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जींद के पेगा गैंग के सदस्य काला पेगा ने मारी थी सुरेंद्र उर्फ जलंधर को गोली
Updated Mon, 10 Jul 2017 11:59 PM IST
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जींद के पेगा गैंग के गुर्गे ने मारी थी सुरेंद्र उर्फ जलंधर को गोली
कुरुक्षेत्र। सुरेंद्र उर्फ जलंधर की हत्या जींद के पेगा गैंग के गुर्गे ने की थी। इस हत्या प्रकरण में 12 लोग शामिल बताए जा रहे हैं। इनमें से पांच को पुलिस ने गिरफ्तार कर दो दिन के रिमांड पर लिया है।
गौरतलब है कि सुरेंद्र उर्फ जलंधर की हत्या चार जुलाई 2017 को कुरुक्षेत्र के सर्किट हाउस के सामने स्थित प्रॉपर्टी एडवाइजर की दुकान पांच गोलियां दाग कर की गई थीं। सोमवार को सिटी थाना के प्रभारी संदीप कुमार ने पत्रकारवार्ता में उपरोक्त हत्या प्रकरण में गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों के नामों का खुलासा करने के साथ बताया कि सुरेंद्र उर्फ जलंधर पर केयू थाना, सिटी थाना और सदर थाना में विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत कई मामले दर्ज थे। उन्होंने इस हत्या प्रकरण में एक विवादित भूमि को लेकर टकराव, एक विवाद में गवाही से पीछे हटने के लिए बनाया जा रहा दबाव के अलावा तीसरा मामला एक एनआरआई की पत्नी से चल रहे जलंधर के प्रेम प्रसंग को भी जिम्मेदार बताया है।
थाना प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि दो दिन के पुलिस रिमांड में वे सभी तार जोड़े जा रहे हैं, जिनका जलंधर हत्या प्रकरण से सीधा संबंध जुड़ा है। पुलिस को सूचना मिली कि खेड़ी ब्राह्मण कुरुक्षेत्र में जलंधर हत्या प्रकरण में शामिल पांच आरोपी बैठे हुए हैं। पुलिस ने जब मौके पर पहुंच कर छापेमारी की ती वहां मौके से गिरफ्तार कि ए गए पांचों युवकों ने अपने नाम नवीन कुमार उर्फ काला पेगा पुत्र राम चंद्र वासी गांव पापडा जिला हिसार, अक्षय कुमार उर्फ अक्षर पुत्र धर्मपाल वासी मथाना, विनीत कुमार उर्फ काला पुत्र पालाराम वासी नजदीक प्रोफसर कॉलोनी थानेसर, लवप्रीत सिह उर्फ लक्की वासी खेड़ी ब्राह्मणान, जसविंद्र उर्फ काला पुत्र सुल्तान सिंह वासी दयालपुर जिला कुरुक्षेत्र बताया है। थाना प्रभारी के मुताबिक सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर इनसे पूछताछ शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि नवीन उर्फ काला पेगा ने ही सुरेंद्र उर्फ जलंधर पर फायर किये थे, जिसमें से जलंधर को पांच गोलियां लगी थी।
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इस पुलिस टीम ने दबोचे पांचों आरोपी
पुलिस निरीक्षक संदीप कुमार, उप निरीक्षक महेश कुमार, सहायक उप निरीक्षक हाकम सिंह, उप निरीक्षक धर्मपाल, सिपाही संजीव कुमार, सिपाही सुनील कुमार, निरीक्षक अपराध शाखा-1 अमन कुमार अपनी टीम के साथ और अपराध शाखा-2 दीपेंद्र कुमार अपनी टीम के साथ गांव खेड़ी ब्राह्मणान कुरुक्षेत्र मे रेड की थी।
