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निजी स्कूल के प्रिंसीपल मासूम बच्चों पर टूटा कहर, बच्चों को पीटा
Updated Thu, 26 Jul 2018 01:24 AM IST
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बस की सीटें फाड़ने पर प्रिंसिपल ने 12 बच्चों को बुरी तरह पीटा
- अभिभावकों ने स्कूल पहुंच मचाया शोर तो पुलिस भी पहुंची
फोटो नंबर-44 से 46
अमर उजाला के पास बच्चों के फोटो भी हैं---
अमर उजाला ब्यूूरो
बाबैन। स्कूल बस की सीटें फाड़ने पर गुस्साए निजी स्कूल के प्रिंसिपल ने 12 विद्यार्थियों की बुरी तरह पिटाई कर दी। पीड़ित बच्चों की उम्र 5 से 10 साल के बीच है। दर्द से कराहते बच्चों ने घर जाकर आपबीती बताई तो अभिभावक भड़क उठे। अभिभावकों ने स्कूल का घेराव कर दिया। पुलिस प्रिंसिपल को थाने ले आई। यहां प्रिंसिपल ने बच्चों और अभिभावकों से माफी मांग ली। फिलहाल मामला दर्ज नहीं किया गया है।
अभिभावकों दलविंद्र सिंह, अमरीक सिंह व पवन कुमार आदि ने बताया कि बुधवार को बच्चे दोपहर बाद स्कूल से लौटे तो उन्होंने रोते हुए बताया कि प्रिंसिपल ने उनकी बुरी तरह से पिटाई की है। वे पूरे दिन से दर्द से परेशान रहे हैं। उन्हें स्कूल में दवा भी नहीं दिलवाई गई। बच्चों के चेहरे और शरीर पर चोट के निशान देखकर अभिभावक भड़क उठे। अभिभावक स्कूल पहुंचे तो प्रिंसिपल खिसक लिए। अभिभावकों एक घंटे स्कूल में बैठे इंतजार करते रहे, लेकिन प्रिंसिपल स्कूल में नहीं पहुंचे। प्रिंसिपल की पत्नी जो एक सरकारी स्कूल में प्राध्यापक है, ने उन्हें धमकी दी कि वे अपने-अपने घरों को लेकर चलें जाएं नहीं तो वे उनके बच्चों का स्कूल से नाम काटकर चलता कर देंगे। इस पर अभिभावकों ने मौके पर मीडिया कर्मियों को बुला लिया। इस पर प्रिंसिपल की पत्नी ने तुंरत बाबैन से ही अपने पति को फोन कर स्कूल में बुला लिया। प्रिंसिपल ने मीडिया कर्र्मियों को भी देख लेने की धमकी दी। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि प्रिंसिपल अकसर शराब के नशे में रहता है और नशे में बच्चों की पीटाई करता है।
प्रिंसिपल को थाने लेकर पहुंची पुलिस
सभी अभिभावक थाना बाबैन में पहुंचे और उन्होंने थाना प्रबंधक दलीप सिंह को पूरे मामले से अवगत कराया। कुछ देरी के बाद स्कूल में गए पुलिसकर्मी प्रिंसिपल सुरजीत सिंह सैनी को अपने साथ लेकर थाने में आ गए। प्रिंसिपल ने बिना देरी किए बच्चों व अभिभावकों से माफी भी मांगी। समाचार लिखे जाने तक दोनों पक्षों में आपसी समझौते की बातचीत चल रही थी।
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किसी बच्चे के साथ नहीं की मारपीट: प्रिंसिपल
प्रिंसिपल का कहना है कि उन्होंने किसी भी बच्चे के साथ मारपीट नहीं की है। वे स्कूल के सभी बच्चों को अपने बच्चों के समान मानते हैं। बच्चों ने बस की सीटें फाड़ दी थी, जिसके बाद बच्चों को केवल समझाया था। अभिभावकों द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।
नहीं मिली लिखित में शिकायत: दलीप
थाना प्रभारी दलीप सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है और दोनों पक्ष थाना में मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक उनके पास कोई लिखित में शिकायत में नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष अभी तक आपस में बातचीत कर रहे हैं और जैसे ही उन्हें शिकायत मिलेगी वे तुंरत उचित कानूनी कार्रवाई करेंगे।
