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अस्पताल में छोड़ी नवजात बच्ची की मौत
कुरुक्ष्ाेत्र/अमर उजाला ब्यूूरो
Updated Sat, 27 Jun 2015 01:13 AM IST
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एलएनजेपी अस्पताल में बृहस्पतिवार को एक महिला द्वारा छोड़ी गई दो बच्चियों में से एक ने शुक्रवार को दम तोड़ दिया। चाइल्ड वेलफेयर समिति के चेयरमैन वीरेंद्र काजल ने बताया कि जीवित नवजात शिशु को चाइल्ड वेलफेयर समिति ने देखरेख में लिया है।
वहीं मृतक बच्ची को अस्पताल प्रशासन ने शवगृह में रख दिया है। उन्होंने कहा कि समिति द्वारा जीवित नवजात के इलाज का पुरा खर्चा उठाया जाएगा और मृतक बच्ची का अंतिम सस्कार उसके माता-पिता के मिलने के बाद ही किया जाएगा।
ये था मामला
बाबैन के गांव भगवान पुरा वासी अनीता को 11 जून को गर्भ में सातवें माह में दो कन्याओं ने पीएचसी बाबैन में जन्म लिया। जन्म के बाद कन्याओं की स्थिती को देखते हुए कुरुक्षेत्र एलएनजेपी अस्पताल दाखिल कराया गया। जिसके बाद बच्चियों को शिशु देखरेख इकाई केंद्र में दाखिल कर ऑक्सीजन लगा दी गई।
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फिर अनीता 20 जून को अपने घर चली गई और 23 जून को दुबारा अस्पताल में बच्चियों को लेने के लिए आई, लेकिन बच्चियों की स्थिति ऐसी नहीं थी कि उन्हें ऑक्सीजन से हटाया जाए। जिसके चलते डाक्टरों ने अनीता को समझाया की इस समय बच्चियों को घर ले जाना सही नहीं है। इसके बाद अनीता अस्पताल से चली गई।
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वहीं मृतक बच्ची को अस्पताल प्रशासन ने शवगृह में रख दिया है। उन्होंने कहा कि समिति द्वारा जीवित नवजात के इलाज का पुरा खर्चा उठाया जाएगा और मृतक बच्ची का अंतिम सस्कार उसके माता-पिता के मिलने के बाद ही किया जाएगा।
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ये था मामला
बाबैन के गांव भगवान पुरा वासी अनीता को 11 जून को गर्भ में सातवें माह में दो कन्याओं ने पीएचसी बाबैन में जन्म लिया। जन्म के बाद कन्याओं की स्थिती को देखते हुए कुरुक्षेत्र एलएनजेपी अस्पताल दाखिल कराया गया। जिसके बाद बच्चियों को शिशु देखरेख इकाई केंद्र में दाखिल कर ऑक्सीजन लगा दी गई।
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फिर अनीता 20 जून को अपने घर चली गई और 23 जून को दुबारा अस्पताल में बच्चियों को लेने के लिए आई, लेकिन बच्चियों की स्थिति ऐसी नहीं थी कि उन्हें ऑक्सीजन से हटाया जाए। जिसके चलते डाक्टरों ने अनीता को समझाया की इस समय बच्चियों को घर ले जाना सही नहीं है। इसके बाद अनीता अस्पताल से चली गई।