जर,जोरू और जमीन जुड़ा है जलंधर हत्या प्रकरण
कुरुक्षेत्र। सुरेंद्र उर्फ जलंधर हत्या प्रकरण जर, जोरू और जमीन तीनों से जुड़ा है। इस हत्या प्रकरण में एक सिविल इंजीनियर, एक एनआरआई और कुरुक्षेत्र की प्राइम लोकेशन सेक्टर-17 इलाके में चलाए जा रहे एक होटल के संचालक का नाम भी शामिल है।
पुलिस ने खुलासा किया है कि सुरेंद्र उर्फ जलंधर का एक एनआरआई की पत्नी से संबंध थे। इसकी वजह से उसके पति ने जलंधर की हत्या के लिए 10 लाख रुपये की सुपारी जर्मनी से तय कर दी थी। पिछले कुछ वर्षों में कब्जे छुड़वाने और कब्जे दिलाने के धंधे में सक्रियता की वजह से जहां जलंधर का नाम भूमाफिया के रूप में उभर रहा था, वहीं शहर के दर्राखेड़ा का भूमि विवाद उसकी जीवन रेखा को छोटी कर देगा, ये शायद उसने भी सोचा नहीं होगा।
बता दें कि हत्या प्रकरण का मुख्य सूत्रधार नवीन उर्फ काला पेगा भी एक समय में जलंधर के नेटवर्क में रहा है, लेकिन 21 अप्रैल 2017 को थानेसर शहर में जिस बेशकीमती जमीन के टुकड़े को लेकर विवाद था, उसमें एक धड़े में जहां काला पेगा कब्जा दिलाने की भूमिका निभा रहा था, वहीं दूसरे धड़े में जलंधर शामिल था। यही तारीख ने इन दोनों के बीच नई दुश्मनी की इबारत रख गई और इसका अंत 4 जुलाई 2017 को कुरुक्षेत्र के वीआईपी जोन में जलंधर की ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर हत्या से हुआ।
इस हत्या प्रकरण में गिरफ्तार पांच युवकों में से दो 12वीं पास हैं, एक अंडर ग्रेजुएट हैं, जबकि अक्षर ने करनाल जिला के इंजीनियरिंग संस्थान से 2015 में सिविल इंजीयरिंग की थी। दुर्भाग्यपूर्ण ये भी है कि उक्त हत्या प्रकरण में शामिल एक आरोपी के पिता देश में चलाए रहे एक बड़े अभियान के सम्मानित सक्रिय पदाधिकारी हैं।
ऐसे बना गुरमंत्र और काला पेगा का संबंध
नवीन उर्फ काला पेगा ने पुलिस को बताया है कि गुरमंत्र सिंह उर्फ गगन उर्फ चीमा का पिहोवा में कोठी को लेकर झगड़ा था। इस कोठी का कब्जा दिलवानेे के लिए गुरमंत्र की उसकी मदद की थी और इसके बाद नवीन और गुरमंत्र उर्फ चीम की दोस्ती हो गई थी। गुरमंत्र उर्फ चीमा के खिलाफ 307 आईपीसी का एक मामला थाना पिहोवा थाना में दर्ज है। पुलिस ने इस मामले में गुरमंत्र को गिरफ्तार कर लिया था और गुरमंत्र के माध्यम से नवीन की दोस्ती काकू उर्फ तरसेम पुत्र मोहन लाल वासी धुराला के साथ हो गई थी। काकू उर्फ तरसेम के खिलाफ 307 आईपीसी का एक मामला दर्ज है। इसमें काकू उर्फ तरसेम गिरफ्तार कर लिया था। वहीं जलंधर के खिलाफ भी कई थानों में आईपीसी की धारा 307 के तहत मामले दर्ज हैं।
पहले काला पेगा को आधा प्लाट देने पर बनी थी बात
