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कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में मर्सी चांस की परीक्षा देने से पहले कड़ी परीक्षा से गुजरे सैकड़ों विद्यार्थी
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education
- फोटो : Kurukshetra
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में स्पेशल मर्सी चांस के तहत परीक्षा के लिए आवेदन करने पहुंचे विद्यार्थियों को कड़ी परीक्षा से गुजरना पड़ा। प्रदेशभर से पहुंचे सैकड़ों विद्यार्थी सुबह से ही आवेदन फार्म की प्रक्रिया पूरी करने, फीस का भुगतान कराने और आवेदन फार्म को जमा कराने के लिए इधर-उधर भटकते रहे, लेकिन विद्यार्थियों की अधिक भीड़ होने के कारण दर्जनों विद्यार्थी देर शाम तक भी मर्सी चांस की निर्धारित शुल्क का भुगतान नहीं कर पाए, जिसके कारण उक्त विद्यार्थी परीक्षा देने से वंचित रह सकते हैं, लेकिन इस संदर्भ में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा देर शाम तक भी कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई।
विश्वविद्यालय परिसर स्थित ऑरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के कैश आउंटर शाम चार बजे बंद हो गई। इस दौरान फीस जमा कराने से वंचित रहे विद्यार्थियों ने पुन: कैश काउंटर खोलने की अपील भी की, लेकिन बैंक कर्मियों ने अपनी मजबूरी बता अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। इस दौरान वंचित रहे विद्यार्थियों ने बैंक अधिकारियों एवं विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ रोष व्यक्त किया। फीस जमा कराने के लिए लाइन में लगी छात्रा सुमन, सुसमा, काजल, दिव्या, सीमा, सारिका, मोहिनी एवं पारुल सहित दर्जनों छात्र- छात्राओं ने कहा कि मर्सी चांस के तहत आवेदन करने के लिए सैकड़ों विद्यार्थी सुबह ही विश्वविद्यालय पहुंचे थे, लेकिन विश्वविद्यालय की आवेदन करने की प्रक्रिया के चलते विद्यार्थियों को इधर-उधर भटकना पड़ा। उन्होंने कहा कि पहले आवेदन पत्र खरीदने के लिए दुकानों पर धक्के खाने पड़े, फिर आवदेन पत्र भरकर अधिकारियों से सत्यापित करने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। यही नहीं इसके बाद फिर बैंकों की लाइन में लगकर फीस जमा करानी पड़ी। अधिकतर विद्यार्थियों की शाम तक भी फीस जमा नहीं हुई, जिसकी वजह से उन्हें ये परीक्षा देने से वंचित रहना पड़ सकता है।
सात नवंबर को विश्वविद्यालय प्रशासन ने मर्सी चांस देने की जारी की थी अधिसूचना
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा 2009-10 सत्र के बाद किसी कारणवश डिग्री पूरी करने से वंचित रहे प्रदेशभर के हजारों विद्यार्थियों को स्पेशल मर्सी चांस देने का निर्णय लिया था। प्रोफेशनल व नॉन प्रोफेशनल सभी तरह के पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी निर्धारित 1500 रुपये फीस एवं मर्सी चांस की फीस के साथ आवेदन कर अपना कोर्स पूरा कर सकते था। विवि. प्रशासन से जारी की अधिसूचना में कहा था कि यूजी, पीजी पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी जिनका कोर्स अभी पूरा नहीं हुआ है वे 20 हजार रुपये की अतिरिक्त फीस एवं निर्धारित फीस के साथ स्पेशल मर्सी चांस का लाभ ले सकते थे, जबकि यूजी, पीजी, बीटैक, लीट पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी जिनका सत्र 2009-10 ऑनवर्ड है वे निर्धारित फीस 1500 रुपये व 25 हजार रुपये अतिरिक्त फीस देकर परीक्षा दे सकते थे। कहा गया था कि चांस को लेने के इच्छुक विद्यार्थी निर्धारित फीस व अतिरिक्त फीस के साथ परीक्षा फार्म 18 नवंबर 2019 तक ओड सेमेस्टर के लिए शाम 4 बजे तक आवेदन कर सकते थे, लेकिन दर्जनों विद्यार्थी निर्धारित शुल्क का भुगतान नहीं कर सके।
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विद्यार्थियों की संख्या देख बढ़ाए कैश काउंटर : बैंक प्रबंधक
ओबीसी बैंक के प्रबंधक आरएस जागलान ने बताया कि मर्सी चांस के चलते सोमवार सुबह से ही सैकड़ों विद्यार्थी फीस जमा कराने के लिए बैंक की लाइन में लग गए थे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए चार कैश काउंटर की व्यवस्था की गई, जिसपर बैंक अधिकारियों को तैनात किया गया था। उन्होंने कहा कि चार बजे तक ही विद्यार्थियों की फीस जमा कर सकते थे, क्योंकि बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कैश मिलाने में अधिक समय लगता है।
