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Kurukshetra News: साइकिल खिलाड़ियों को वैलोड्रम की जगी उम्मीद
Sat, 23 Aug 2025 01:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Sat, 23 Aug 2025 01:45 AM IST
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कुरुक्षेत्र। पिहोवा हाईवे पर सुबह के समय अभ्यास करते साइक्लिस्ट। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी में साइकिल खिलाड़ियों के लिए अब तक कोई वैलोड्रम नहीं है जिससे उन्हें जान जोखिम में डालकर सड़कों पर ही अभ्यास करना पड़ता है। हाईवे और शहर की मुख्य सड़कों पर तेज रफ्तार वाहनों के बीच साइक्लिंग करने वाले ये खिलाड़ी न केवल खुद की जान को खतरे में डालते हैं। ऐसे में दुर्घटना की आशंका भी हर वक्त बनी रहती है।
लेकिन अब किरमिच रोड पर बनने वाले साइक्लिंग वैलोड्रम के लिए गंभीरता बढ़ने से उम्मीदें फिर से जगी हैं। करीब 35 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह वैलोड्रम पिछले करीब 18 वर्षों से सिर्फ फाइलों में घूमता रहा। पहले उमरी, फिर दयालपुर और पिहोवा तक कई गांवों की पंचायतों ने जगह देने का प्रस्ताव रखा लेकिन प्रशासनिक और तकनीकी अड़चनों के कारण निर्माण शुरू नहीं हो सका। अब ड्राइंग, टेंडर और जमीन के सारे कागजी काम पूरे हो रहे हैं, खिलाड़ियों को उम्मीद है कि उनका सपना अब सिर्फ सड़कों पर नहीं दौड़ेगा बल्कि एक सुरक्षित ट्रैक पर रफ्तार पकड़ेगा।
हर मोड़ पर लगता है डर
साइकिलिस्ट नीलम ने बताया कि हर सुबह अभ्यास के लिए निकलते हुए घरवालों की चिंता देखती हूं। सड़कों पर रफ्तार से गुजरती गाड़ियों के बीच साइकिल चलाना बेहद खतरनाक होता है। कई बार तो ट्रक और बसें इतना पास से गुजरती हैं कि बैलेंस बिगड़ने लगता है। हर मोड़ और चौक चौराहे पर डर लगता है।
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वैलोड्रम न होने से प्रैक्टिस रहती है अधूरी
साइकिलिस्ट सुमित ने बताया कि वैलोड्रम न होने से हमासा अभ्यास अधूरा रहता है। सही मोड़, ट्रैक की लंबाई और तकनीक नहीं सीख पाते। वैलोड्रम बनने से हम अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी कर सकेंगे। प्रशासन को वैलोड्रम के निर्माण की कागजी प्रकिया को जल्द से कर इसका निर्माण शुरू कराना चाहिए ताकि खिलाड़ी सही से अभ्यास कर सकें।
पेड़ों की कटाई की टेंडर प्रक्रिया होते ही शुरू होगा निर्माण
जिला खेल अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने इस वैलोड्रम के लिए अपनी जमीन खेल विभाग को सौंपी है। यह 250 मीटर का ट्रैक होगा। पीडब्ल्यूडी ने ड्राइंग तैयार कर ली है। पेड़ों की कटाई के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है। प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू होगा।
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कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी में साइकिल खिलाड़ियों के लिए अब तक कोई वैलोड्रम नहीं है जिससे उन्हें जान जोखिम में डालकर सड़कों पर ही अभ्यास करना पड़ता है। हाईवे और शहर की मुख्य सड़कों पर तेज रफ्तार वाहनों के बीच साइक्लिंग करने वाले ये खिलाड़ी न केवल खुद की जान को खतरे में डालते हैं। ऐसे में दुर्घटना की आशंका भी हर वक्त बनी रहती है।
लेकिन अब किरमिच रोड पर बनने वाले साइक्लिंग वैलोड्रम के लिए गंभीरता बढ़ने से उम्मीदें फिर से जगी हैं। करीब 35 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह वैलोड्रम पिछले करीब 18 वर्षों से सिर्फ फाइलों में घूमता रहा। पहले उमरी, फिर दयालपुर और पिहोवा तक कई गांवों की पंचायतों ने जगह देने का प्रस्ताव रखा लेकिन प्रशासनिक और तकनीकी अड़चनों के कारण निर्माण शुरू नहीं हो सका। अब ड्राइंग, टेंडर और जमीन के सारे कागजी काम पूरे हो रहे हैं, खिलाड़ियों को उम्मीद है कि उनका सपना अब सिर्फ सड़कों पर नहीं दौड़ेगा बल्कि एक सुरक्षित ट्रैक पर रफ्तार पकड़ेगा।
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हर मोड़ पर लगता है डर
साइकिलिस्ट नीलम ने बताया कि हर सुबह अभ्यास के लिए निकलते हुए घरवालों की चिंता देखती हूं। सड़कों पर रफ्तार से गुजरती गाड़ियों के बीच साइकिल चलाना बेहद खतरनाक होता है। कई बार तो ट्रक और बसें इतना पास से गुजरती हैं कि बैलेंस बिगड़ने लगता है। हर मोड़ और चौक चौराहे पर डर लगता है।
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वैलोड्रम न होने से प्रैक्टिस रहती है अधूरी
साइकिलिस्ट सुमित ने बताया कि वैलोड्रम न होने से हमासा अभ्यास अधूरा रहता है। सही मोड़, ट्रैक की लंबाई और तकनीक नहीं सीख पाते। वैलोड्रम बनने से हम अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी कर सकेंगे। प्रशासन को वैलोड्रम के निर्माण की कागजी प्रकिया को जल्द से कर इसका निर्माण शुरू कराना चाहिए ताकि खिलाड़ी सही से अभ्यास कर सकें।
पेड़ों की कटाई की टेंडर प्रक्रिया होते ही शुरू होगा निर्माण
जिला खेल अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने इस वैलोड्रम के लिए अपनी जमीन खेल विभाग को सौंपी है। यह 250 मीटर का ट्रैक होगा। पीडब्ल्यूडी ने ड्राइंग तैयार कर ली है। पेड़ों की कटाई के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है। प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू होगा।