फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Debabrata Acharya became governor of Himachal Pradesh

आचार्य देवव्रत बने हिमाचल प्रदेश के गवर्नर

Sun, 09 Aug 2015 01:03 AM IST
कुुुरुक्ष्ाेत्र/अमर उजाला ब्यूरो
कुुुरुक्ष्ाेत्र/अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 09 Aug 2015 01:03 AM IST
विज्ञापन
गुरुकुल कुरुक्षेत्र में पिछले 34 वर्षों से छात्रों के भविष्य को संवार रहे डॉ. देवव्रत आचार्य अब देवभूमि हिमाचल प्रदेश के नए गवर्नर होंगे।
विज्ञापन


आर्य समाज की शिक्षा की अलख जगा रहे आचार्य देवव्रत को गवर्नर बनाने की सूचना मिलते ही उन्हें बधाई देने वालों का तांता लग गया। आचार्य वर्ष 1981 में कुरुक्षेत्र गुरुकुल में बतौर आचार्य के पद पर आसीन हुए थे। उन्होंने अपने 34 वर्ष के कार्यकाल के दौरान गुरुकुल को बुलंदियों तक पहुंचाया।

मूल रूप से पानीपत जिले के समालखा के गांव पावती के रहने वाले आचार्य देवव्रत का जीवन शिक्षा को ही समर्पित है। आचार्य देवव्रत का जन्म 18 जनवरी 1959 को हुआ था। पावती गांव निवासी लहरी सिंह के पांच पुत्रों में एक देवव्रत शुरू से ही आर्य समाज से काफी प्रभावित रहे।
विज्ञापन


1978 में दयानंद ब्रह्म विद्यालय से विद्या वाचस्पति और 1982 में दयानंद महाविद्यालय ज्वालापुर, हरिद्वार, उत्तराखंड से विद्या भास्कर (बीए) उत्तीर्ण की। इसके बाद स्नातकोत्तर पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से 1984 में और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से 1991 में बीएड की डिग्री हासिल की।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद इतिहास में स्नातकोत्तर 1996 में और वर्ष 2000 में डिप्लोमा इन योग विज्ञान और 2002 में डॉक्टर ऑफ नेचुरोपैथी एंड यौगिक साइंस की डिग्री हासिल की।

अवॉर्ड्स की लंबी फेहरिस्त रही नाम
आचार्य देवव्रत के नाम अवार्ड्स की लंबी फेहरिस्त रही है जिनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित हैं...
- 2003 में भारत ज्योति अवॉर्ड, सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस अवॉर्ड एवं श्रीमती सरला चोपड़ा अवॉर्ड से सम्मानित।
- 2002 में समाज में महत्वपूर्ण योगदान के लिए अमेरिकन बायोग्राफिकल इंस्टीट्यूट की ओर से 2002 में अमेरिकन मेडल ऑफ ऑनर मिला।
- 2005 में सीएनआरआईडी की ओर से सर्टीफिकेट ऑफ ऑनर इन सर्विस ऑफ रूरल इंडिया से सम्मानित।
- 2009 में जनहित शिक्षक श्री अवॉर्ड से सम्मानित।
- 2007 में समाज सेवा सम्मान से सम्मानित।
- परोपकारिणी सभा अजमेर की ओर से आर्य संस्था व्यवस्थापक सम्मान से सम्मानित।
- 2011 में अक्षय ऊर्जा सम्मान से सम्मानित।
- सार्वदेशिक आर्य वीर दल की ओर से विशिष्ट सेवा सम्मान 2013 से सम्मानित। इनके अलावा भी विभिन्न राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय संस्थाओं के साथ-साथ सरकार की ओर से सामाजिक उत्थान के लिए किए गए कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। इसके अलावा प्रदेश की विभिन्न संस्थाओं में भी आचार्य की उपस्थिति महत्वपूर्ण पदों पर है।


गुरुकुल कुरुक्षेत्र को पहुंचाया बुलंदियों पर
आचार्य देवव्रत ने 1981 में गुरुकुल कुरुक्षेत्र में पदभार ग्रहण किया था। 34 वर्षों के दौरान इस गुरुकुल को उन्होंने बुलंदियों तक पहुंचाया है।

वर्तमान में गुरुकुल की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान है। उन्होंने विद्यालय भवन का निर्माण, प्रयोगशालाओं की स्थापना, कंप्यूटर लैब, सीसीटीवी कैमरे, स्मार्ट क्लास लगाने, खेलकूद व्यवस्था, भाषा प्रयोगशाला, छात्रावास निर्माण, महर्षि दयानंद जड़ी बूटी उद्यान, आधुनिक तकनीकों से लैस भोजनालय, प्राकृतिक चिकित्सालय की स्थापना, वातानुकूलित गौशाला निर्माण, जैविक खेती, आवासीय कालोनी, आधुनिक अश्वशाला, शूटिंग रेंज की स्थापना, म्यूजिकल बाथ शावर आदि समेत अन्य आधुनिक सुविधाओं से लैस गुरुकुल का निर्माण कराया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed