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दस साल में बढ़ने की बजाय घट गईं बसें
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समय के साथ शहर का स्वरूप और दायरा जरूर बढ़ा है, लेकिन सुविधाएं बढ़ने की बजाय कम हो रही हैं। वर्ष 2011 में कुरुक्षेत्र डिपो में शामिल 168 बसों में से घटकर मात्र 143 रह गई हैं, जबकि कुरुक्षेत्र जिले को 300 से अधिक रोडवेज बस की जरूरत है। बसों की घटती संख्या के कारण कई ग्रामीण क्षेत्र में बसों का आवागमन बंद हो गया है। जिससे ग्रामीण और विद्यार्थियों को काफी परेशानी हो रही है। जिन-जिन रूटों पर बसों की सेवाएं बंद हुई है, वहां निजी वाहन चालकों की चांदी बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2011 में जिन लोकल रूटों पर पहले चार से पांच बसें होती थी वहां अब या तो एक-दो बस चल रही है या फिर रूट बंद कर दिया गया। जो रूट बंद किए गए हैं उनमें पिहोवा की ओर जाने वाले ऐसे कई रूट हैं जहां से शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का आना जाना ज्यादा था, लेकिन अब बस सेवा बंद हो जाने की वजह से विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों को निजी वाहनों से आना-जाना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, कुरुक्षेत्र से मथुरा, संगरूर, कोटद्वार, ऋषिकेश व दिल्ली तक चलने वाली बसों को बंद कर दिया गया है। हालांकि परिवहन द्वारा कोटद्वार, हल्द्वानी व दिल्ली के लिए बस सेवा फिर से शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। इसके अलावा बाकी रूटों पर भी बसें व चक्कर कम कर दिए गए हैं।
कुछ रूटों पर बंद हुई बस सेवा और कई रूट पर कम किए चक्कर
कुरुक्षेत्र को अन्य जिलों से जोड़ने वाले कुछ रूट पर बसें बंद कर दी गई है और कुछ रूट पर चक्कर कम किए गए हैं। कुरुक्षेत्र से सिरसा, हिसार, यमुनानगर और जींद तक बसें चलाई जा रही हैं। लोकल रूट में कुरुक्षेत्र से पिहोवा, गुहला, ठोल, इंद्री, इस्माईलाबाद, कौल, निसिंग और बाबैन के लिए बस चलाई गई है। इन सभी रूटों पर बसों की संख्या कम कर दी गई है। इंद्री, कौल व निसिंग के लिए अब सिर्फ एक बस लगाई गई है।
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बस सेवा बंद होने से कुरुक्षेत्र से पिहोवा के दर्जनभर से ज्यादा गांव प्रभावित
कुरुक्षेत्र से पिहोवा के लिए दो बस चलाई गई थी, जो थानेसर, बाहरी मोहल्ला, जोगनाखेड़ा, दबखेड़ी, बलाही, बगथला, छैलो, सुरमी, चनालहेड़ी, तलहेड़ी, टिकरी और भट्ट माजरा से पिहोवा जोड़ती थी। रात को बस का ठहराव बखतला में होता था। सुबह फिर इस रूट से वापस बस कुरुक्षेत्र पहुंची थी। इसके अलावा दूसरी बस थानेसर, भिवानी खेड़ा, घमूरखेड़ा, बचगावां, हसनपुर, संत्तोखपुरा, लुखी, चकचातियां, बचकी, कैंथला, मलिकपुर, टीकरी व भट्ट माजरा से होते हुए पिहोवा पहुंचती थी, लेकिन अब इन रूटों पर बस सेवा बंद होने के कारण काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
कुरुक्षेत्र से कौल, लाडवा, झांसा और इस्माईलाबाद क्षेत्र में भी प्रभावित हुई बस सेवा
कुरुक्षेत्र से कौल वाया मिर्जापुर, खानपुर, कमोदा, बारना, हथीरा व रायसन से होती हुई बस कौल पहुंचती थी। कौल से रात्रि ठहराव के बाद सुबह इसी रूट से वापस कुरुक्षेत्र आती थी। इसी तरह कुरुक्षेत्र से झांसा के लिए वाया भिवानी खेड़ा, घमूरखेड़ी, बचगावां व बोगपुर से झांसा और रात झांसा में रुकने के बाद सुबह कुरुक्षेत्र पहुंचती थी, जो अब बंद कर दी गई है। इसके अलावा कुरुक्षेत्र से उमरी और गादरी से होते हुए केवल एक बस लाडवा जाती थी, जो दिन में तीन चक्कर लगाती थी। इसी तरह कुरुक्षेत्र से वाया ठोल व इस्माइलाबाद की ओर जाने वाली कुल 8 बस चलती थी, अब मात्र चार ही रही हैं। इस क्षेत्र के ग्रामीण बस सेवा पुन: शुरू करने की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
बॉक्स
छात्रा सुरक्षा योजना के तहत चलाई गई बसें जो अब बंद हैं
-पिहोवा से भेरियां
-कुरुक्षेत्र से भेरियां
-चीका से भेरियां
-निगदू से भेरियां
बॉक्स
ऐसी बसें जो शहर के लिए चलाई गई थी, अब बंद हैं
-लाडवा से थर्ड गेट
-मथाना से थर्ड गेट
-पिपली से थर्ड गेट
-बाबैन से थर्ड गेट
-इंद्री से थर्ड गेट
बॉक्स
