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पंचकूला-साहा नेशनल हाइवे पर अपहृत विक्रम अपहरणकर्ताओं के चंगुल से हुआ फरार
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लाडवा । पंचकूला-साहा नेशनल हाईवे पर राजपुरा गांव के पास स्थित नौगजा पीर बाबा की दरगाह से शुक्रवार को बदमाशों द्वारा फिरौती के लिए अपहृत युवक विक्रम बदमाशों के चंगुल से निकल भागने में सफल हो गया। इस बात की पुष्टि युवक के दादा हरदयाल सिंह ने की है। विक्रम उपमंडल के गांव बरोट का निवासी है और प्रापर्टी डीलर है। उन्होंने बताया कि शनिवार दोपहर को उनको सूचना मिली की उनके पोता अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूटकर भाग गया है । युवक के दादा हरदयाल सिंह का कहना है कि बदमाशों से छूटकर विक्रम ने अपने चाचा से संपर्क किया जिस पर उसका चाचा रामकरण विक्रम द्वारा बताई जगह पर पंहुचा और उसे अंबाला पुलिस के पास लेकर गया। अधिक पूछने पर हरदयाल सिंह ने बस इतना कहा कि मामले की सही जानकारी तो पुलिस या विक्रम ही दे पाएंगे, लेकिन उनको तो यही सूचना मिली थी।
उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि उनका पोता बच गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने भी उसे बचाने में भी पूरा जोर लगा रखा था। समाचार लिखे जाने तक वह घर तो वापस नहीं आया था, लेकिन उसके दादा के अनुसार वह अपहरणकर्ताओं के चंगुल से बच निकला है और पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि विक्रम के पिता और बडे़ भाई का देहांत हो चुका है और वह अपनी मां के साथ उनके पास रहकर खेती व प्रोपर्टी डीलिंग करता है।
जमीन बेचकर 10 लाख देने किए स्वीकार, लेकिन आरोपी मांगते रहे एक करोड़
घटना की जानकारी देते हुए बुजुर्ग हरदयाल सिंह ने बताया कि शुक्रवार को उसके पोते विक्रम के पास किसी का फोन आया था। फोन आने के बाद विक्रम उनको यह कहकर गया था कि वह नौगजा पीर दरगाह पर मत्था टेकने जा रहा है और वह अपने साथ गांव के ही संदीप पुत्र बालकिशन के साथ अपनी कार में सवार होकर गया था। रात करीब दो बजे विक्रम का उनके चाचा रामकरण के पास फोन आया की उसका अपहरण कर लिया गया है और अपहरणकर्ता एक करोड़ रुपये की फिरौती मांग रहे हैं। हरदयाल ने बताया कि उन्होंने अपहरणकर्ताओं को जमीन बेचकर 10 लाख रुपये देने की बात कही, लेकिन वह एक करोड़ रुपये की मांग करते रहे। उन्होंने बताया कि अपहरणकर्ताओं विक्रम के मोबाइल से ही फोन करवाकर फिरौती की मांग कर रहे थे।
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अपहरणकर्ताओं ने फिरौती की रकम एक बैग में डालकर अंबाला के पास ही किसी पुलिया के पास रखकर जाने व पुलिस को सूचना न देने के लिए भी चेताया था। उन्होंने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने उसके पोते से कई बार फोन करवाया था और हर बार अलग जगह पैसे रखने की बात कही थी। इस मामले की सूचना उसके दोस्त मान सिंह ने शहजादपुर पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अपहरणकर्ताओं की तलाश में जुट गई और विक्रम के मोबाइल लोकेशन सर्विलांस पर लेकर क्षेत्र की नाका बंदी कर दी। उन्होंने बताया कि मोबाइल की लोकेशन शाहाबाद के आसपास बताई जा रही थी।
अंबाला पुलिस कर रही मामले की जांच : थाना प्रभारी
लाडवा थाना प्रभारी ओमप्रकाश का कहना है कि मामले को अंबाला पुलिस देख रही है और उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है।