गुरमंत्र उर्फ चीमा व काकू से नवीन कुमार जेल में मिलने जाता था। चीमा और काकू ने बताया कि उन्होंने जलंधर को गवाही से बैठाने के लिए नवीन उर्फ काला पेगा से बात की थी। इस दौरान काला पेगा ने चीमा और काकू को आश्वस्त कर दिया था कि उसकी जलंधर के साथ अच्छी दोस्ती हो गई थी। विनित उर्फ काला के दोस्त ओम प्रकाश का दर्राखेडा में एक प्लाट पर झगड़ा था जो नवीन की उस प्लाट को लेकर बातचीत हो गई थी। इसमें जलंधर ने कहा कि प्लाट की आधा हिस्सा दे दूंगा और बाद में कहने लगा कि आप इस प्लाट पर कब्जा कर लो और मुझे मेरा हिस्सा दे देना। जो नवीन व जसविंद्र काला, विनीत कुमार ने मिलकर प्लाट पर दीवार बना दी। इसके बाद जब एक पंचायत बुलाई गई और उस पंचायत में हमें भी बुलाया गया और प्लाट पर कब्जा लेने की नीयत से जलंधर ने गोलियां चलाई।
विवादित प्लाट में हिस्सा देने से जलंधर ने किया था इनकार
दर्राखेड़ा में हुई घटना के बाद नवीन उर्फ काला पेगा और जलंधर में रंजिश शुरू हो गई थी। इस वजह से नवीन उर्फ काला पेगा में जबरदस्त गुस्सा था। इसी रंजिश के चलते नवीन उर्फ काला पेगा ने जेल में जाकर गुरमंत्र उर्फ चीमा व तरसेम उर्फ काकू से मुलाकात की थी। यहां काला पेगा ने बताया कि जलंधर ने गवाही से बैठने और प्लाट में हिस्सा देने से भी मना कर दिया है। यह सुनने के बाद गुरमंत्र उर्फ चीमा व तरसेम उर्फ काकू ने जलंधर का काम समाप्त करने को कहा। इसके बाद काला पेगा ने जलंधर को मारने की प्लान बनाया। नवीन उर्फ काला पेगा ने ही काकू उर्फ तरसेम को अक्षर वासी मथाना से मिलने के लिए कहा था,क्योंकि अक्षर की भी जलंधर के साथ काफी समय से अनबन चल रही थी।
एक आरोपी का है कुरुक्षेत्र सेक्टर-17 में होटल
अक्षय उर्फ अक्षर का पार्टनरशिप में कुरुक्षेत्र के सेक्टर-17 में सेवन सीजर नाम से होटल है। काला पेगा ने बताया कि उनकी अक्षय उर्फ अक्षर के साथ अच्छी जानकारी हो गई थी। नवीन को एक दिन बताया कि मूल रूप से अमीन रोड कुरुक्षेत्र वासी गुरमीत सिंह काफी समय जर्मनी में रह रहा है। इस एनआरआई की पत्नी के साथ जलंधर के साथ गलत संबंध है और उसका घर पर आना जाना है। इसी के साथ यह भी बताया गया कि गुरमीत इस बात से काफी नाराज है। गुरमीत सामने ना आकर पैसे देकर हत्या कराना चाहता है।
व्हाट्सएप के माध्यम से जर्मनी में एनआरआई से की बात
नवीन ने व्हाट्सएप के माध्यम से जर्मनी में गुरमीत से की थी। इस बातचीत में जंलधर की हत्या करने के लिए 10 लाख रुपये की सुपारी तय की गई। गुरमीत ने कहा कि काम होने के बाद पैसे अक्षर के खाते में डलवा दिये जाएंगे। उसके बाद नवीन ने अक्षर को जलंधर की रैकी करने के लिए कहा था। हालांकि अक्षर ने यह कहकर इनकार कर दिया कि अगर वो रैकी करेगा तो उसकी पहचान हो जाएगी। इसलिए रैकी के लिए लवप्रीत उर्फ लवली वासी खेड़ी ब्राह्मणान चुना गया । उसके बाद नवीन, जसविंद्र सिंह उर्फ काला, अक्षर व उसका दोस्त विकास उर्फ वीका जांबा और सीला वासी मथाना, विनीत उर्फ काला जाट, लवप्रीत उर्फ लवली सैनी ने मिलकर जलंधर को मारने की योजना बनाई। इसी के साथ इनकी योजना यह भी ती कि हत्या के बाद जो 10 लाख रुपये एनआरआई से मिलेंगे, वो बराबर बांट लिये जाएंगे।
