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Kurukshetra News: धर्मनगरी को पर्यटक और धार्मिक राजधानी बनाने की मांग
Mon, 25 Aug 2025 06:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Mon, 25 Aug 2025 06:02 AM IST
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कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय जाट धर्मशाला के प्रधान डॉ. कृष्ण श्योकंद ने धर्मनगरी को विश्व स्तर पर पर्यटक और धार्मिक राजधानी के रूप में विकसित करने की मांग उठाई। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने का आग्रह किया है।
उन्होंने कहा कि धर्मनगरी को गीता जन्मस्थली की भूमि के रूप में विश्व स्तरीय पहचान प्राप्त है। इसके बाद भी यह अन्य धार्मिक शहरों की तुलना में विकास के मामले में पिछड़ता जा रहा है। उन्होंने इस मुद्दे को और प्रभावी ढंग से उठाने के लिए 31 को शहर की सभी धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं की संयुक्त बैठक बुलाने की घोषणा की। इस बैठक में सिविल सोसाइटी, प्रबुद्ध नागरिकों और शहर के विकास के इच्छुक सभी लोगों से भाग लेने की अपील की गई।
डॉ. श्योकंद ने कहा कि विचार-विमर्श के बाद एक मजबूत संगठन बनाकर इस मांग को बुलंद किया जाएगा। कार्यक्रम में संत गोपाल दास, गुर्जर धर्मशाला के पूर्व प्रधान ज्ञान सिंह कसाना, पूर्व कुलपति रणपाल सिंह, ऋषभ वत्स, बनी सिंह ढूल, संस्था की कार्यकारिणी के सदस्य हरिकेश बारना, नरेंद्र नैन, होशियार सिंह, जितेंद्र कैंडल, बलिंदर सिंह, मीडिया कोऑर्डिनेटर गुरदीप तंवर, राजेंद्र हथीरा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। संवाद
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ये प्रमुख मांगें रखीं
- कुरुक्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की स्थापना।
- कुरुक्षेत्र से गुजरने वाली सभी रेलगाड़ियों का ठहराव अनिवार्य करना।
- कोरोना काल में कम की गई रेलगाड़ियों की संख्या को दोबारा बढ़ाना।
- शहर के धार्मिक स्थलों को भू-माफियाओं से बचाने के लिए प्रभावी कदम।
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उन्होंने कहा कि धर्मनगरी को गीता जन्मस्थली की भूमि के रूप में विश्व स्तरीय पहचान प्राप्त है। इसके बाद भी यह अन्य धार्मिक शहरों की तुलना में विकास के मामले में पिछड़ता जा रहा है। उन्होंने इस मुद्दे को और प्रभावी ढंग से उठाने के लिए 31 को शहर की सभी धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं की संयुक्त बैठक बुलाने की घोषणा की। इस बैठक में सिविल सोसाइटी, प्रबुद्ध नागरिकों और शहर के विकास के इच्छुक सभी लोगों से भाग लेने की अपील की गई।
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डॉ. श्योकंद ने कहा कि विचार-विमर्श के बाद एक मजबूत संगठन बनाकर इस मांग को बुलंद किया जाएगा। कार्यक्रम में संत गोपाल दास, गुर्जर धर्मशाला के पूर्व प्रधान ज्ञान सिंह कसाना, पूर्व कुलपति रणपाल सिंह, ऋषभ वत्स, बनी सिंह ढूल, संस्था की कार्यकारिणी के सदस्य हरिकेश बारना, नरेंद्र नैन, होशियार सिंह, जितेंद्र कैंडल, बलिंदर सिंह, मीडिया कोऑर्डिनेटर गुरदीप तंवर, राजेंद्र हथीरा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। संवाद
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ये प्रमुख मांगें रखीं
- कुरुक्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की स्थापना।
- कुरुक्षेत्र से गुजरने वाली सभी रेलगाड़ियों का ठहराव अनिवार्य करना।
- कोरोना काल में कम की गई रेलगाड़ियों की संख्या को दोबारा बढ़ाना।
- शहर के धार्मिक स्थलों को भू-माफियाओं से बचाने के लिए प्रभावी कदम।