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सिविल अस्पताल की बदहाल अवस्था देख भड़के जिप चेयरमैन

Thu, 21 Jul 2016 12:51 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र Updated Thu, 21 Jul 2016 12:51 AM IST
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मरीजों की समस्या सुनते जिप चेयरमैन - फोटो : amar ujala
 यह सिर्फ कहने को जिले का सिविल अस्पताल है। मरीजों को आज भी यहां अनेकों सुविधाओं से महरुम होना पड़ रहा है। यहां पर मरीजों को मिल रही सुविधाएं बेहतर होनी चाहिए इसके लिए भरसक कदम उठाने की जरूरत है। अस्पताल में राज्य सरकार के नियमानुसार सुविधाएं मिलनी चाहिएं। इसके लिए अगर कोई शिकायत करता है तो उस पर तुरंत प्रभाव से कार्रवाई की जाएंगी। सरकार शौचालय निर्माण की बात कह रही है लेकिन सिविल अस्पताल के शौचालयों की स्थिति चिंताजनक है। सिविल अस्पताल की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम करना होगा। यह कहना था जिला परिषद के चेयरमैन गुरदयाल सुनहेड़ी का, जोकि सिविल अस्पताल के औचक निरीक्षण के समय अधिकारियों को चेता रहे थे। 
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इससे पहले जिप चेयरमैन ने दिव्यांगों के प्रमाण पत्र बनाने वाले कक्ष का निरीक्षण किया और यहां पर लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा बोर्ड के बारे में फीडबैक हासिल की। इसके पश्चात कमरा नंबर 9, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र कक्ष, अल्ट्रासांउड केंद्र, कक्ष नंबर 11, 19, एक्सरे रूम, आपातकालीन वार्ड, कक्ष नंबर 24, नमूना एकत्रित कक्ष नंबर 44 सहित अन्य कक्षों और शौचालयों तथा वार्डों का निरीक्षण किया। 
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जिप चेयरमैन ने सभी कक्षों में जाकर चिकित्सकों और मरीजों से बातचीत की और मरीजों से अस्पताल प्रशासन द्वारा दी जा रही सुविधाओं पर संज्ञान भी लिया। जिप चेयरमैन ने कहा कि कक्ष नंबर 9 निरीक्षण का मुख्य टारगेट था। हालांकि निरीक्षण के दौरान कुछ खामियां तो मिली हैं लेकिन जो शिकायत थी वह मौके पर नहीं मिल पाई।
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चेयरमैन के समक्ष मरीजों ने रखी समस्याएं
निरीक्षण के दौरान कुछ लोगों ने लगातार 5 दिन चिकित्सक कक्ष के बाहर चक्कर लगाने और चेकअप न करने, अल्ट्रासाउंड के लिए देरी से नंबर आना और चिकित्सकों द्वारा लगाए गए एसी से पैदा होने वाली गर्मी से बेहाल होने जैसी अनेक समस्याएं सामने रखी। इतना ही नहीं एक समाजसेवी जगपाल शर्मा ने चिकित्सकों के एसी उतरवाने की मांग ही कर डाली। इन कक्षों के बाहर खड़े दर्जनों मरीजों ने जिप चेयरमैन को स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करवाने की गुहार भी लगाई। 

शौचालय मुरम्मत कार्य तत्काल करवाया जाए
जिप चेयरमैन ने अस्पताल का निरीक्षण करने और लोगों से फीडबैक लेकर सीएमओ डॉ. एसके नैन के समक्ष फीडबैक और निरीक्षण रिपोर्ट को मौखिक रुप से रखा और कहा कि अस्पताल में सफाई और शौचालयों की मरम्मत का कार्य तुरंत करवाया जाए तथा मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चिकित्सकों के कमरे के बाहर लगे विंडो एसी को हटवाकर स्पलिट एसी लगवाए जाएं ताकि चिकित्सकों के साथ-साथ मरीजों को भी राहत मिल सके।

बाहुबलियों की फाइलों पर होती जल्द कार्रवाई
निरीक्षण उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए जिप चेयरमैन ने कहा कि कमरा नंबर-9 में काफी खामियां मिली हैं। वहां जनता की फाइलों को दबा लिया जाता है और बाहुबलियों की फाइलों पर जल्द कार्रवाई की जा रही हैं। अस्पताल की सफाई व्यवस्था का बुरा हाल हैं, टाइलें टूटी हुई हैं। इस अस्पताल के हालात जहां अच्छे होने चाहिएं वहीं निरीक्षण के दौरान हाल बेहाल मिले हैं।

चेयरमैन ने ली कर्मचारी की क्लास
जनता की शिकायत पर जब जिप चेयरमैन स्वयं सैंपल एकत्रित करने वाले कक्ष की खिड़की के बाहर खड़े होकर कर्मचारी से लोगों की समस्या बाबत पूछने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान कर्मचारी ने बिना कुछ देखे-समझे चेयरमैन को ही कहा की समय पूरा हो गया अब जाओ यहां से जैसे शब्द कहे। इसी बीच चेयरमैन ने कक्ष के अंदर जाकर कर्मचारी की क्लास ली और भविष्य में लोगों के साथ सभ्य तरीके से पेश आने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि दोबारा शिकायत मिली तो बचने का कोई खाना नहीं होगा।


चिकित्सकों और कर्मचारियों की कमी से आ रही परेशानियां : सीएमओ
सीएमओ डॉ. एसके नैन ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के एसएमओ को सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने और शौचालयों की मरम्मत करने के आदेश पहले से ही दिए हुए हैं। इस कार्य को वरियता के आधार पर किया जाएगा और चिकित्सकों के कमरे के बाहर लगे विंडो एसी को भी जल्द उतरवा लिया जाएगा। अस्पताल में राज्य सरकार की ओर से तमाम सुविधाओं और योजनाओं का फायदा मरीजों को दिया जा रहा हैं। रोजाना करीब 800 मरीजों का चेकअप किया जा रहा है। मरीजों की संख्या अधिक होने और चिकित्सकों और कर्मचारियों की कमी के चलते कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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