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- अभिभावकों ने स्कूल पहुंच मचाया शोर तो पुलिस भी पहुंची
फोटो नंबर-44 से 46
अमर उजाला के पास बच्चों के फोटो भी हैं---
अमर उजाला ब्यूूरो
बाबैन। स्कूल बस की सीटें फाड़ने पर गुस्साए निजी स्कूल के प्रिंसिपल ने 12 विद्यार्थियों की बुरी तरह पिटाई कर दी। पीड़ित बच्चों की उम्र 5 से 10 साल के बीच है। दर्द से कराहते बच्चों ने घर जाकर आपबीती बताई तो अभिभावक भड़क उठे। अभिभावकों ने स्कूल का घेराव कर दिया। पुलिस प्रिंसिपल को थाने ले आई। यहां प्रिंसिपल ने बच्चों और अभिभावकों से माफी मांग ली। फिलहाल मामला दर्ज नहीं किया गया है।
अभिभावकों दलविंद्र सिंह, अमरीक सिंह व पवन कुमार आदि ने बताया कि बुधवार को बच्चे दोपहर बाद स्कूल से लौटे तो उन्होंने रोते हुए बताया कि प्रिंसिपल ने उनकी बुरी तरह से पिटाई की है। वे पूरे दिन से दर्द से परेशान रहे हैं। उन्हें स्कूल में दवा भी नहीं दिलवाई गई। बच्चों के चेहरे और शरीर पर चोट के निशान देखकर अभिभावक भड़क उठे। अभिभावक स्कूल पहुंचे तो प्रिंसिपल खिसक लिए। अभिभावकों एक घंटे स्कूल में बैठे इंतजार करते रहे, लेकिन प्रिंसिपल स्कूल में नहीं पहुंचे। प्रिंसिपल की पत्नी जो एक सरकारी स्कूल में प्राध्यापक है, ने उन्हें धमकी दी कि वे अपने-अपने घरों को लेकर चलें जाएं नहीं तो वे उनके बच्चों का स्कूल से नाम काटकर चलता कर देंगे। इस पर अभिभावकों ने मौके पर मीडिया कर्मियों को बुला लिया। इस पर प्रिंसिपल की पत्नी ने तुंरत बाबैन से ही अपने पति को फोन कर स्कूल में बुला लिया। प्रिंसिपल ने मीडिया कर्र्मियों को भी देख लेने की धमकी दी। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि प्रिंसिपल अकसर शराब के नशे में रहता है और नशे में बच्चों की पीटाई करता है।
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प्रिंसिपल को थाने लेकर पहुंची पुलिस
सभी अभिभावक थाना बाबैन में पहुंचे और उन्होंने थाना प्रबंधक दलीप सिंह को पूरे मामले से अवगत कराया। कुछ देरी के बाद स्कूल में गए पुलिसकर्मी प्रिंसिपल सुरजीत सिंह सैनी को अपने साथ लेकर थाने में आ गए। प्रिंसिपल ने बिना देरी किए बच्चों व अभिभावकों से माफी भी मांगी। समाचार लिखे जाने तक दोनों पक्षों में आपसी समझौते की बातचीत चल रही थी।
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किसी बच्चे के साथ नहीं की मारपीट: प्रिंसिपल
प्रिंसिपल का कहना है कि उन्होंने किसी भी बच्चे के साथ मारपीट नहीं की है। वे स्कूल के सभी बच्चों को अपने बच्चों के समान मानते हैं। बच्चों ने बस की सीटें फाड़ दी थी, जिसके बाद बच्चों को केवल समझाया था। अभिभावकों द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।
नहीं मिली लिखित में शिकायत: दलीप
थाना प्रभारी दलीप सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है और दोनों पक्ष थाना में मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक उनके पास कोई लिखित में शिकायत में नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष अभी तक आपस में बातचीत कर रहे हैं और जैसे ही उन्हें शिकायत मिलेगी वे तुंरत उचित कानूनी कार्रवाई करेंगे।