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बड़ी तादाद में खरींडवा पहुंचा मुस्लिम समुदाय, गांव पहुंचने के दो घंटे बाद दफन किया शव
Updated Wed, 18 Apr 2018 12:00 AM IST
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खरींडवा खूनी संघर्ष में तीन गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद। पांच कनाल 7 मरले भूमि को लेकर हुए खूनी संग्राम के बाद गांव खरींडवा में अभी भी एक समुदाय में दहशत का माहौल है। मामले के बाद गांव में पुलिस को तैनात कर दिया गया है। एक समुदाय के व्यक्ति की मौत और बड़ी संख्या में घायल हुए लोगों के कारण इस कॉलोनी में सन्नाटा पसरा है। घटना में मारे गए मंगतद्दीन का शव मंगलवार दोपहर के समय गांव पहुंचा। बाद में शव को दफना दिया गया। इस दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार तरुण सहोता और डीएसपी व अन्य थाना प्रभारी मौजूद रहे। शव पहुंचने से पहले समुदाय के लोग रोष के साथ कब्रिस्तान में ही एकत्रित हुए और सड़क जाम करने को तैयार हो गए, लेकिन कुछ लोगों के समझाने पर मान गए। उक्त समुदाय के लोग इस बात को रोष में थे कि एलएनजेपी में भर्ती उनके घायलों का उपचार ठीक से नहीं हो रहा है, लेकिन अस्पताल से भी सही इलाज का आश्वासन दिलाया गया। हादसे के बादा से बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं। घटना के बाद से दूसरे गुट के लोग गायब बताए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक अभिषेक गर्ग ने बताया कि बिजेंद्र सिंह, रणधीर सिंह निवासी खरींडवा और गुरप्रीत सिंह निवासी खरौडी थाना सदर अंबारा को गिरफ्तार कर लिया गया है।
बाक्स
यह था घटनाक्रम
शाहाबाद के गांव खरींडवा में काफी समय से चल रहे जमीन विवाद को लेकर सोमवार को दो समुदायों में खूनी संघर्ष हुआ था। जमकर पथराव और फायर भी किए गए, जिसमें एक व्यक्ति मौत हो गई थी। 20 लोग से अधिक घायल हो गए थे। गंभीर रूप से घायल एक समुदाय के 5 लोगों को चंडीगढ़ पीजीआई-12 और गोली लगने से घायल हुए 6 लोगों को एलएनजेपी कुरुक्षेत्र भेजा गया था। वहीं दूसरे पक्ष के लोग भी घायल हुए हैं।
बाक्स
यह है मामला
गांव में 5 कनाल 7 मरले विवादित जमीन है, जिस पर दो समुदाय के लोग अपना-अपना कब्जा बता रहे हैं। वहीं यह मामला न्यायालय में विचाराधीन भी है। एक समुदाय का कहना है कि यह भूमि कब्रिस्तान में आती है तो दूसरे पक्ष के जसमेर सिंह के मुताबिक कई वर्षों से इस जमीन पर उनका कब्जा है। इसी मामले को लेकर पुलिस ने 7 जनवरी को जसमेर सिंह की शिकायत पर कार्रवाई की थी। उस समय पुलिस ने गांव खरींडवा की महिला सरपंच द्वारा कुछ अज्ञात लोगों के साथ मिलकर कब्जा करने, गेहूं की फसल को नष्ट करने और अवैध निर्माण करने के मामले में महिला सरपंच सहित 29 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस को दी शिकायत में जसमेर सिंह ने कहा था कि गांव में 5 कनाल 7 मरले उनकी जमीन है और वे इस पर कई वर्षों से काबिज हैं। इस जमीन का मामला न्यायालय में विचाराधीन है, जहां से सिविल कोर्ट एवं सेशन कोर्ट से वह जीत चुके हैं। अब इस केस की अपील हाईकोर्ट में की गई है। शिकायत में कहा गया कि गांव की सरपंच ने कुछ लोगों के साथ मिलकर निशानदेही के लिए कानूनगो को निवेदन किया, जिस पर शिकायतकर्ता ने अधिकारी को सारे फैसलों के कागज दिखा दिए और कहा कि यह केस उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। शिकायत में कहा गया कि अज्ञात कारणों से कानूनगो नेे कोर्ट की अवमानना करते हुए इस जमीन की निशानदेही कर दी। अब कुछ असामाजिक तत्वों ने असलहे, तलवारों तथा डंडों को इस जमीन पर नाजायज निर्माण शुरू कर दिया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर कुछ लोगों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया था।