डिपो के पास बसें कम होने की वजह से कुछ रूटों पर बसें नहीं चल पा रही हैं। बहुत जल्द बेड़े में 35 बसें जुड़ने वाली हैं, जिससे सभी रूटों पर बसें सुचारु रूप से चलनी शुरू होंगी।
अशोक मुंजाल, रोडवेज महाप्रबंधक, कुरुक्षेत्र
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जानकारी के अनुसार वर्ष 2011 में जिन लोकल रूटों पर पहले चार से पांच बसें होती थी वहां अब या तो एक-दो बस चल रही है या फिर रूट बंद कर दिया गया। जो रूट बंद किए गए हैं उनमें पिहोवा की ओर जाने वाले ऐसे कई रूट हैं जहां से शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का आना जाना ज्यादा था, लेकिन अब बस सेवा बंद हो जाने की वजह से विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों को निजी वाहनों से आना-जाना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, कुरुक्षेत्र से मथुरा, संगरूर, कोटद्वार, ऋषिकेश व दिल्ली तक चलने वाली बसों को बंद कर दिया गया है। हालांकि परिवहन द्वारा कोटद्वार, हल्द्वानी व दिल्ली के लिए बस सेवा फिर से शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। इसके अलावा बाकी रूटों पर भी बसें व चक्कर कम कर दिए गए हैं।
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कुछ रूटों पर बंद हुई बस सेवा और कई रूट पर कम किए चक्कर
कुरुक्षेत्र को अन्य जिलों से जोड़ने वाले कुछ रूट पर बसें बंद कर दी गई है और कुछ रूट पर चक्कर कम किए गए हैं। कुरुक्षेत्र से सिरसा, हिसार, यमुनानगर और जींद तक बसें चलाई जा रही हैं। लोकल रूट में कुरुक्षेत्र से पिहोवा, गुहला, ठोल, इंद्री, इस्माईलाबाद, कौल, निसिंग और बाबैन के लिए बस चलाई गई है। इन सभी रूटों पर बसों की संख्या कम कर दी गई है। इंद्री, कौल व निसिंग के लिए अब सिर्फ एक बस लगाई गई है।
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बस सेवा बंद होने से कुरुक्षेत्र से पिहोवा के दर्जनभर से ज्यादा गांव प्रभावित
कुरुक्षेत्र से पिहोवा के लिए दो बस चलाई गई थी, जो थानेसर, बाहरी मोहल्ला, जोगनाखेड़ा, दबखेड़ी, बलाही, बगथला, छैलो, सुरमी, चनालहेड़ी, तलहेड़ी, टिकरी और भट्ट माजरा से पिहोवा जोड़ती थी। रात को बस का ठहराव बखतला में होता था। सुबह फिर इस रूट से वापस बस कुरुक्षेत्र पहुंची थी। इसके अलावा दूसरी बस थानेसर, भिवानी खेड़ा, घमूरखेड़ा, बचगावां, हसनपुर, संत्तोखपुरा, लुखी, चकचातियां, बचकी, कैंथला, मलिकपुर, टीकरी व भट्ट माजरा से होते हुए पिहोवा पहुंचती थी, लेकिन अब इन रूटों पर बस सेवा बंद होने के कारण काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
कुरुक्षेत्र से कौल, लाडवा, झांसा और इस्माईलाबाद क्षेत्र में भी प्रभावित हुई बस सेवा
कुरुक्षेत्र से कौल वाया मिर्जापुर, खानपुर, कमोदा, बारना, हथीरा व रायसन से होती हुई बस कौल पहुंचती थी। कौल से रात्रि ठहराव के बाद सुबह इसी रूट से वापस कुरुक्षेत्र आती थी। इसी तरह कुरुक्षेत्र से झांसा के लिए वाया भिवानी खेड़ा, घमूरखेड़ी, बचगावां व बोगपुर से झांसा और रात झांसा में रुकने के बाद सुबह कुरुक्षेत्र पहुंचती थी, जो अब बंद कर दी गई है। इसके अलावा कुरुक्षेत्र से उमरी और गादरी से होते हुए केवल एक बस लाडवा जाती थी, जो दिन में तीन चक्कर लगाती थी। इसी तरह कुरुक्षेत्र से वाया ठोल व इस्माइलाबाद की ओर जाने वाली कुल 8 बस चलती थी, अब मात्र चार ही रही हैं। इस क्षेत्र के ग्रामीण बस सेवा पुन: शुरू करने की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
बॉक्स
छात्रा सुरक्षा योजना के तहत चलाई गई बसें जो अब बंद हैं
-पिहोवा से भेरियां
-कुरुक्षेत्र से भेरियां
-चीका से भेरियां
-निगदू से भेरियां
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ऐसी बसें जो शहर के लिए चलाई गई थी, अब बंद हैं
-लाडवा से थर्ड गेट
-मथाना से थर्ड गेट
-पिपली से थर्ड गेट
-बाबैन से थर्ड गेट
-इंद्री से थर्ड गेट
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डिपो के पास बसें कम होने की वजह से कुछ रूटों पर बसें नहीं चल पा रही हैं। बहुत जल्द बेड़े में 35 बसें जुड़ने वाली हैं, जिससे सभी रूटों पर बसें सुचारु रूप से चलनी शुरू होंगी।
अशोक मुंजाल, रोडवेज महाप्रबंधक, कुरुक्षेत्र