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Kurukshetra News: धर्मनगरी को बाईपास की आस, दूर-दराज के वाहनों के भार से मिल पाएगी मुक्ति
Sat, 22 Nov 2025 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Sat, 22 Nov 2025 01:53 AM IST
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कुरुक्षेत्र। इंटरनेट पर वायरल हो रहा कुरुक्षेत्र बाइपास का नक्शा।
कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी के लोग पिछले कई वर्षों से बाईपास मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं लेकिन यह कब पूरी होगी, कोई कहने को तैयार नहीं है। फिलहाल यह डीपीआर की चर्चाओं से आगे नहीं बढ़ पाया है। अब पर्यटन की दृष्टि से धर्मनगरी को और विकसित किया जाने लगा है और यह परियोजना भी सिरे चढ़ने की उम्मीद जगने लगी है।
कई वर्षों से चली आ रही मांग और चर्चाओं में बाईपास की परियोजना रही है। करीब 23 किलोमीटर की लंबाई के इस बाईपास पर शुरुआत में 750 करोड़ रुपये खर्च किए जाने थे लेकिन शुरुआत में इसके आड़े जमीन की उपलब्धता रही। अब इसके लिए जमीन चिह्नित कर डीपीआर तैयार किए जाने के दावे किए जा रहे हैं। वहीं करीब डेढ़ सप्ताह पहले मुख्यमंत्री ने भी इस पर चंडीगढ़ में चर्चा की है।
अप्रैल 2021 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बाईपास को शहर की सबसे बड़ी जरूरत मानी थी। वहीं केंद्रीय मंत्री से बात कर जल्द पूरा कराने का भरोसा दिया था। इसके बाद वर्ष 2021 में ही दिसंबर माह में कुरुक्षेत्र लोकसभा से तत्कालीन सांसद एवं वर्तमान में मुख्यमंंत्री नायब सिंह सैनी ने सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिलकर मांग पत्र सौंपा था। इसके बाद वर्ष 2024 में मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उन्होंने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की थी।
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हालांकि करीब 15 दिन से बाईपास को लेकर इंटरनेट मीडिया पर एक नक्शे की फोटो भी वायरल हो रही है लेकिन इसको लेकर अधिकारी किसी तरह की पुष्टि करने को तैयार नहीं है।
बॉक्स
शहरवासी मनोज कुमार, सत्येंद्र, रामबीर सिंह का कहना है कि पिपली से करीब नौ किलोमीटर के क्षेत्र में थर्ड गेट तक मुख्य सड़क के दोनों ओर ही शहर बसा हुआ है। हालांकि इसके साथ ही हाईवे से कैथल, पिहोवा की ओर जाने के लिए दो और सड़कें निकाली गई हैं लेकिन बाहरी जिलों में जाने वाले वाहनों का शहर में ही भार बना रहता है। गीता महोत्सव से लेकर अनेक बड़े आयोजन भी होते हैं जिसके चलते यातायात व्यवस्था बिगड़ने लगती है। ऐसे में बाईपास की मांग स्टीक है, जिसे जल्द पूरा किया जाना चाहिए।
दिन में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध
बाइपास न होने के चलते वाहनों के दबाव को शहर से कम करने के लिए प्रशासन ने सुबह आठ से लेकर रात आठ बजे तक पिपली-थर्ड गेट मुख्य सड़क से भारी वाहनों के प्रवेश को प्रतिबंधित किया है। बाईपास न होने के कारण इन वाहन चालकों की यहां से होकर गुजरना मजबूरी है। यहां से देवीलाल चौक के ऊपर से इन्हें श्रीकृष्ण संग्रहालय वाली सड़क से केडीबी रोड निकाला जाता है।
अब बीड़ मथाना की ओर से बाईपास निकाले जाने की चर्चा