...और हत्या करने के बाद हरिद्वार चला गया
जसविंद्र उर्फ काला ने नवीन उर्फ काला पेगा की मुलाकात संजू पंडित से कराई थी। नवीन के भतीजे जस्सी उर्फ जसमेर सिंह वासी पापडा को सारी बातें बताईं। चार जुलाई 2017 को लवप्रीत ने फोन पर बताया कि जलंधर सर्किट हाउस के सामने सुविधा प्रापर्टी एडवाइजर की दुकान पर बैठा है। यह सूचना मिलते ही नवीन, संजू पंडित, भतीजा जसु वैगनआर कार में उक्त दुकान पर आए और यहां कुर्सी पर बैठकर फोन पर बात कर रहे जलंधर पर सीधे फायर कर उसे मौत के घाट उतार दिया। हत्यारोपियों ने बताया कि दुकान के बाहर कार स्टार्ट खड़ी थी। वारदात को अंजाम देकर वे पानीपत पहुंचकर संजू व जस्सू को उतार कर हरिद्वार पहुंच गए।
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कुरुक्षेत्र। सुरेंद्र उर्फ जलंधर की हत्या जींद के पेगा गैंग के गुर्गे ने की थी। इस हत्या प्रकरण में 12 लोग शामिल बताए जा रहे हैं। इनमें से पांच को पुलिस ने गिरफ्तार कर दो दिन के रिमांड पर लिया है।
गौरतलब है कि सुरेंद्र उर्फ जलंधर की हत्या चार जुलाई 2017 को कुरुक्षेत्र के सर्किट हाउस के सामने स्थित प्रॉपर्टी एडवाइजर की दुकान पांच गोलियां दाग कर की गई थीं। सोमवार को सिटी थाना के प्रभारी संदीप कुमार ने पत्रकारवार्ता में उपरोक्त हत्या प्रकरण में गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों के नामों का खुलासा करने के साथ बताया कि सुरेंद्र उर्फ जलंधर पर केयू थाना, सिटी थाना और सदर थाना में विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत कई मामले दर्ज थे। उन्होंने इस हत्या प्रकरण में एक विवादित भूमि को लेकर टकराव, एक विवाद में गवाही से पीछे हटने के लिए बनाया जा रहा दबाव के अलावा तीसरा मामला एक एनआरआई की पत्नी से चल रहे जलंधर के प्रेम प्रसंग को भी जिम्मेदार बताया है।
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पुलिस निरीक्षक संदीप कुमार, उप निरीक्षक महेश कुमार, सहायक उप निरीक्षक हाकम सिंह, उप निरीक्षक धर्मपाल, सिपाही संजीव कुमार, सिपाही सुनील कुमार, निरीक्षक अपराध शाखा-1 अमन कुमार अपनी टीम के साथ और अपराध शाखा-2 दीपेंद्र कुमार अपनी टीम के साथ गांव खेड़ी ब्राह्मणान कुरुक्षेत्र मे रेड की थी।
जर,जोरू और जमीन जुड़ा है जलंधर हत्या प्रकरण
कुरुक्षेत्र। सुरेंद्र उर्फ जलंधर हत्या प्रकरण जर, जोरू और जमीन तीनों से जुड़ा है। इस हत्या प्रकरण में एक सिविल इंजीनियर, एक एनआरआई और कुरुक्षेत्र की प्राइम लोकेशन सेक्टर-17 इलाके में चलाए जा रहे एक होटल के संचालक का नाम भी शामिल है।
पुलिस ने खुलासा किया है कि सुरेंद्र उर्फ जलंधर का एक एनआरआई की पत्नी से संबंध थे। इसकी वजह से उसके पति ने जलंधर की हत्या के लिए 10 लाख रुपये की सुपारी जर्मनी से तय कर दी थी। पिछले कुछ वर्षों में कब्जे छुड़वाने और कब्जे दिलाने के धंधे में सक्रियता की वजह से जहां जलंधर का नाम भूमाफिया के रूप में उभर रहा था, वहीं शहर के दर्राखेड़ा का भूमि विवाद उसकी जीवन रेखा को छोटी कर देगा, ये शायद उसने भी सोचा नहीं होगा।
