैं, हर कोई भीषण गर्मी और लू से बचने के लिए घरों में दुबका रहता है, जो कि तापमान बढ़ने का असर है।
बुधवार को अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ी रहीं। इससे पहले नौतपा के दौरान भी पारा 46 डिग्री तक पहुंच गया था। लोगों को दिनभर भीषण गर्मी व लू का सामना करना पड़ा। सुबह 10 बजे से ही सूर्य की तेज किरणों ने तपिश बढ़ानी शुरू कर दी थी, जिसके चलते सड़कों से गुजर रहे राहगीर मुंह ढककर भीषण गर्मी व लू से बचने का प्रयास करते दिखाई दिए जबकि कुछ लोग पेड़ों का सहारा लेकर गर्मी से राहत महसूस करते देखे गए। मौसम की जानकारी रखने वालों के अनुसार अभी आने वाले कुछ दिनों तक तापमान बढ़े रहने की संभावना बनी हुई है, जिसके चलते अभी भीषण गर्मी और लू से राहत के आसार नहीं है। बुधवार को अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि वीरवार को अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना बनी हुई है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सतपाल बतरा का कहना है कि तापमान बढ़ने के चलते अब भीषण गर्मी और लू का असर लोगों में देखने को मिल रहा है। भीषण गर्मी व लू से बचने के लिए दिन में बार-बार पानी पीना चाहिए और दोपहर के समय सफर करने से परहेज करना चाहिए, ताकि लू लगने से बचाव किया जा सके।
बाजार से रौनक हो रही गायब, छबीलों पर तर किया जा रहा गला
इस्माईलाबाद। क्षेत्र में प्रचंड गर्मी ने अपना असर सुबह से ही दिखाना शुरू कर दिया था। भीषण गर्मी के साथ लू चलने से जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है। लू से बचने से लिए लोग अपने घरों में दुबकने को मजबूर हो रहे। बुधवार को पारा 46 डिग्री तक जा पहुंचा, जिससे बाजार की रौनक गायब रही और दुकानदारों की आमदनी भी कम हुई। हालांकि गर्मी से बचने के लिए लोग ठंडे पेय पदार्थों का सहारा लेते नजर आए, लेकिन भीषण गर्मी के आगे सब बेअसर दिखाई दिया। भीषण गर्मी में राहगीरों की प्यास बुझाने के लिए शहर में कई जगह ठंडे मीठे पानी और जलजीरे की छबीलें भी लगी रही।
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पशु चिकित्सक विशाल सिंधवानी ने बताया कि भीषण लू से दुधारू पशुओं को बचाना अति आवश्यक है। इसके लिए पशुओं को ऐसी जगह पर रखें जहां पर लू न लगे और पशुओं को दिन में दो से तीन बार स्नान कराने के साथ-साथ कई बार पानी पिलाते रहना चाहिए। अगर पशु को गर्मी लगने के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
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बुधवार को अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ी रहीं। इससे पहले नौतपा के दौरान भी पारा 46 डिग्री तक पहुंच गया था। लोगों को दिनभर भीषण गर्मी व लू का सामना करना पड़ा। सुबह 10 बजे से ही सूर्य की तेज किरणों ने तपिश बढ़ानी शुरू कर दी थी, जिसके चलते सड़कों से गुजर रहे राहगीर मुंह ढककर भीषण गर्मी व लू से बचने का प्रयास करते दिखाई दिए जबकि कुछ लोग पेड़ों का सहारा लेकर गर्मी से राहत महसूस करते देखे गए। मौसम की जानकारी रखने वालों के अनुसार अभी आने वाले कुछ दिनों तक तापमान बढ़े रहने की संभावना बनी हुई है, जिसके चलते अभी भीषण गर्मी और लू से राहत के आसार नहीं है। बुधवार को अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि वीरवार को अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना बनी हुई है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सतपाल बतरा का कहना है कि तापमान बढ़ने के चलते अब भीषण गर्मी और लू का असर लोगों में देखने को मिल रहा है। भीषण गर्मी व लू से बचने के लिए दिन में बार-बार पानी पीना चाहिए और दोपहर के समय सफर करने से परहेज करना चाहिए, ताकि लू लगने से बचाव किया जा सके।
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बाजार से रौनक हो रही गायब, छबीलों पर तर किया जा रहा गला
इस्माईलाबाद। क्षेत्र में प्रचंड गर्मी ने अपना असर सुबह से ही दिखाना शुरू कर दिया था। भीषण गर्मी के साथ लू चलने से जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है। लू से बचने से लिए लोग अपने घरों में दुबकने को मजबूर हो रहे। बुधवार को पारा 46 डिग्री तक जा पहुंचा, जिससे बाजार की रौनक गायब रही और दुकानदारों की आमदनी भी कम हुई। हालांकि गर्मी से बचने के लिए लोग ठंडे पेय पदार्थों का सहारा लेते नजर आए, लेकिन भीषण गर्मी के आगे सब बेअसर दिखाई दिया। भीषण गर्मी में राहगीरों की प्यास बुझाने के लिए शहर में कई जगह ठंडे मीठे पानी और जलजीरे की छबीलें भी लगी रही।
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पशु चिकित्सक विशाल सिंधवानी ने बताया कि भीषण लू से दुधारू पशुओं को बचाना अति आवश्यक है। इसके लिए पशुओं को ऐसी जगह पर रखें जहां पर लू न लगे और पशुओं को दिन में दो से तीन बार स्नान कराने के साथ-साथ कई बार पानी पिलाते रहना चाहिए। अगर पशु को गर्मी लगने के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।