{"_id":"66fce9886661d48ad2071309","slug":"crowds-of-devotees-gathered-in-holy-city-on-sarva-pitru-amavasya-took-a-holy-dip-in-brahma-sarovar-2024-10-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra: धर्मनगरी में सर्व पितृ अमावस्या पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, ब्रह्मसरोवर मे लगाई आस्था की डुबकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra: धर्मनगरी में सर्व पितृ अमावस्या पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, ब्रह्मसरोवर मे लगाई आस्था की डुबकी
Wed, 02 Oct 2024 12:20 PM IST
नवीन दलाल
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Wed, 02 Oct 2024 12:20 PM IST
सार
पंडित प्रेम कुमार शर्मा ने बताया कि सर्वपितृ अमावस्या पर तीर्थ स्थलों में स्नान करने के बाद पितरों की शांति के लिए तर्पण करना चाहिए। तर्पण के लिए जल में काले तिल मिलाकर पितरों का आह्वान करते हुए जल अर्पित किया जाता है और ओम पितृभ्यः स्वधा मंत्र का उच्चारण करते हुए तीन बार जल अर्पित किया जाता है
विज्ञापन
स्नान करते लोग
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सर्व पितृ अमावस्या के चलते बुधवार को श्रद्धालुओं में गहरी आस्था देखने को मिली। धर्मनगरी में पहुंचे श्रद्धालुओं ने अल सुबह ब्रह्मसरोवर, सन्निहित सरोवर व पिहोवा के सरस्वती तीर्थ पर स्नान किया और पितरों की शांति के लिए पिंडदान के लिए पूजा अर्चना कराई। जबकि कई श्रद्धालु हवन यज्ञ कर भगवान की पूजा अर्चना में लीन नजर आए।
विज्ञापन
सर्वपितृ अमावस्या के चलते पंजाब, दिल्ली व उत्तर प्रदेश से हजारों की तादाद में श्रद्धालु पहुंचे थे। ब्रह्मसरोवर तट पर श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते दिनभर मेले जैसा माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर जहां पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद रहा तो वहीं केडीबी प्रशासन की ओर से भी व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के इंतजाम किए गए थे। ब्रह्मसरोवर तट पर स्नान करने वाले यात्रियों को किसी भी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए केडीबी प्रशासन की ओर से लाउडस्पीकर के माध्यम से बार-बार सूचनाएं भी दी जा रही थी।
विज्ञापन
पंडित प्रेम कुमार शर्मा ने बताया कि सर्वपितृ अमावस्या पर तीर्थ स्थलों में स्नान करने के बाद पितरों की शांति के लिए तर्पण करना चाहिए। तर्पण के लिए जल में काले तिल मिलाकर पितरों का आह्वान करते हुए जल अर्पित किया जाता है और ओम पितृभ्यः स्वधा मंत्र का उच्चारण करते हुए तीन बार जल अर्पित किया जाता है। इस दिन ब्राह्मणों को दूध से बनी खीर का भोजन कराया जाता है।
विज्ञापन