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अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद। पांच कनाल 7 मरले भूमि को लेकर हुए खूनी संग्राम के बाद गांव खरींडवा में अभी भी एक समुदाय में दहशत का माहौल है। मामले के बाद गांव में पुलिस को तैनात कर दिया गया है। एक समुदाय के व्यक्ति की मौत और बड़ी संख्या में घायल हुए लोगों के कारण इस कॉलोनी में सन्नाटा पसरा है। घटना में मारे गए मंगतद्दीन का शव मंगलवार दोपहर के समय गांव पहुंचा। बाद में शव को दफना दिया गया। इस दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार तरुण सहोता और डीएसपी व अन्य थाना प्रभारी मौजूद रहे। शव पहुंचने से पहले समुदाय के लोग रोष के साथ कब्रिस्तान में ही एकत्रित हुए और सड़क जाम करने को तैयार हो गए, लेकिन कुछ लोगों के समझाने पर मान गए। उक्त समुदाय के लोग इस बात को रोष में थे कि एलएनजेपी में भर्ती उनके घायलों का उपचार ठीक से नहीं हो रहा है, लेकिन अस्पताल से भी सही इलाज का आश्वासन दिलाया गया। हादसे के बादा से बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं। घटना के बाद से दूसरे गुट के लोग गायब बताए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक अभिषेक गर्ग ने बताया कि बिजेंद्र सिंह, रणधीर सिंह निवासी खरींडवा और गुरप्रीत सिंह निवासी खरौडी थाना सदर अंबारा को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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यह था घटनाक्रम
शाहाबाद के गांव खरींडवा में काफी समय से चल रहे जमीन विवाद को लेकर सोमवार को दो समुदायों में खूनी संघर्ष हुआ था। जमकर पथराव और फायर भी किए गए, जिसमें एक व्यक्ति मौत हो गई थी। 20 लोग से अधिक घायल हो गए थे। गंभीर रूप से घायल एक समुदाय के 5 लोगों को चंडीगढ़ पीजीआई-12 और गोली लगने से घायल हुए 6 लोगों को एलएनजेपी कुरुक्षेत्र भेजा गया था। वहीं दूसरे पक्ष के लोग भी घायल हुए हैं।
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यह है मामला
गांव में 5 कनाल 7 मरले विवादित जमीन है, जिस पर दो समुदाय के लोग अपना-अपना कब्जा बता रहे हैं। वहीं यह मामला न्यायालय में विचाराधीन भी है। एक समुदाय का कहना है कि यह भूमि कब्रिस्तान में आती है तो दूसरे पक्ष के जसमेर सिंह के मुताबिक कई वर्षों से इस जमीन पर उनका कब्जा है। इसी मामले को लेकर पुलिस ने 7 जनवरी को जसमेर सिंह की शिकायत पर कार्रवाई की थी। उस समय पुलिस ने गांव खरींडवा की महिला सरपंच द्वारा कुछ अज्ञात लोगों के साथ मिलकर कब्जा करने, गेहूं की फसल को नष्ट करने और अवैध निर्माण करने के मामले में महिला सरपंच सहित 29 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस को दी शिकायत में जसमेर सिंह ने कहा था कि गांव में 5 कनाल 7 मरले उनकी जमीन है और वे इस पर कई वर्षों से काबिज हैं। इस जमीन का मामला न्यायालय में विचाराधीन है, जहां से सिविल कोर्ट एवं सेशन कोर्ट से वह जीत चुके हैं। अब इस केस की अपील हाईकोर्ट में की गई है। शिकायत में कहा गया कि गांव की सरपंच ने कुछ लोगों के साथ मिलकर निशानदेही के लिए कानूनगो को निवेदन किया, जिस पर शिकायतकर्ता ने अधिकारी को सारे फैसलों के कागज दिखा दिए और कहा कि यह केस उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। शिकायत में कहा गया कि अज्ञात कारणों से कानूनगो नेे कोर्ट की अवमानना करते हुए इस जमीन की निशानदेही कर दी। अब कुछ असामाजिक तत्वों ने असलहे, तलवारों तथा डंडों को इस जमीन पर नाजायज निर्माण शुरू कर दिया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर कुछ लोगों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया था।
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