बता दें कि हत्या प्रकरण का मुख्य सूत्रधार नवीन उर्फ काला पेगा भी एक समय में जलंधर के नेटवर्क में रहा है, लेकिन 21 अप्रैल 2017 को थानेसर शहर में जिस बेशकीमती जमीन के टुकड़े को लेकर विवाद था, उसमें एक धड़े में जहां काला पेगा कब्जा दिलाने की भूमिका निभा रहा था, वहीं दूसरे धड़े में जलंधर शामिल था। यही तारीख ने इन दोनों के बीच नई दुश्मनी की इबारत रख गई और इसका अंत 4 जुलाई 2017 को कुरुक्षेत्र के वीआईपी जोन में जलंधर की ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर हत्या से हुआ।
इस हत्या प्रकरण में गिरफ्तार पांच युवकों में से दो 12वीं पास हैं, एक अंडर ग्रेजुएट हैं, जबकि अक्षर ने करनाल जिला के इंजीनियरिंग संस्थान से 2015 में सिविल इंजीयरिंग की थी। दुर्भाग्यपूर्ण ये भी है कि उक्त हत्या प्रकरण में शामिल एक आरोपी के पिता देश में चलाए रहे एक बड़े अभियान के सम्मानित सक्रिय पदाधिकारी हैं।
ऐसे बना गुरमंत्र और काला पेगा का संबंध
नवीन उर्फ काला पेगा ने पुलिस को बताया है कि गुरमंत्र सिंह उर्फ गगन उर्फ चीमा का पिहोवा में कोठी को लेकर झगड़ा था। इस कोठी का कब्जा दिलवानेे के लिए गुरमंत्र की उसकी मदद की थी और इसके बाद नवीन और गुरमंत्र उर्फ चीम की दोस्ती हो गई थी। गुरमंत्र उर्फ चीमा के खिलाफ 307 आईपीसी का एक मामला थाना पिहोवा थाना में दर्ज है। पुलिस ने इस मामले में गुरमंत्र को गिरफ्तार कर लिया था और गुरमंत्र के माध्यम से नवीन की दोस्ती काकू उर्फ तरसेम पुत्र मोहन लाल वासी धुराला के साथ हो गई थी। काकू उर्फ तरसेम के खिलाफ 307 आईपीसी का एक मामला दर्ज है। इसमें काकू उर्फ तरसेम गिरफ्तार कर लिया था। वहीं जलंधर के खिलाफ भी कई थानों में आईपीसी की धारा 307 के तहत मामले दर्ज हैं।
पहले काला पेगा को आधा प्लाट देने पर बनी थी बात
गुरमंत्र उर्फ चीमा व काकू से नवीन कुमार जेल में मिलने जाता था। चीमा और काकू ने बताया कि उन्होंने जलंधर को गवाही से बैठाने के लिए नवीन उर्फ काला पेगा से बात की थी। इस दौरान काला पेगा ने चीमा और काकू को आश्वस्त कर दिया था कि उसकी जलंधर के साथ अच्छी दोस्ती हो गई थी। विनित उर्फ काला के दोस्त ओम प्रकाश का दर्राखेडा में एक प्लाट पर झगड़ा था जो नवीन की उस प्लाट को लेकर बातचीत हो गई थी। इसमें जलंधर ने कहा कि प्लाट की आधा हिस्सा दे दूंगा और बाद में कहने लगा कि आप इस प्लाट पर कब्जा कर लो और मुझे मेरा हिस्सा दे देना। जो नवीन व जसविंद्र काला, विनीत कुमार ने मिलकर प्लाट पर दीवार बना दी। इसके बाद जब एक पंचायत बुलाई गई और उस पंचायत में हमें भी बुलाया गया और प्लाट पर कब्जा लेने की नीयत से जलंधर ने गोलियां चलाई।
विवादित प्लाट में हिस्सा देने से जलंधर ने किया था इनकार
