फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Death in America body reached Kurukshetra after 12 days family spent Rs 40 lakh

Kurukshetra: अमेरिका में मौत, 12 दिन बाद कृष्ण को नसीब वतन की मिट्टी, शव लाने में खर्च हुए 40 लाख

Tue, 11 Feb 2025 05:28 PM IST
अंकेश ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, इस्माईलाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, इस्माईलाबाद Published by: अंकेश ठाकुर Updated Tue, 11 Feb 2025 05:28 PM IST
सार

हरियाणा के कुरुक्षेत्र निवासी कृष्ण कुमार की अमेरिका में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। 12 दिन बाद उसका शव गांव पहुंचा तो परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था। गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार किया गया।

विज्ञापन
Death in America body reached Kurukshetra after 12 days family spent Rs 40 lakh
कृष्ण कुमार का अंतिम संस्कार। - फोटो : संवाद

विस्तार

परिवार, रिश्तेदारों व संस्थाओं की मदद से आखिरकार 12 दिन बाद कुरुक्षेत्र के इस्माईलाबाद के गांव ठसका मीरांजी के कृष्ण कुमार के शव को वतन की मिट्टी नसीब हो गई। सोमवार देर रात गांव ठसका मीरांजी में अमेरिका से उसका शव पहुंचा। परिवार को सांत्वना देने के लिए गांव व आसपास के गांव के लोगों का तांता लगा रहा। मंगलवार को गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। मृतक कृष्ण कुमार के 10 वर्षीय बेटे ने मुखाग्नि दी।

विज्ञापन


28 जनवरी की रात को अमेरिका में रह रहे कृष्ण कुमार की काम से घर आते वक्त सड़क दुर्घटना में मौके पर ही मौत हो गई थी। मौत की सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और परिवार लगातार कृष्ण के शव को भारत लाने के लिए प्रयास कर रहा था।
विज्ञापन


आठ महीने पहले गया था विदेश
31 वर्षीय कृष्ण कुमार करीब आठ महीने पहले कनाडा गया था। कनाडा में दो महीने रुकने के बाद वह अमेरिका चला गया था। वह पेंसिल्वेनिया शहर में रह रहा था। इस शहर के नजदीक ही कृष्ण की बुआ का लड़का और जीजा भी रहते हैं। उन्होंने ही कृष्ण को अपने पास बुलाया था। कृष्ण कुमार रेस्टोरेंट में कुकिंग का काम करता था। 28 जनवरी को कृष्ण ड्यूटी से अपने दोस्त के साथ गाड़ी में घर लौट रहा था। इस दौरान उनकी कार का ट्रक के साथ एक्सीडेंट हो गया था, जिसमें कृष्ण कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी। पूरा परिवार कृष्ण कुमार के अंतिम दर्शन की आस लगाए हुए था।
विज्ञापन
विज्ञापन


अकेला कमाने वाला था कृष्ण
कृष्ण कुमार कर्ज लेकर कनाडा पहुंचा था। वह दो बहनों का इकलौता भाई था और परिवार में इकलौता कमाने वाला था। कृष्ण के पिता हरि सिंह पैरालाइज्ड है। करीब 12 साल पहले पीपली की रहने वाली सुनीता के साथ कृष्ण कुमार की शादी हुई थी। उनके 10 साल का बेटा प्रतीक और 3 साल का बेटा हर्षित है। 


शव को लाने के लिए खर्च हुए 35 से 40 लाख 
गांव के पूर्व सरपंच दिलबाग सिंह गुराया ने बताया कि परिवार कृष्ण कुमार के शव का भारत लाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा था। अमेरिका में रह रहे परिजनों, संस्थाओं व परिवार की कोशिशों से आखिरकार सोमवार को करीब 11 बजे शव दिल्ली पहुंचा। दो से तीन घंटे इमीग्रेशन की कार्यवाही के बाद सोमवार देर रात कृष्ण कुमार का शव गांव पहुंचा। शव भारत लाने के लिए परिवार के 35 से 40 लाख रुपये खर्च हुए हैं। पहले ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा हुआ है और बेटे के अंतिम दर्शन के लिए भी उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को ऐसे मामलों में कोई सरल प्रक्रिया लागू करनी चाहिए ताकि परिवार को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed