{"_id":"573f5ec14f1c1bdb6aac744f","slug":"careleeness-of-ku-paper-repeat-in-mba","type":"story","status":"publish","title_hn":" एमबीए सेकेंड सेम का पेपर चौथे सेमेस्टर में किया रिपीट ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एमबीए सेकेंड सेम का पेपर चौथे सेमेस्टर में किया रिपीट
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
Updated Sat, 21 May 2016 12:30 AM IST
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पेपर रिपिट
- फोटो : amar ujala
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पेपर लीक का दंश झेल रहे केयू के परीक्षा विभाग की एक और भारी लापरवाही सामने आई है। शुक्रवार को हुए एमबीए के चौथे सेमेस्टर की परीक्षा में जो पेपर दिया गया वह दूसरे सेमेस्टर में पहले ही दिया जा चुका है। दिलचस्प बात यह है कि पेपर का नाम तो बदल दिया गया, लेकिन सारे सवाल सेमेस्टर दो के ही पूछ लिए गए। इसके विरोध में परीक्षार्थियों ने परीक्षा का बहिष्कार कर दिया।
केयू की नियमित विद्यार्थियों के परीक्षा के तहत शुक्रवार को एमबीए के चौथे सेमेस्टर का भी पेपर था। यह पेपर सुबह साढ़े 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक हुआ। लेकिन जैसे ही परीक्षार्थियों को पेपर मिला, उनके होश उड़ गए। क्योंकि जो पेपर उन्हें दिया गया था उसकी परीक्षा वे सेमेस्टर दो में एक दिन पहले ही दे चुके थे। दरअसल सेमेस्टर चार में जो सवाल पूछे गए थे वही सवाल गुरुवार को हुए सेमेस्टर दो के पेपर में पूछ लिए गए थे।
जमकर हुआ हंगामा, परीक्षा का बहिष्कार
एक जैसा पेपर देखकर विद्यार्थियों ने परीक्षा का बहिष्कार कर दिया। विद्यार्थियों ने यह पेपर देने से ही इनकार कर दिया और पेपर कैंसल करने की मांग की। विद्यार्थियों को काफी देर समाझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे नहीं माने। आखिर में उनसे लिखित में शिकायत लेकर परीक्षा नियंत्रक हुकम सिंह को भेजी गई। इसके बाद यह आश्वासन मिला कि इसकी जांच की जाएगी और यदि समान पेपर है तो इसे रद्द कर दिया जाएगा। इसके बाद विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। हालांकि सूत्रों का दावा है कि कुछ बच्चों ने पूर्ण बहिष्कार कर दिया और परीक्षा नहीं दी।
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आगे क्या होगा?
विद्यार्थियों की शिकायत को कंप्लेंट कमेटी में रखा जाएगा। यदि शिकायत सही पाई गई तो इस पेपर को रद्द कर दिया जाएगा और यूनिवर्सिटी को चौथे सेमेस्टर की दोबारा परीक्षा करानी होगी। इसके लिए नए सिरे से पेपर सेट कराना होगा। पेपर सेटिंग से लेकर प्रिंटिंग तक का खर्च, पहले से ही घाटे में चल रही यूनिवर्सिटी पर अतिरिक्त रूप से बढ़ेगा।
जिम्मेदार कौन, क्या हो सकती है कार्रवाई?
विशेषज्ञों के अनुसार यह गलती पेपर सेटर की रही होगी। क्योंकि कोर्स सेमेस्टर में डिवाइड है। किस सेमेस्टर में क्या कोर्स होगा इसकी जानकारी सभी संबंधित शिक्षकों और विद्यार्थियों को होती है। ऐसे में सेमेस्टर दो के सारे सवाल रिपीट होना बड़ी चूक है। ऐसे मामलों में यदि पेपर सेटर की गलती साबित होती है तो उसे डिबार तक किया जा सकता है।
वर्जन
विद्यार्थियों की शिकायत मिली है। इसे कंप्लेंट कमेटी में रख दिया जाएगा। किसी परीक्षार्थी ने परीक्षा नहीं दी इसकी जानकारी नहीं है। कमेटी में मामला सही पाए जाने पर दोबारा परीक्षा कराई जाएगी। कमेटी ही तय करेगी किसके खिलाफ क्या कार्रवाई की जानी चाहिए।
-हुकूम सिंह रंगा, परीक्षा नियंत्रक केयू।
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केयू की नियमित विद्यार्थियों के परीक्षा के तहत शुक्रवार को एमबीए के चौथे सेमेस्टर का भी पेपर था। यह पेपर सुबह साढ़े 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक हुआ। लेकिन जैसे ही परीक्षार्थियों को पेपर मिला, उनके होश उड़ गए। क्योंकि जो पेपर उन्हें दिया गया था उसकी परीक्षा वे सेमेस्टर दो में एक दिन पहले ही दे चुके थे। दरअसल सेमेस्टर चार में जो सवाल पूछे गए थे वही सवाल गुरुवार को हुए सेमेस्टर दो के पेपर में पूछ लिए गए थे।
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जमकर हुआ हंगामा, परीक्षा का बहिष्कार
एक जैसा पेपर देखकर विद्यार्थियों ने परीक्षा का बहिष्कार कर दिया। विद्यार्थियों ने यह पेपर देने से ही इनकार कर दिया और पेपर कैंसल करने की मांग की। विद्यार्थियों को काफी देर समाझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे नहीं माने। आखिर में उनसे लिखित में शिकायत लेकर परीक्षा नियंत्रक हुकम सिंह को भेजी गई। इसके बाद यह आश्वासन मिला कि इसकी जांच की जाएगी और यदि समान पेपर है तो इसे रद्द कर दिया जाएगा। इसके बाद विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। हालांकि सूत्रों का दावा है कि कुछ बच्चों ने पूर्ण बहिष्कार कर दिया और परीक्षा नहीं दी।
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आगे क्या होगा?
विद्यार्थियों की शिकायत को कंप्लेंट कमेटी में रखा जाएगा। यदि शिकायत सही पाई गई तो इस पेपर को रद्द कर दिया जाएगा और यूनिवर्सिटी को चौथे सेमेस्टर की दोबारा परीक्षा करानी होगी। इसके लिए नए सिरे से पेपर सेट कराना होगा। पेपर सेटिंग से लेकर प्रिंटिंग तक का खर्च, पहले से ही घाटे में चल रही यूनिवर्सिटी पर अतिरिक्त रूप से बढ़ेगा।
जिम्मेदार कौन, क्या हो सकती है कार्रवाई?
विशेषज्ञों के अनुसार यह गलती पेपर सेटर की रही होगी। क्योंकि कोर्स सेमेस्टर में डिवाइड है। किस सेमेस्टर में क्या कोर्स होगा इसकी जानकारी सभी संबंधित शिक्षकों और विद्यार्थियों को होती है। ऐसे में सेमेस्टर दो के सारे सवाल रिपीट होना बड़ी चूक है। ऐसे मामलों में यदि पेपर सेटर की गलती साबित होती है तो उसे डिबार तक किया जा सकता है।
वर्जन
विद्यार्थियों की शिकायत मिली है। इसे कंप्लेंट कमेटी में रख दिया जाएगा। किसी परीक्षार्थी ने परीक्षा नहीं दी इसकी जानकारी नहीं है। कमेटी में मामला सही पाए जाने पर दोबारा परीक्षा कराई जाएगी। कमेटी ही तय करेगी किसके खिलाफ क्या कार्रवाई की जानी चाहिए।
-हुकूम सिंह रंगा, परीक्षा नियंत्रक केयू।