देर शाम तक स्वीकार किए आवेदन, ताकि कोई विद्यार्थी वंचित न रहे : नियंत्रक
केयू के परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने बताया कि मर्सी चांस के तहत आवेदन करने पहुुंचे विद्यार्थियों के शाम पांच बजे के बाद भी आवेदन पत्र स्वीकार किए गए हैं, ताकि वे परीक्षा देने से वंचित न रहे। वहीं परीक्षा शाखा के संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रदेशभर से पहुंचे विद्यार्थियों का सहयोग करने के हिदायतें दी गई थी।
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विश्वविद्यालय परिसर स्थित ऑरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के कैश आउंटर शाम चार बजे बंद हो गई। इस दौरान फीस जमा कराने से वंचित रहे विद्यार्थियों ने पुन: कैश काउंटर खोलने की अपील भी की, लेकिन बैंक कर्मियों ने अपनी मजबूरी बता अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। इस दौरान वंचित रहे विद्यार्थियों ने बैंक अधिकारियों एवं विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ रोष व्यक्त किया। फीस जमा कराने के लिए लाइन में लगी छात्रा सुमन, सुसमा, काजल, दिव्या, सीमा, सारिका, मोहिनी एवं पारुल सहित दर्जनों छात्र- छात्राओं ने कहा कि मर्सी चांस के तहत आवेदन करने के लिए सैकड़ों विद्यार्थी सुबह ही विश्वविद्यालय पहुंचे थे, लेकिन विश्वविद्यालय की आवेदन करने की प्रक्रिया के चलते विद्यार्थियों को इधर-उधर भटकना पड़ा। उन्होंने कहा कि पहले आवेदन पत्र खरीदने के लिए दुकानों पर धक्के खाने पड़े, फिर आवदेन पत्र भरकर अधिकारियों से सत्यापित करने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। यही नहीं इसके बाद फिर बैंकों की लाइन में लगकर फीस जमा करानी पड़ी। अधिकतर विद्यार्थियों की शाम तक भी फीस जमा नहीं हुई, जिसकी वजह से उन्हें ये परीक्षा देने से वंचित रहना पड़ सकता है।
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सात नवंबर को विश्वविद्यालय प्रशासन ने मर्सी चांस देने की जारी की थी अधिसूचना
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा 2009-10 सत्र के बाद किसी कारणवश डिग्री पूरी करने से वंचित रहे प्रदेशभर के हजारों विद्यार्थियों को स्पेशल मर्सी चांस देने का निर्णय लिया था। प्रोफेशनल व नॉन प्रोफेशनल सभी तरह के पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी निर्धारित 1500 रुपये फीस एवं मर्सी चांस की फीस के साथ आवेदन कर अपना कोर्स पूरा कर सकते था। विवि. प्रशासन से जारी की अधिसूचना में कहा था कि यूजी, पीजी पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी जिनका कोर्स अभी पूरा नहीं हुआ है वे 20 हजार रुपये की अतिरिक्त फीस एवं निर्धारित फीस के साथ स्पेशल मर्सी चांस का लाभ ले सकते थे, जबकि यूजी, पीजी, बीटैक, लीट पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी जिनका सत्र 2009-10 ऑनवर्ड है वे निर्धारित फीस 1500 रुपये व 25 हजार रुपये अतिरिक्त फीस देकर परीक्षा दे सकते थे। कहा गया था कि चांस को लेने के इच्छुक विद्यार्थी निर्धारित फीस व अतिरिक्त फीस के साथ परीक्षा फार्म 18 नवंबर 2019 तक ओड सेमेस्टर के लिए शाम 4 बजे तक आवेदन कर सकते थे, लेकिन दर्जनों विद्यार्थी निर्धारित शुल्क का भुगतान नहीं कर सके।
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विद्यार्थियों की संख्या देख बढ़ाए कैश काउंटर : बैंक प्रबंधक
ओबीसी बैंक के प्रबंधक आरएस जागलान ने बताया कि मर्सी चांस के चलते सोमवार सुबह से ही सैकड़ों विद्यार्थी फीस जमा कराने के लिए बैंक की लाइन में लग गए थे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए चार कैश काउंटर की व्यवस्था की गई, जिसपर बैंक अधिकारियों को तैनात किया गया था। उन्होंने कहा कि चार बजे तक ही विद्यार्थियों की फीस जमा कर सकते थे, क्योंकि बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कैश मिलाने में अधिक समय लगता है।
देर शाम तक स्वीकार किए आवेदन, ताकि कोई विद्यार्थी वंचित न रहे : नियंत्रक
केयू के परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने बताया कि मर्सी चांस के तहत आवेदन करने पहुुंचे विद्यार्थियों के शाम पांच बजे के बाद भी आवेदन पत्र स्वीकार किए गए हैं, ताकि वे परीक्षा देने से वंचित न रहे। वहीं परीक्षा शाखा के संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रदेशभर से पहुंचे विद्यार्थियों का सहयोग करने के हिदायतें दी गई थी।