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Kurukshetra News: ऑस्ट्रेलिया की जगह मुंबई भेजकर ठगे 12.26 लाख रुपये
Wed, 30 Oct 2024 03:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Wed, 30 Oct 2024 03:13 AM IST
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कुरुक्षेत्र। ऑस्ट्रेलिया का फर्जी वीजा देकर 12 लाख साढ़े 26 हजार रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में पुलिस ने दंपति, उसके बेटे समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सारी रकम लेने के बाद आरोपियों ने शिकायतकर्ता को ऑस्ट्रेलिया की जगह मुंबई में बंधक बनाकर प्रताड़ित किया। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
केशव निवासी कुरुक्षेत्र ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि आरोपी युगांक और उसके माता-पिता उनकी दुकान से खरीदारी करने आते थे। इस दौरान आरोपी ने उसे 22 लाख रुपये में वर्क वीजा पर ऑस्ट्रेलिया भेजने की पेशकश की। विश्वास करके उसने पांच फरवरी को दो लाख रुपये आरोपी के बताए खाते में ट्रांसफर कर दिए। साथ ही अपने कागजात आरोपी को पकड़ा दिए। अगले सप्ताह 14 फरवरी को आरोपी ने मेडिकल, ट्रैवल इंश्योरेंस व एक सर्टिफिकेट के नाम पर 20 हजार रुपये ट्रांसफर कराए। तीसरे दिन साढ़े छह हजार रुपये मेडिकल कराने के नाम पर ऑनलाइन दिए थे।
अगले महीने 15 मार्च को आरोपी ने उसके व्हाट्सएप पर वीजा की कॉपी डालकर आठ लाख रुपये आगामी प्रक्रिया के लिए मांगे थे। वीजा देखकर उसने चार लाख रुपये तुरंत, तीन लाख रुपये का चेक और एक लाख रुपये पे-टीएम के जरिए ट्रांसफर कर दिए। अगले सप्ताह 22 मार्च को आरोपी ने मेडिकल व ट्रैवल इंश्योरेंस भेजकर छह लाख रुपये टिकट कराने के एवज में मांगे और 10 दिन में ऑस्ट्रेलिया भेजने का आश्वासन दिया। 27 मार्च को आरोपी ने उन पर छह लाख रुपये देने का दबाव डाला, जिस पर उसने कहीं से छह लाख रुपये का इंतजाम करके नकद आरोपी को दिए। 18 अप्रैल को आरोपी ने उसे टिकट भेज दी। दो दिन बाद आरोपी युगांक व अमनदीप ने उसे एयरपोर्ट छोड़ दिया और उसे होटल का पता व एजेंट का नंबर व्हाट्सएप पर भेज दिया।
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आरोपियों ने उसे ऑस्ट्रेलिया की जगह मुंबई पहुंचा दिया और बताया कि उसे मुंबई से मेलबर्न भेज देंगे। यहां आरोपियों का एक और साथी चंदन उसे अपने साथ ले गया। उसने आरोपी चंदन से टिकट और फ्लाइट बारे में पूछा तो आरोपी ने बंदूक निकालकर उसे चुपचाप लगने की धमकी दी। यहां आरोपी ने उसे काफी प्रताड़ित किया। एक मई को उसने अपनी टिकट का स्टेटस जांचा तो टिकट फर्जी थी। उसने और जांच की तो उसका वर्क वीजा, वर्क लेटर, इंश्योरेंस व मेडिकल फर्जी पाया गया। कुछ दिन बाद वह घर लौटा और आरोपियों से अपनी सारी रकम वापस मांगी। इस पर आरोपी उसे धमकी देने लगे। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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केशव निवासी कुरुक्षेत्र ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि आरोपी युगांक और उसके माता-पिता उनकी दुकान से खरीदारी करने आते थे। इस दौरान आरोपी ने उसे 22 लाख रुपये में वर्क वीजा पर ऑस्ट्रेलिया भेजने की पेशकश की। विश्वास करके उसने पांच फरवरी को दो लाख रुपये आरोपी के बताए खाते में ट्रांसफर कर दिए। साथ ही अपने कागजात आरोपी को पकड़ा दिए। अगले सप्ताह 14 फरवरी को आरोपी ने मेडिकल, ट्रैवल इंश्योरेंस व एक सर्टिफिकेट के नाम पर 20 हजार रुपये ट्रांसफर कराए। तीसरे दिन साढ़े छह हजार रुपये मेडिकल कराने के नाम पर ऑनलाइन दिए थे।
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अगले महीने 15 मार्च को आरोपी ने उसके व्हाट्सएप पर वीजा की कॉपी डालकर आठ लाख रुपये आगामी प्रक्रिया के लिए मांगे थे। वीजा देखकर उसने चार लाख रुपये तुरंत, तीन लाख रुपये का चेक और एक लाख रुपये पे-टीएम के जरिए ट्रांसफर कर दिए। अगले सप्ताह 22 मार्च को आरोपी ने मेडिकल व ट्रैवल इंश्योरेंस भेजकर छह लाख रुपये टिकट कराने के एवज में मांगे और 10 दिन में ऑस्ट्रेलिया भेजने का आश्वासन दिया। 27 मार्च को आरोपी ने उन पर छह लाख रुपये देने का दबाव डाला, जिस पर उसने कहीं से छह लाख रुपये का इंतजाम करके नकद आरोपी को दिए। 18 अप्रैल को आरोपी ने उसे टिकट भेज दी। दो दिन बाद आरोपी युगांक व अमनदीप ने उसे एयरपोर्ट छोड़ दिया और उसे होटल का पता व एजेंट का नंबर व्हाट्सएप पर भेज दिया।
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आरोपियों ने उसे ऑस्ट्रेलिया की जगह मुंबई पहुंचा दिया और बताया कि उसे मुंबई से मेलबर्न भेज देंगे। यहां आरोपियों का एक और साथी चंदन उसे अपने साथ ले गया। उसने आरोपी चंदन से टिकट और फ्लाइट बारे में पूछा तो आरोपी ने बंदूक निकालकर उसे चुपचाप लगने की धमकी दी। यहां आरोपी ने उसे काफी प्रताड़ित किया। एक मई को उसने अपनी टिकट का स्टेटस जांचा तो टिकट फर्जी थी। उसने और जांच की तो उसका वर्क वीजा, वर्क लेटर, इंश्योरेंस व मेडिकल फर्जी पाया गया। कुछ दिन बाद वह घर लौटा और आरोपियों से अपनी सारी रकम वापस मांगी। इस पर आरोपी उसे धमकी देने लगे। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।