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मंदिर में मासूम से छेड़छाड़ के दोषी को पांच साल की जेल
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जिला के अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने पॉक्सो एक्ट के तहत एक आरोपी को दोषी ठहराते हुए पांच साल की कैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
उपजिला न्यायवादीगोपाल कुमार ने बताया कि नैसी वासी एक महिला ने 20 मई 2018को महिला थाने में शिकायत दी थी। इसमें बताया गया कि उसका पति मजदूरी करने बाहर गया हुआ था। वह अपनी दवाई लेने चली गई। उसकी 9 साल की लड़की शिव मंदिर में दूसरे बच्चों के साथ खेल रही थी। इसी दौरान वहां उसके गांव का एक लड़का प्रदीप मंदिर में आया और उसकी लड़की के साथअशलील हरकते करने लगा। लड़की रोने लगी तो बच्ची को धमकाने लगा कि ये बात किसी को बताई तो जानसे मार देगा। इसके बाद लौटने पर बच्ची ने सारी बात अपनी मां को बताई। महिला जब बच्ची के संबंध में शिकायत लेकर आरोपी के घर गई तो वह झगड़ने लगा।
शिकायत पर महिला थाने में पोस्को एक्ट तथा जान से मारने की धमकी के तहत दी गई और मामला दर्ज हुआ। जांच उपनिरीक्षक कमलेश ने शुरू की। इसी के तहत 3 जुलाई 2018 को जांच पूरी करकेचालान न्यायालय में दिया, जिसकी नियमित सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों की जिरहके बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश लाल चंद ने तथ्यों के आधार पर प्रदीप को दोषी करार देते हुए पांच साल की कैद की सजा सुना दी। इसके अलावा दोषी पर 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया, जिसे न देने की सूरत में छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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उपजिला न्यायवादीगोपाल कुमार ने बताया कि नैसी वासी एक महिला ने 20 मई 2018को महिला थाने में शिकायत दी थी। इसमें बताया गया कि उसका पति मजदूरी करने बाहर गया हुआ था। वह अपनी दवाई लेने चली गई। उसकी 9 साल की लड़की शिव मंदिर में दूसरे बच्चों के साथ खेल रही थी। इसी दौरान वहां उसके गांव का एक लड़का प्रदीप मंदिर में आया और उसकी लड़की के साथअशलील हरकते करने लगा। लड़की रोने लगी तो बच्ची को धमकाने लगा कि ये बात किसी को बताई तो जानसे मार देगा। इसके बाद लौटने पर बच्ची ने सारी बात अपनी मां को बताई। महिला जब बच्ची के संबंध में शिकायत लेकर आरोपी के घर गई तो वह झगड़ने लगा।
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शिकायत पर महिला थाने में पोस्को एक्ट तथा जान से मारने की धमकी के तहत दी गई और मामला दर्ज हुआ। जांच उपनिरीक्षक कमलेश ने शुरू की। इसी के तहत 3 जुलाई 2018 को जांच पूरी करकेचालान न्यायालय में दिया, जिसकी नियमित सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों की जिरहके बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश लाल चंद ने तथ्यों के आधार पर प्रदीप को दोषी करार देते हुए पांच साल की कैद की सजा सुना दी। इसके अलावा दोषी पर 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया, जिसे न देने की सूरत में छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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