दर्राखेड़ा में हुई घटना के बाद नवीन उर्फ काला पेगा और जलंधर में रंजिश शुरू हो गई थी। इस वजह से नवीन उर्फ काला पेगा में जबरदस्त गुस्सा था। इसी रंजिश के चलते नवीन उर्फ काला पेगा ने जेल में जाकर गुरमंत्र उर्फ चीमा व तरसेम उर्फ काकू से मुलाकात की थी। यहां काला पेगा ने बताया कि जलंधर ने गवाही से बैठने और प्लाट में हिस्सा देने से भी मना कर दिया है। यह सुनने के बाद गुरमंत्र उर्फ चीमा व तरसेम उर्फ काकू ने जलंधर का काम समाप्त करने को कहा। इसके बाद काला पेगा ने जलंधर को मारने की प्लान बनाया। नवीन उर्फ काला पेगा ने ही काकू उर्फ तरसेम को अक्षर वासी मथाना से मिलने के लिए कहा था,क्योंकि अक्षर की भी जलंधर के साथ काफी समय से अनबन चल रही थी।
एक आरोपी का है कुरुक्षेत्र सेक्टर-17 में होटल
अक्षय उर्फ अक्षर का पार्टनरशिप में कुरुक्षेत्र के सेक्टर-17 में सेवन सीजर नाम से होटल है। काला पेगा ने बताया कि उनकी अक्षय उर्फ अक्षर के साथ अच्छी जानकारी हो गई थी। नवीन को एक दिन बताया कि मूल रूप से अमीन रोड कुरुक्षेत्र वासी गुरमीत सिंह काफी समय जर्मनी में रह रहा है। इस एनआरआई की पत्नी के साथ जलंधर के साथ गलत संबंध है और उसका घर पर आना जाना है। इसी के साथ यह भी बताया गया कि गुरमीत इस बात से काफी नाराज है। गुरमीत सामने ना आकर पैसे देकर हत्या कराना चाहता है।
व्हाट्सएप के माध्यम से जर्मनी में एनआरआई से की बात
नवीन ने व्हाट्सएप के माध्यम से जर्मनी में गुरमीत से की थी। इस बातचीत में जंलधर की हत्या करने के लिए 10 लाख रुपये की सुपारी तय की गई। गुरमीत ने कहा कि काम होने के बाद पैसे अक्षर के खाते में डलवा दिये जाएंगे। उसके बाद नवीन ने अक्षर को जलंधर की रैकी करने के लिए कहा था। हालांकि अक्षर ने यह कहकर इनकार कर दिया कि अगर वो रैकी करेगा तो उसकी पहचान हो जाएगी। इसलिए रैकी के लिए लवप्रीत उर्फ लवली वासी खेड़ी ब्राह्मणान चुना गया । उसके बाद नवीन, जसविंद्र सिंह उर्फ काला, अक्षर व उसका दोस्त विकास उर्फ वीका जांबा और सीला वासी मथाना, विनीत उर्फ काला जाट, लवप्रीत उर्फ लवली सैनी ने मिलकर जलंधर को मारने की योजना बनाई। इसी के साथ इनकी योजना यह भी ती कि हत्या के बाद जो 10 लाख रुपये एनआरआई से मिलेंगे, वो बराबर बांट लिये जाएंगे।
...और हत्या करने के बाद हरिद्वार चला गया
जसविंद्र उर्फ काला ने नवीन उर्फ काला पेगा की मुलाकात संजू पंडित से कराई थी। नवीन के भतीजे जस्सी उर्फ जसमेर सिंह वासी पापडा को सारी बातें बताईं। चार जुलाई 2017 को लवप्रीत ने फोन पर बताया कि जलंधर सर्किट हाउस के सामने सुविधा प्रापर्टी एडवाइजर की दुकान पर बैठा है। यह सूचना मिलते ही नवीन, संजू पंडित, भतीजा जसु वैगनआर कार में उक्त दुकान पर आए और यहां कुर्सी पर बैठकर फोन पर बात कर रहे जलंधर पर सीधे फायर कर उसे मौत के घाट उतार दिया। हत्यारोपियों ने बताया कि दुकान के बाहर कार स्टार्ट खड़ी थी। वारदात को अंजाम देकर वे पानीपत पहुंचकर संजू व जस्सू को उतार कर हरिद्वार पहुंच गए।