फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   education, student, corona

कोरोना से जंग : सावधानी संग करें पढ़ाई, नहीं तो कमजोर होगी लड़ाई

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 19 Nov 2020 02:47 AM IST
विज्ञापन
education, student, corona
प्रदेश के कुछ स्कूलों में कोरोना केस सामने आने के बाद जिले में भी अभिभावकों की चिंता बढ़ गयी है। यही कारण है कि कुछ अभिभावक अब बच्चों को स्कूल जाने से मना कर रहे हैं। साथ ही आनलाइन पढ़ाई की सलाह दे रहे हैं। वहीं स्कूल जा रहे बच्चों को अभिभावक मास्क और सैनिटाइजर घर से देकर रवाना कर रहे हैं। दूसरी ओर स्कूल प्रबंधन की ओर से भी आवश्यक एहतियात बरता जा रहा है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में विद्यार्थी घर और स्कूल से बाहर निकलते ही मुंह से मास्क हटाकर जेब में डाल लेते हैं। बच्चे आपस में सोशल डिस्टेंसिंग का भी ख्याल नहीं रखते हैं जो खतरे से खाली नहीं है।
विज्ञापन

बेंच नहीं हो रही सेनिटाइज
------------------------------
कुछ स्कूलों में बच्चों के हाथ तो सैनिटाइज कराए जा रहे हैं, लेकिन जिन बेंचों पर बैठकर उन्हें पढ़ाया जाना है। उसे सैनिटाइज नहीं कराया जा रहा है। ऐसे में संक्रमण का खतरा बना रहता है।
विज्ञापन

ऑटो व बसों की भीड़ में स्कूल पहुंचते हैं कई विद्यार्थी
------------------------------------------------------------
स्कूल में बेशक विद्यार्थी बेंच पर सोशल डिस्टेंस बनाकर बैठ रहे हैं, लेकिन जो विद्यार्थी दूरदराज से स्कूल आते हैं उन्हें यहां तक पहुंचने के लिए बस और ऑटो का सहारा लेना पड़ता है। ऐसे में भीड़ के बीच सफर करने से भी संक्रमण की चपेट में आने का खतरा बना रहता है। सिर्फ स्कूलों में नियमों का पालन करने से कुछ नहीं होगा, सफर भी सुरक्षित करने की जरूरत है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोरोना का डर है लेकिन पढ़ाई भी जरूरी है: अभिभावक
-------------------------------------------------------------
अभिभावक राजू ने कहा कि जिस प्रकार से स्कूलों में कोरोना केस आने लगे हैं। अब उन्हें भी बच्चों को लेकर चिंता सताने लगी है। उनकी बेटी बारहवीं कक्षा में पढ़ती है, अब कोरोना का डर भी है, लेकिन क्या करें बोर्ड की कक्षा है तो पढ़ाई भी जरूरी है। वह बेटी को हमेशा मास्क पहनकर स्कूल जाने को कहते हैं और कक्षा में सबसे उचित दूरी बनाकर बैठने की हिदायत देते हैं।
बच्चों पर स्कूल आने का नहीं कोई दबाव : रमा शर्मा
---------------------------------------------------------
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की प्राचार्या रमा शर्मा ने कहा कि कोरोना के बीच उनके स्कूल में अब करीब 50 प्रतिशत छात्राएं आने लगी हैं। बच्चों पर स्कूल में आने का किसी भी प्रकार का दबाव नहीं बनाया जा रहा, जो बच्चे स्कूल नहीं आ रहे उन्हें ऑनलाइन कक्षा के माध्यम से पढ़ाई कराई जा रही है। स्कूल में प्रवेश के लिए मास्क अनिवार्य किया हुआ है। वहीं कक्षा में एंट्री से पूर्व छात्राओं की थर्मल स्क्रीनिंग भी की जाती है।
गाइडलाइन को ध्यान में रख चल रही कक्षाएं: डीईओ
-----------------------------------------------------------
जिला शिक्षा अधिकारी अरुण आश्री ने कहा कि फिलहाल स्कूल में बच्चों की संख्या कम ही है, लेकिन जितने भी बच्चे स्कूलों में पहुंच रहे हैं उन्हें कोविड-19 की गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए ही पढ़ाया जा रहा है। सभी स्कूलों में बच्चों की पहले थर्मल स्क्रीनिंग की जाती है, उसके बाद ही उसे कक्षा में बैठने दिया जाता है। स्कूल से बाहर आते ही बच्चे लापरवाही करते हुए मास्क उतार जेेब में डाल लेते हैं, इसके लिए अब उन्हें कक्षाओं में ही जागरूक किया जाएगा।

स्कूलों में सैंपलिंग को लेकर हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में चर्चा: डॉ. सभ्रवाल
उप सिविल सर्जन डॉ. रमेश सभ्रवाल ने कहा कि स्कूलों में सैंपलिंग को लेकर बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान चर्चा हुई है, लेकिन फिलहाल इसे लेकर कोई गाइडलाइन जारी नहीं की गई। जैसे ही गाइडलाइन जारी हो जाएगी, स्कूलों में सैंपलिंग का काम शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed