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सावधानी से ही डेंगू को दी जा सकती है मात, डेंगू होने पर न करें अनदेखी
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कुरुक्षेत्र। डेंगू और कोरोना के लक्षण समान है। इन दिनों डेंगू मरीजों की तादाद में तेजी से वृद्धि हो रही है। तेज बुखार, बदन टूटना, जी मिचलाना और आंख के पीछे दर्द इस प्रकार के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक से जांच कराएं। यह सुझाव श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान में डॉ. रजनीकांत ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मथाना में विद्यार्थियों को दिया।
उन्होंने कहा कि डेंगू पॉजिटिव होने पर रोगी के प्लेटलेट्स गिरते हैं। इधर-उधर मेडिकल स्टोर से दवा न लें। डेंगू मच्छर के काट जाने पर सामान्यत: तीन से चार दिन में लक्षण सामने आते हैं, अगर सही समय पर इसका इलाज न मिले तो व्यक्ति की मौत हो सकती है।
डॉ. रजनीकांत ने कहा कि पूरा देश अभी कोरोना महामारी से उभर रहा है। इसलिए दोनों ही स्थितियों में सावधानियां बरतकर बीमारी से बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि डेंगू बुखार मादा एडीज मच्छरों के काटने से होता है। डेंगू मच्छर सूर्योदय से दो घंटे पहले और सूर्यास्त से कुछ देर पहले काटता है। इसलिए पूरी बाजू के कपड़े पहनें। घर के अंदर व बाहर पानी एकत्रित न होने दें। साथ ही डेंगू होने पर पपीते के पत्ते, नीम और बकरी के दूध का सेवन चिकित्सक के परामर्श अनुसार रोगी को कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर आयुर्वेद के अनुसार आहार विहार को यदि व्यक्ति जीवन में अपनाता है तो बहुत सारे रोगों से बचा जा सकता है।
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कार्यक्रम में मंच का संचालन अध्यापिका सविता रानी ने किया। स्कूल की प्रिंसिपल निर्मल कुमारी ने आयुष विवि की टीम का स्वागत किया। इसके साथ ही डेंगू और कोरोना महामारी से बचाव के लिए बच्चों को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी के लिए आभार प्रकट किया। एआर, कर्नल एसएन शर्मा ने सैनिक सेवा में जाने के लिए छात्र-छात्राओं को प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में स्कूल के विद्यार्थियों को औषधीय पौधे बांटे गए। हॉर्टीकल्चर सुपरवाइजर शशिकांत ने छात्र-छात्राओं को औषधीय पौधों के गुण व लाभ बताए। इस अवसर का विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं विश्वविद्यालय से मनोज कुमार उपस्थित रहे।
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उन्होंने कहा कि डेंगू पॉजिटिव होने पर रोगी के प्लेटलेट्स गिरते हैं। इधर-उधर मेडिकल स्टोर से दवा न लें। डेंगू मच्छर के काट जाने पर सामान्यत: तीन से चार दिन में लक्षण सामने आते हैं, अगर सही समय पर इसका इलाज न मिले तो व्यक्ति की मौत हो सकती है।
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डॉ. रजनीकांत ने कहा कि पूरा देश अभी कोरोना महामारी से उभर रहा है। इसलिए दोनों ही स्थितियों में सावधानियां बरतकर बीमारी से बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि डेंगू बुखार मादा एडीज मच्छरों के काटने से होता है। डेंगू मच्छर सूर्योदय से दो घंटे पहले और सूर्यास्त से कुछ देर पहले काटता है। इसलिए पूरी बाजू के कपड़े पहनें। घर के अंदर व बाहर पानी एकत्रित न होने दें। साथ ही डेंगू होने पर पपीते के पत्ते, नीम और बकरी के दूध का सेवन चिकित्सक के परामर्श अनुसार रोगी को कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर आयुर्वेद के अनुसार आहार विहार को यदि व्यक्ति जीवन में अपनाता है तो बहुत सारे रोगों से बचा जा सकता है।
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कार्यक्रम में मंच का संचालन अध्यापिका सविता रानी ने किया। स्कूल की प्रिंसिपल निर्मल कुमारी ने आयुष विवि की टीम का स्वागत किया। इसके साथ ही डेंगू और कोरोना महामारी से बचाव के लिए बच्चों को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी के लिए आभार प्रकट किया। एआर, कर्नल एसएन शर्मा ने सैनिक सेवा में जाने के लिए छात्र-छात्राओं को प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में स्कूल के विद्यार्थियों को औषधीय पौधे बांटे गए। हॉर्टीकल्चर सुपरवाइजर शशिकांत ने छात्र-छात्राओं को औषधीय पौधों के गुण व लाभ बताए। इस अवसर का विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं विश्वविद्यालय से मनोज कुमार उपस्थित रहे।