बता दें कि गत शुक्रवार को पंचकूला-साहा नेशनल हाईवे पर राजपुरा गांव के पास स्थित नौगजा पीर बाबा की दरगाह पर गाड़ियों में सवार करीब एक दर्जन बदमाशों ने विक्रम का अपहरण कर लिया था। विक्रम शहजादपुर स्थित अपने दोस्त के ईंट-भट्ठा पर आया था और वहां से साहा जाते समय यह घटना हुई। उसके दोस्त मान सिंह ने बताया था कि वह विक्रम व संदीप के साथ बैंक के काम के कारण अपनी-अपनी गाड़ियों में साहा के लिए चल दिए थे। रास्ते में धमौली गांव के पास पेट्रोल पंप पर उसने अपनी कार खड़ी कर दी और तीनों एक ही कार में सवार हो गए और गांव राजपुरा के पास नौगजा पीर की दरगाह पर मत्था टेकने के लिए रुके। इसी दौरान दो गाड़ियों में करीब एक दर्जन नकाबपोश युवक हाथों में डंडे ओर रॉड लेकर उतरे। उतरते ही उन्होंने विक्रम के बारे में पूछा और बताने पर विक्रम को पकड़कर मारपीट शुरू कर दी। विक्रम ने उनसे बचकर भागने का प्रयास भी किया, लेकिन बदमाश उसे जबरन अपनी गाड़ी में डालकर मौके से फरार हो गए थे।
उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि उनका पोता बच गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने भी उसे बचाने में भी पूरा जोर लगा रखा था। समाचार लिखे जाने तक वह घर तो वापस नहीं आया था, लेकिन उसके दादा के अनुसार वह अपहरणकर्ताओं के चंगुल से बच निकला है और पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि विक्रम के पिता और बडे़ भाई का देहांत हो चुका है और वह अपनी मां के साथ उनके पास रहकर खेती व प्रोपर्टी डीलिंग करता है।
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जमीन बेचकर 10 लाख देने किए स्वीकार, लेकिन आरोपी मांगते रहे एक करोड़
घटना की जानकारी देते हुए बुजुर्ग हरदयाल सिंह ने बताया कि शुक्रवार को उसके पोते विक्रम के पास किसी का फोन आया था। फोन आने के बाद विक्रम उनको यह कहकर गया था कि वह नौगजा पीर दरगाह पर मत्था टेकने जा रहा है और वह अपने साथ गांव के ही संदीप पुत्र बालकिशन के साथ अपनी कार में सवार होकर गया था। रात करीब दो बजे विक्रम का उनके चाचा रामकरण के पास फोन आया की उसका अपहरण कर लिया गया है और अपहरणकर्ता एक करोड़ रुपये की फिरौती मांग रहे हैं। हरदयाल ने बताया कि उन्होंने अपहरणकर्ताओं को जमीन बेचकर 10 लाख रुपये देने की बात कही, लेकिन वह एक करोड़ रुपये की मांग करते रहे। उन्होंने बताया कि अपहरणकर्ताओं विक्रम के मोबाइल से ही फोन करवाकर फिरौती की मांग कर रहे थे।
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अपहरणकर्ताओं ने फिरौती की रकम एक बैग में डालकर अंबाला के पास ही किसी पुलिया के पास रखकर जाने व पुलिस को सूचना न देने के लिए भी चेताया था। उन्होंने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने उसके पोते से कई बार फोन करवाया था और हर बार अलग जगह पैसे रखने की बात कही थी। इस मामले की सूचना उसके दोस्त मान सिंह ने शहजादपुर पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अपहरणकर्ताओं की तलाश में जुट गई और विक्रम के मोबाइल लोकेशन सर्विलांस पर लेकर क्षेत्र की नाका बंदी कर दी। उन्होंने बताया कि मोबाइल की लोकेशन शाहाबाद के आसपास बताई जा रही थी।
अंबाला पुलिस कर रही मामले की जांच : थाना प्रभारी
लाडवा थाना प्रभारी ओमप्रकाश का कहना है कि मामले को अंबाला पुलिस देख रही है और उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है।
बता दें कि गत शुक्रवार को पंचकूला-साहा नेशनल हाईवे पर राजपुरा गांव के पास स्थित नौगजा पीर बाबा की दरगाह पर गाड़ियों में सवार करीब एक दर्जन बदमाशों ने विक्रम का अपहरण कर लिया था। विक्रम शहजादपुर स्थित अपने दोस्त के ईंट-भट्ठा पर आया था और वहां से साहा जाते समय यह घटना हुई। उसके दोस्त मान सिंह ने बताया था कि वह विक्रम व संदीप के साथ बैंक के काम के कारण अपनी-अपनी गाड़ियों में साहा के लिए चल दिए थे। रास्ते में धमौली गांव के पास पेट्रोल पंप पर उसने अपनी कार खड़ी कर दी और तीनों एक ही कार में सवार हो गए और गांव राजपुरा के पास नौगजा पीर की दरगाह पर मत्था टेकने के लिए रुके। इसी दौरान दो गाड़ियों में करीब एक दर्जन नकाबपोश युवक हाथों में डंडे ओर रॉड लेकर उतरे। उतरते ही उन्होंने विक्रम के बारे में पूछा और बताने पर विक्रम को पकड़कर मारपीट शुरू कर दी। विक्रम ने उनसे बचकर भागने का प्रयास भी किया, लेकिन बदमाश उसे जबरन अपनी गाड़ी में डालकर मौके से फरार हो गए थे।