पहले कई साल तक लाडवा रोड से मथाना और उमरी की साइड से थानेसर शहर के ऊपर से होते हुए बाईपास निकाले जाने की चर्चाएं की जाती रहीं लेकिन अब इसके लाडवा रोड से ही बीड़ मथाना और प्रतापगढ़ की ओर से होते हुए जीटी रोड को पार कर पिहोवा रोड पर मिलाए जाने की चर्चा होने लगी हैं।
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कई वर्षों से चली आ रही मांग और चर्चाओं में बाईपास की परियोजना रही है। करीब 23 किलोमीटर की लंबाई के इस बाईपास पर शुरुआत में 750 करोड़ रुपये खर्च किए जाने थे लेकिन शुरुआत में इसके आड़े जमीन की उपलब्धता रही। अब इसके लिए जमीन चिह्नित कर डीपीआर तैयार किए जाने के दावे किए जा रहे हैं। वहीं करीब डेढ़ सप्ताह पहले मुख्यमंत्री ने भी इस पर चंडीगढ़ में चर्चा की है।
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अप्रैल 2021 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बाईपास को शहर की सबसे बड़ी जरूरत मानी थी। वहीं केंद्रीय मंत्री से बात कर जल्द पूरा कराने का भरोसा दिया था। इसके बाद वर्ष 2021 में ही दिसंबर माह में कुरुक्षेत्र लोकसभा से तत्कालीन सांसद एवं वर्तमान में मुख्यमंंत्री नायब सिंह सैनी ने सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिलकर मांग पत्र सौंपा था। इसके बाद वर्ष 2024 में मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उन्होंने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की थी।
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हालांकि करीब 15 दिन से बाईपास को लेकर इंटरनेट मीडिया पर एक नक्शे की फोटो भी वायरल हो रही है लेकिन इसको लेकर अधिकारी किसी तरह की पुष्टि करने को तैयार नहीं है।
बॉक्स
शहरवासी मनोज कुमार, सत्येंद्र, रामबीर सिंह का कहना है कि पिपली से करीब नौ किलोमीटर के क्षेत्र में थर्ड गेट तक मुख्य सड़क के दोनों ओर ही शहर बसा हुआ है। हालांकि इसके साथ ही हाईवे से कैथल, पिहोवा की ओर जाने के लिए दो और सड़कें निकाली गई हैं लेकिन बाहरी जिलों में जाने वाले वाहनों का शहर में ही भार बना रहता है। गीता महोत्सव से लेकर अनेक बड़े आयोजन भी होते हैं जिसके चलते यातायात व्यवस्था बिगड़ने लगती है। ऐसे में बाईपास की मांग स्टीक है, जिसे जल्द पूरा किया जाना चाहिए।
दिन में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध
बाइपास न होने के चलते वाहनों के दबाव को शहर से कम करने के लिए प्रशासन ने सुबह आठ से लेकर रात आठ बजे तक पिपली-थर्ड गेट मुख्य सड़क से भारी वाहनों के प्रवेश को प्रतिबंधित किया है। बाईपास न होने के कारण इन वाहन चालकों की यहां से होकर गुजरना मजबूरी है। यहां से देवीलाल चौक के ऊपर से इन्हें श्रीकृष्ण संग्रहालय वाली सड़क से केडीबी रोड निकाला जाता है।
अब बीड़ मथाना की ओर से बाईपास निकाले जाने की चर्चा
पहले कई साल तक लाडवा रोड से मथाना और उमरी की साइड से थानेसर शहर के ऊपर से होते हुए बाईपास निकाले जाने की चर्चाएं की जाती रहीं लेकिन अब इसके लाडवा रोड से ही बीड़ मथाना और प्रतापगढ़ की ओर से होते हुए जीटी रोड को पार कर पिहोवा रोड पर मिलाए जाने की चर्चा होने लगी हैं।

कुरुक्षेत्र। इंटरनेट पर वायरल हो रहा कुरुक्षेत्र बाइपास का नक्शा।